BK Shivani: मन को काबू करना हर किसी के बस में नहीं, मगर मन इस सृष्टि पर बसने वाले जन मानस को किस प्रकार अपने वश में किए हुए है, ये समझना बेहद मुश्किल है। कुछ ऐसे ही अनूठे विचारों और मन में उठने वाले भावों से लोगों के मन में अपनी खास जगह बनाने वाली ये शख्सियत हैं ब्रहमकुमारी शिवानी। इनका पूरा नाम शिवानी वर्मा हैं। आमतौर पर लोग इन्हें दीदी के नाम से जानते हैं । शिवानी दीदी आध्यामिक संस्था प्रजापिता ब्रह्माकुमारीज ईश्वरीय विश्वविद्यालय में आध्यामिक शिक्षिका के तौर पर जुड़ी हैं। अवेकनिंग विद ब्रह्माकुमारी से लोगों के मध्य लोकप्रिय हुईं ब्रह्माकुमारी शिवानी लोगों को अध्यात्म की राह पर चलने की शिक्षा देती है। इसके अलावा लोगों को हर क्षेत्र में चुनौतियों का सामना करते हुए तनाव मुक्त जीवन जीने के लिए प्ररित करती हैं। उनका मानना है कि परमात्मा की शक्ति को हमें अपने अंदर महसूस करना चाहिए।
इनकी पैदाईश 31 मई 1972 में महाराष्ट्र के पुणे शहर में हुई। पढ़ाई लिखाई में हमेशा अव्वल आने वाली सिस्टर शिवानी का अधिकतर समय किताबों के साथ ही बितता था। इसी क्रम में इन्होंने सन 1994 में पुणे विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में डिग्री हासिल की। इसके अलावा दो सालों तक भारती विद्यापीठ कॉलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग पुणे में बतौर लेक्चरर भी काम किया। वहीं दूसरी ओर इनका परिवार पहले से ही ब्रह्माकुमारी संस्थान में होने वाले सत्संग में जाते थे और मैडिटेशन का अभ्यास करते थे।
मगर बावजूद इसके बहन शिवानी को इस ओर कोई खास रूचि नहीं रहती थी। मगर जब वे इस राह की ओर मुड़ी और ब्रह्माकुमारी सेंटर में जाना आरंभ किया, तो वे यहीं की हो गईं। हांलाकि इस संस्थान का हिस्सा बनने से पहले सिस्टर शिवानी का विवाह हो चुका था। ब्रह्माकुमारी संस्थान में पूर्णतया समर्पित होने से पहले शिवानी दीदी की शादी हो चुकी थी।
सिस्टर शिवानी का कहना है कि आप अपनी जिंदगी में अगर सही कार्य कर रहे हैं, सही सोच रहे हैं और दूसरों के साथ सही व्यवहार कर रहे हैं। तो असल जिंदगी में वहीं संस्कार है और आध्यात्म भी है। वे कहती है कि खुशी, प्यार, अपनापन और समानता इन सभी चीजों को अपने व्यवहार और दिनचर्या में शामिल कर लेना ही असली अध्यात्म है। हांलाकि आधुनिकता के दौर में हम ये सब कुछ पीछे छोडकर आगे बढ़ रहे हैं, जो डर, चिंता और अज्ञात पीड़ा का कारण साबित हो रही हैं।
सिस्टर शिवानी ने मैडिटेशन करना शुरू किया और उसके बाद धीरे-धीरे अध्यात्म की ओर इनकी रूचि बढ़ने लगी और साल 1995 में शिवनी पूर्ण रूप से ब्रह्माकुमारी संस्थान में समर्पित हो गयी। फिर साल 2007 में बहन शिवानी का टीवी प्रोग्राम अवेकनिंग विद ब्रह्माकुमारी प्रोग्राम की शुरुआत हुई। जीवन दर्शन और अध्यात्म पर आधारित यह प्रोग्राम बहुत ही लोकप्रिय है, इस प्रोग्राम के माध्यम से लाखों लोगों के जीवन में बदलाव आया है।
वर्तमान में सिस्टर शिवानी कई सामाजिक कार्यों से जुड़ी हुई हैं। सिस्टर शिवानी के कार्यों को हमेशा सराहा गया है। अपने नेक कार्यों की बदौलत उन्हें साल 2014 में अध्यात्मिक चेतना को सशक्त करने के लिए वुमेन ऑफ़ द डिकेड अचीवर्स पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इसके अलावा साल 2019 में नारी शक्ति अवार्ड से भी नवाज़ा गया है।
दुनियाभर में अध्यात्मिक अलख जगाने वाली संस्था प्रजापिता ब्रह्माकुमारीज ईश्वरीय विश्वविद्यालय की स्थापना दादा लेखराज जी ने सन 1936 में की। संस्था की शुरुआत कोलकाता से हुई थीं फ़िलहाल इसका मुख्यालय राजस्थान के माउन्ट आबू में स्थित है। यह संस्था लोगों को अध्यात्म से जोड़ने का नेक कार्य कर रही हैं।
