एक बार एक किसान अपनी फसल बैलगाड़ी में लादकर बाजार बेचने ले जा रहा था। रास्ते में गाड़ी का पहिया एक गड्ढे में फंस गया। उसने बैलों को कोंचना शुरू कर दिया कि वे आगे बढ़ें। लेकिन बैल थे कि काफी कोशिशों के बाद भी पहिए को गड्ढे से नहीं निकाल पा रहे थे।
उसने बेरहमी से उन्हें पीटना शुरू किया लेकिन बैल भी मजबूर थे। लाचार होकर किसान ने ईश्वर से प्रार्थना शुरू कर दी कि उसकी मदद करें। बहुत देर प्रार्थना करने के बाद भी जब कोई नतीजा नहीं निकला तो उसने ईश्वर को भी बुरा-भला कहना शुरू कर दिया।
तभी वहाँ से एक साधु गुजर रहा था। उसने पूछा कि वह ईश्वर को क्यों कोस रहा है। किसान ने उसे सारा किस्सा कह सुनाया। इस पर वह बोला कि अगर तुम बैलों को मारने की बजाय खुद गाड़ी से नीचे उतारकर उसे आगे धकेलते तो पहिया तुरंत गड्ढे से बाहर निकल गया होता। किसान को अपनी गलती समझ में आ गई और उसने पहिए को बाहर निकालने में बैलों की मदद की तो पहिया गड्ढे से बाहर आ गया।
सारः जीवन में हम थोड़े से प्रयास से बड़ी मुश्किलों से बाहर आ सकते हैं।
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