मैं लोकल बस से कॉलेज आती-जाती थी। एक बार वापसी पर जब मेरा स्टॉप आने वाला था तो मैं दरवाजे के पास खड़ी हो गई। अचानक बस के आगे एक गाय आ गई और ड्राइवर ने बड़ी तेजी से ब्रेक लगाए। झटका इतनी जोर से लगा कि बस की रेलिंग से मेरा हाथ छूटा और मैं दरवाजे के पास वाली सीट पर बैठे लड़के की गोद में गिर पड़ी। दो मिनट तक तो मुझे समझ ही नहीं आया कि क्या हुआ था। तभी वो लड़का अपना मुंह मेरे कान के पास लाते हुए बोला, सोनयो, हुण उठ वी जाओ कि सारी जिंदगी एंदा ही कटनी है। (अब उठ भी जाओ या सारी जिंदगी ऐसे ही बितानी है)। ये सुनते ही मेरा चेहरा मारे शर्म के लाल हो गया क्योंकि बस में बैठी सभी सवारियां मेरी ओर देखकर मुस्कुरा रही थी।