Short Story: कमल को अपने कमरे में सजे फूल बहुत अच्छे लगते थे। इसलिए रिया रोज नए फूल कमरे में लगाती थी । लेकिन तीन चार दिन पहले किसी बात को लेकर दोनों के बीच हुई बहस बाजी ने कमरे लगे फूलों को मुरझा दिया । रिया ने पॉट में नए फूल नहीं लगाए। और पुराने लगे फूल मुरझा कर सूख गए। रिया ने उन्हें हटाया तक नहीं।
अब बात कुछ ज्यादा बढ़ गई हफ्ता बीतने को आया। वह मुरझाए और सूखे फूल कमरे में इधर उधर उड़ने लगे।
साथ ही साथ कमल को अपनी गलती का अहसास होने लगा । वह मन ही मन सोचने लगा सिर्फ वही थोड़ी है जो दिनभर काम करता है रिया भी तो घर में ही सही पर दिनभर काम करती है। वह भी तो थक जाती है।
मैं भी न यूं ही चिल्ला जाता हूं उसपर । क्या एक फोन का चार्जर न मिलने की बात थी मैं भी उससे क्या क्या बोल बैठा।
वह उसी वक्त उठकर गया और रिया को सॉरी बोलने लगा ।
शायद रिया भी जैसे यही सोच रही थी कमल भी तो दिनभर काम करते हैं चिड़चिड़ा गए होंगे। मैं भी न कई बार उसकी छोटी मोटी बात का यू ही बुरा मान जाती हूं।
पीछे से आवाज आई सॉरी रिया।
रिया भी बोली सॉरी कमल इतना कहकर रिया तो जैसे रोने ही लगी ।
आज बेशक उनके कमरे में मुरझाए और सूखे फूल उड़ रहे थे लेकिन एक सॉरी ने उनके मन की कड़वाहट दूर कर दिया और उनके दिल के फूल खिला दिए।
Also read: ट्रेन चल पड़ी-जब मैं छोटा बच्चा था
