आज से भारत में नया गुड्स ऐंड सर्विस टैक्स  यानी जीएसटी लागू हो गया है।जीएसटी पिछले कुछ दिनों से देश में चर्चा का सबसे बड़ा विषय बनकर उभरा है क्योंकि इससे सभी भारतवासी प्रभावित हो रहे हैं। हालांकि इसकी बिलकुल सही जानकारी बहुत कम लोगों के पास है लेकिन फिर भी जितने मुंह, जीएसटी के बारे में उतनी ही बातें सुनाई दे रही हैं।

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने अपने भाषण में कहा कि जीएसटी लागू हुए भारत में अब चुंगियों के सामने ट्रकों की लम्बी क़तारें नहीं होंगीं, टैक्स के ऊपर टैक्स नहीं लगेगा। एक वस्तु का दाम अलग-अलग राज्य में अलग-अलग नहीं होगा बल्कि देश भर में एक ही होगा। इसके अलावा देश के सकल घरेलू उत्पाद में वृद्धि होगी और टैक्स का जाल फैलेगा। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इससे भ्रष्टाचार पर रोक लगेगी और पारदर्शिता बढ़ेगी।

इस बारे में देश के हर विशेषज्ञ के पास अपनी समझ के अनुसार अपनी अलग ही राय है। लेकिन जीएसटी क्या है, इससे फायदा क्या होगा, ये अधिकतर व्यापारियों और ग्राहकों की समझ से बाहर दिख रहा है।

सरकार की जीएसटी काउंसिल ने 1200 से ज़्यादा वस्तुओं और सेवाओं के लिए टैक्स की अलग- अलग दरें तय की हैं और इसके लिए 5 से 28 प्रतिशत के बीच अलग-अलग टैक्स श्रेणियां बनाई गई हैं। इनमें से 81 फ़ीसदी चीज़ें 18 प्रतिशत टैक्स दर के नीचे आएंगी।

जीएसटी की सबसे खास बात यह है कि इसमें खाने की बुनियादी चीज़ों जैसे दूध, नमक और अनाज आदि को टैक्स से मुक्त रखा गया है, यानी गरीबी रेखा से नीचे रहने वालों ही नहीं, बल्कि पंसारी से खुला अनाज और दालों इत्यादि को खरीदने वालों पर जीएसटी का कोई भार नहीं पड़ेगा।