जब मैं 4 वर्ष की थी, मेरी छोटी बहन शानू का जन्म हुआ शानू के आने पर मेरी दुनिया उसके चारों ओर सिमट गई थी। मैं उसे बुहत प्यार करती थी। घटना उन दिनों की है, जब शानू 3 महीने की थी। उस दिन मैं सुबह ब्रश-पेस्ट लेकर शानू के पास गई। खुद पेस्ट करके थोड़ा-सा पेस्ट शानू के मुंह में लगाकर कहा, लो शानू बेटा पेस्ट कर लो, फिर गिलास से पानी डालकर बोला अब कुल्ला कर लो। पानी गिरते ही शानू रोने लगी तो सभी घरवाले आ गये और मुझसे पूछा क्या हुआ तो मैं बोली कि शानू बेटा को पेस्ट करवाके कुल्ला करवा रही थी। आज भी घर में सभी इस घटना को याद करके खूब हँसते हैं। शानू आज दांतो की डॉक्टर बन गई है और मैं इंजिनियर , लेकिन उसे पहली बार पेस्ट कराने की घटना सभी को गुदगुदा जाती है।

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