बड़े-बड़े शहरों में तो बहुमंजिले अपार्टमेंट बनने लगे हैं। ये अपार्टमेंट प्राय: हर प्रकार की सुख-सुविधा से युक्त होते हैं। इस कारण लोग इनमें रहना भी पसंद करते हैं। लेकिन अपार्टमेंट में रहने वाले व्यक्तियों को किसी भी प्रकार की कोई परेशानी, धन हानि तथा असफलता आदि का सामना नहीं करना पड़ता इसके लिए कुछ वास्तु उपाय हैं-
–अपार्टमेंट का आकार एक समान होना चाहिए। यह वर्गाकार या आयताकार होना आवश्यक है आपके अपार्टमेंट की ओर आने वाली सड़क शूल की रचना करती है। अत: ऐसा अपार्टमेंट नहीं लेना चाहिए।
–अपार्टमेंट के आसपास का भवन भी शूल उत्पन्न करता है। अत: इस ओर भी ध्यान देना चाहिए। ऐसे भवन से आपके अपार्टमेंट में नकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होने लगेगा। इससे आप तथा घर के लोग मानसिक तनाव, चिंता एवं दुख के भागी होंगे।
–अपार्टमेंट के मुख्य द्वार के पास ड्राइंग रूम होना चाहिए लेकिन वह रसोईघर तथा शयनकक्ष से दूर होना चाहिए। इससे सुख, शांति, सफलता और सुरक्षा की प्राप्ति होती है। अपार्टमेंट में स्थित स्नानघर, शयनकक्ष तथा शौचालय के द्वार मुख्य द्वार से नहीं दिखाई देना चाहिए।
–स्नानघर तथा रसोईघर अपार्टमेंट के मध्य में नहीं होना चाहिए। इससे अनेक प्रकार की विपत्तियों का सामना करना पड़ता है।
–अपार्टमेंट में अत्यधिक सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होना चाहिए। उसे एक कक्ष से दूसरे कक्ष में प्रवाहित होते रहना चाहिए।
–चूंकि अपार्टमेंट में अधिकांश सकारात्मक ऊर्जा मुख्य द्वार से आती है, इस कारण वहां पर प्रकाश की अच्छी व्यवस्था होनी चाहिए। साथ ही प्रवेश द्वार आकर्षक भी होना चाहिए।
–अपार्टमेंट की खिड़कियां कुछ बड़ी होनी चाहिए क्योंकि सकारात्मक ऊर्जा खिड़कियों से भी प्रवेश करती है लेकिन खिड़की मुख्य द्वार के ठीक सामने नहीं होनी चाहिए।
–अपार्टमेंट में एक द्वार के पीछे तीन से ज्यादा खिड़कियां नहीं होनी चाहिए। इनका अपवाद एक कमरे वाले फ्लैट होते हैं जिनमें दो द्वार बनाए जाते हैं।
–अपार्टमेंट में ऊर्जा टेढ़े-मेढ़े रूप में घूमना चाहिए। यदि वह सीधी रेखा में घूमेगी तो उसके लाभदायक परिणाम नष्ट हो जाएंगे।
–अपार्टमेंट में कोलाहल नहीं होना चाहिए तथा वस्तुएं अव्यवस्थित नहीं रहनी चाहिए। इससे भी सकारात्मक ऊर्जा का भरपूर लाभ नहीं प्राप्त हो पाता।
–अपार्टमेंट को भली-भांति प्रकाश युक्त रखना चाहिए तथा कमरों में अच्छी तरह लिपाई-रंगाई आदि होनी चाहिए।
–अपार्टमेंट में आंतरिक शूल-फर्नीचर के पैने कोने और किनारे, वर्गाकार स्तंभ तथा सिर के ऊपर बीम आदि से बचना चाहिए।
–अपार्टमेंट का मुख्य द्वार सदैव अंदर की ओर खुलना चाहिए।
–यदि मुख्य द्वार ड्राइंग रूम में खुलता है तो बड़े परदे का उपयोग करके ड्राइंग रूम के अधिकांश भाग को काटकर अन्य कमरों में आने-जाने का मार्ग बना सकते हैं।
–यदि अपार्टमेंट में एक शौचालय मुख्य द्वार के सामने हो तथा दूसरा शौचालय स्नानघर में हो तो मुख्य द्वार वाले शौचालय का प्रयोग न करें।
