अनसूया कोलकाता की हैं। वो जिस स्कूल से पढ़ी, वहीं से उन्हें चुनौतियों का सामना करने की सीख मिली। उनकी सीख और पढ़ाई का ही नतीजा है, जिसके चलते 87 साल पुराने एक ऐसे ब्रांड, जिस पर 200 परिवार निर्भर हैं, उसको चलाने का साहस अनसूया ने दिखाया। अनसूया सिको (cico) टेक्नोलॉजीज की चेयरपर्सन एंड मैनेजिंग डायरेक्टर हैं।
 
मैं संघर्ष जैसे शब्द का इस्तेमाल नहीं करती
मैंने अपनी जि़न्दगी के 20 वर्ष एक ऐसी बीमारी से लडऩे में निकाले हैं, जिससे मुझे मौत का भी सामना करना पड़ा। अपने पति की जान के लिए मुझे प्राधिकारों से लडऩा पड़ा। इन सबके के साथ मैंने बच्चों को बड़ा किया और उन्हें सामान्य बचपन देने की कोशिश की। उस समय मुझे खुद पर बहुत कम विश्वास था और परिवारों का भविष्य भी मुझे नजर नहीं आ रहा था, जिससे मैं पूरी तरह टूट गई थी। लेकिन फिर भी मैंने कभी संघर्ष जैसे शब्द का इस्तेमाल नहीं किया। मेरे लिए वह समय कठिन जरूर था लेकिन संघर्षपूर्ण नहीं था।
 
बिना किसी अनुभव के व्यापार चलाना चुनौती भरा
मेरी जि़न्दगी में बहुत सी चुनौतियां रही हैं और अभी भी हैं। सबसे पहली चुनौती थी बिना किसी अनुभव के व्यापार चलाना। मैं इससे पहले एक गृहिणी थी इसलिए मुझे काम करते-करते ही सब कुछ सीखना पड़ा। मुझे टेक्निकल चीजों की समझ कम थी, जो मेरे व्यापार के लिए सबसे महत्वपूर्ण है, लेकिन मेरी टीम ने इस परेशानी को भी दूर कर दिया। मुझे एक ऐसे क्षेत्र में काम करना था, जिसमें अधिकतर पुरुषों का वर्चस्व रहता है। एक महिला होने के कारण ऐसी जगह काम करना मेरे लिए थोड़ा मुश्किल रहा। मैं ऐसी जगहों पर नहीं जा पाती थी जहां माहौल महिलाओं के लिए ठीक ना हो। इस क्षेत्र में आने पर जितना असुविधाजनक मुझे महसूस होता था उतना ही दूसरे लोगों को भी होता था।
 
सफलता का दूसरा नाम टीम वर्क
मेरी सबसे बड़ी सफलता यही है कि सिको में काम करने वाले सभी लोगों ने अपने लीडर के गुजर जाने के बाद मुझ पर पूरा विश्वास रखा। अपने कॉमनसेंस और सख्त अनुशासन के जरिये मैं अपने सफर में यहां तक पहुंच पाई हूं। साथ ही बचपन में मिली मेरी शिक्षा ने भी मेरी बहुत मदद की। दूसरी बड़ी चीज़ मेरे लिए मेरी टीम है, जिनकी सोच भी मेरी तरह ही है।
 
ब्रांड को कायम रखना मेरी उपलब्धि है
मेरी सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि मैं अपनी पूरी मेहनत से इस ब्रांड को स्थिर रख पाई और समय के साथ इसे सबका मनपसन्द ब्रांड बना सकी। एक मां के रूप में मेरी उपलब्धि मेरे दो बच्चे हैं। मैंने हमेशा हाई एनर्जी लेवल पर काम किया है और अपने आपको अनुशासन प्रिय रखा है। हर बार अपनी गलतियों को स्वीकार करके उनके लिए माफी मांगना मेरे व्यापार और मेरी निजी जि़न्दगी के लिए बहुत अच्छा साबित हुआ।
 

 

 

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