svayam ko dekho
svayam ko dekho

एक फकीर दुनिया की सैर कर लौटा। उस देश के बादशाह ने, जो उसके बचपन का दोस्त था, उसे अपने यहाँ बुलाया। बादशाह ने फकीर से पूछा, “दोस्त, सारी दुनिया घूम आए।

मेरे लिए कुछ उपहार नहीं लाए?” यह सुन फकीर मुस्वफ़ुराया और बोला, “मैं दुनिया के कोने-कोने में घूमा, अनूठी चीजें देखी, पर लगा कि तुम इतने बड़े बादशाह हो, तुम्हें किस चीज की कमी होगी? फिर भी मैं तुम्हें एक नायाब तोहफा देना चाहता था। बड़ी मुश्किल से वह चीज मिली।” यह कहकर फकीर ने अपनी झोली उसकी ओर बढ़ा दी। बादशाह ने उस झोली में हाथ डाला तो एक छोटा सा आईना मिला।

फकीर बोला, मैंने सोचा तुम्हारे पास सब कुछ तो है लेकिन ऐसी कोई चीज नहीं, जिसमें तुम “खुद को देख सको।” फकीर का संकेत समझ बादशाह लज्जित हो गया।

ये कहानी ‘ अनमोल प्रेरक प्रसंग’ किताब से ली गई है, इसकी और कहानियां पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर जाएंAnmol Prerak Prasang(अनमोल प्रेरक प्रसंग)