महिलाओं की सर्वाधिक पढ़ी जाने वाली हिंदी मासिक पत्रिका गृहलक्ष्मी के साथ-साथ बॉलीवुड की जानीमानी अभिनेत्री और गृहलक्ष्मी की स्पेशल गेस्ट एडिटर बनीं रवीना टंडन के बॉलीवुड में 25 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में नई दिल्ली के ली मेरीडियन होटल में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसका नाम था संपूर्ण गृहलक्ष्मी। इस अवसर पर रवीना टंडन ने गृहलक्ष्मी के अप्रैल अंक का अनावरण करते हुए महिलाओं, पाठकों और पत्रकारों को अपने और गृहलक्ष्मी के बारे में अनेक राज बताए और उन्हें शैम्बोर कॉस्मेटिक्स और स्पावेक की ओर से गिफ्ट हैम्पर दिए गए।इस अवसर पर डायमंड ग्रुप के अध्यक्ष श्री नरेंद्र कुमार वर्मा, गृहलक्ष्मी के प्रकाशक श्री मनीष वर्मा और कार्यकारी संपादक वंदना वर्मा समेत गृहलक्ष्मी की पूरी संपादकीय टीम मौजूद थी।

आधी आबादी की पत्रिका
गृहलक्ष्मी के रजत जयंती समारोह के मौके पर डायमंड ग्रुप के अध्यक्ष श्री नरेंद्र कुमार वर्मा का कहना था कि कि हमारी विशेष अतिथि रवीना टंडन जी ने भी अपने फिल्मी सफर का सिल्वर जुबली वर्ष पूरा किया है, जिसका फिल्म जगत ने भी स्वागत किया है। आज हम गृहलक्ष्मी की स्पेशल गेस्ट एडिटर के रूप में उनका स्वागत कर रहे हैं। उन्होंने बताया, 25 वर्ष पूर्व गृहलक्ष्मी पत्रिका के प्रकाशन की शुरुआत करते वक्त हमने चिंतन किया कि भारत की आधी आबादी महिलाओं की है। नारी पत्नी के रूप में अपने परिवार के जीवन
निर्माण का कार्य करती है।
नवजीवन का आधार
उनका कहना था कि नारी घर की लक्ष्मी ही नहीं, बल्कि सुसंस्कृत समाज का निर्माण करने वाली राष्ट्र की आधारशिला भी होती है। शिशु में अच्छे संस्कार, कैरियर योजना, उसके व्यवहार का आधार, नव जीवन के निर्माण का दायित्व भी मां पर ही होता है। अगर वह कामकाजी भी है तो भी आने वाली पीढ़ी को अधिक कार्य कुशल बनाने का संकल्प उसके मन में होता है। नारी का शिक्षित होना, अन्याय न सहना, कर्मठ होना, अधिकारों के प्रति सजग होना और कर्तव्यनिष्ठा से अपने घर परिवार को सजाने के अलावा खुद सजना-संवरना भी उसके व्यक्तित्व को दर्शाता है। उसे मर्यादा और सामाजिक दायित्व का भी निर्वाह करना होता है। यह कठिन है, लेकिन आवश्यक है।

नारी नये युग का निर्माण करने वाली गृहलक्ष्मी है। गृहलक्ष्मी की इसी संकल्प शक्ति का हम अभिनंदन करते हैं।
प्रकाशन का मूलमंत्र
श्री वर्मा ने गृहलक्ष्मी के प्रकाशन का मूलमंत्र बताते हुए कहा कि पहला मंत्र है कि गृहलक्ष्मी प्रत्येक नारी का आत्मविश्वास बढ़ाने में सहायक हो। नारी का समाज में ओहदा बढ़े। वह शिक्षित हो क्योंकि शिक्षित नारी नई पीढ़ी को और सुसंस्कृत बना सकती है। इसीलिए हमने पत्रिका के हर अंक में महिला उत्थान पर लेख, कहानियां, व्यंग्य, कविताएं आदि रोचक, ज्ञानवर्धक और पठनीय सामग्री देना निश्चित किया। उन्होंने बिना रुके 300 अंक लगातार प्रकाशित करने के लिए गृहलक्ष्मी के प्रकाशक मनीष वर्मा का अभिनंदन करते हुए बताया कि 12 से 16 घंटे निरंतर काम करना, गृहलक्ष्मी के साथ-साथ बॉलीवुड की जानीमानी अभिनेत्री और गृहलक्ष्मी की स्पेशल गेस्ट एडिटर बनीं रवीना टंडन के बॉलीवुड में 25 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसका नाम था संपूर्ण गृहलक्ष्मी।

सुबह-शाम गृहलक्ष्मी के बारे में ही सोचना और अपनी गृहलक्ष्मी यानी अपनी पत्नी से इसके लिए कभी-कभी डांट भी खाना, जैसे कि तुम ज्यादा समय मेरी सौतन को, यानी गृहलक्ष्मी पत्रिका को देते हो, उनकी जीवन शैली बन गई है।
कंप्यूटर युग
उनका कहना था कि सच है कि आज कंप्यूटर युग के कारण लोगों की पठन रुचि में थोड़ी कमी आई है। इंटरनेट, व्हाट्सएप और सोशल साइट्स की बढ़ती लोकप्रियता के बाद भी हमने हिम्मत नहीं हारी। हम फेसबुक पर भी छा गये और गृहलक्ष्मी की वेबसाइट भी बना दी गई है ताकि आप 12 महीने और 24 घंटे गृहलक्ष्मी के संपर्क में रह सकें। उन्होंने कहा कि गृहलक्ष्मी एक ऐसी पत्रिका है जो पारिवारिक रुचि की सामग्री के साथ-साथ महिला समस्याओं पर विचार मंथन भी करती रहती है। गृहलक्ष्मी मेला, गृहलक्ष्मी किट्टी पार्टी और ‘विचार मंथन जैसे अनूठे कार्यक्रम समय-समय पर आयोजित होते हैं, ताकि हम नारी के सामाजिक महत्व को समझें और विचार करें।

उन्होंने गृहलक्ष्मी की संपादकीय टीम को बधाई देते हुए कहा कि 25 वर्ष की अवधि काफी लम्बी होती है। धूप-छांव, गर्मी सर्दी जैसे मौसमी व्यवधान के बावजूद हर अंक समय पर लाने के लिए मैं अपनी संपादकीय टीम को बधाई देता हूं, जिसमें सम्पादन में सबसे पहले जुड़ी तबस्सुमजी, वंदना वर्मा, ऋचा कुलश्रेष्ठ, अर्पणारितेश यादव, निहारिका जायसवाल, विजया मिश्रा, ग्राफिक डिजाइनर अशोक कुमार गुप्ता, अभिषेक सैनी, खेमानन्द ढौंडियाल, प्रोडक्शन में सुनील चौधरी, विशेष सलाहकार किरण बेदी, अशोक चक्रधर, संजीव कपूर, शशिकांत सदैव और संस्कृति सिंह शामिल हैं।
इसके अलावा मोनिका भारद्वाज, गरिमा चंद्रा एवं प्रवीण चंद्रा समेत समस्त मीडिया टीम का भी अभिनंदन है। अंत में उन्होंने कहा कि गृहलक्ष्मी को शौक से पढ़ें, ताकि प्रत्येक नारी गृहलक्ष्मी के सभी आयामों को जान सके और अपने व्यक्तित्व में क्रांतिकारी परिवर्तन ला सके। उन्होंने कहा, मुझे पूरा विश्वास है कि इस तरह हर नारी राष्ट्र के विकास में भी योगदान दे सकेगी।
