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दालों के ये छोटे-छोटे दाने प्रोटीन के साथ ही फाइबर और अन्य महत्वपूर्ण पोषक तत्व से भरे होते हैं। भारत के हर घर में कई तरह की दालें बनाई और खाई जाती हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि कौनसी दाल में कौनसा पोषक तत्व ज्यादा होता है।
World Pulses Day 2025 : शरीर को सेहतमंद रखने के लिए प्रोटीन बेहद जरूरी माना जाता है। ये शाकाहारी लोगों के लिए प्रोटीन का मुख्य सोर्स होती हैं। दालों के ये छोटे-छोटे दाने प्रोटीन के साथ ही फाइबर और अन्य महत्वपूर्ण पोषक तत्व से भरे होते हैं। भारत के हर घर में कई तरह की दालें बनाई और खाई जाती हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि कौनसी दाल में कौनसा पोषक तत्व ज्यादा होता है। अगर नहीं तो वर्ल्ड पल्सेस डे यानी विश्व दाल दिवस पर जानते हैं यह सीक्रेट।
2016 में हुई इस दिन की शुरुआत

हर साल 10 फरवरी को वर्ल्ड पल्सेस डे मनाया जाता है। इस दिन का उद्देश्य दालों के पोषण और उनके स्वास्थ्य लाभ के बारे में लोगों को जागरूक करना है। संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 20 दिसंबर 2013 को एक प्रस्ताव पारित किया जिसमें साल 2016 को इंटरनेशनल ईयर ऑफ पल्सेस घोषित किया गया। इसके बाद 10 फरवरी 2019 को विश्व दाल दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया। आज दुनियाभर में इस दिन को सेलिब्रेट किया जाता है।
शरीर के लिए बेहद जरूरी है प्रोटीन
प्रोटीन शरीर के लिए बेहद जरूरी है, क्योंकि यह कोशिकाओं की मरम्मत और निर्माण में मदद करता है। अगर शरीर को पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन नहीं मिलता तो यह कमजोरी और कई स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है। खासकर वेजिटेरियन आहार में दालों का प्रोटीन स्रोत के रूप में महत्वपूर्ण स्थान है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूट्रिशन के एक्सपर्ट्स के अनुसार एक वयस्क व्यक्ति को प्रतिदिन करीब 50 ग्राम प्रोटीन की जरूरत होती है। महिलाओं के लिए यह मात्रा करीब 46 ग्राम है। हालांकि गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को 72 ग्राम प्रोटीन का प्रतिदिन सेवन करना चाहिए।
जानें दालें और उनमें प्रोटीन की मात्रा
वैसे तो सभी दालें प्रोटीन का भंडार होती है, लेकिन कुछ दालों में इसकी मात्रा ज्यादा होती है।
उड़द की दाल: उड़द की दाल प्रोटीन के मामले में सबसे आगे है। इसमें सबसे ज्यादा प्रोटीन होता है। 100 ग्राम उड़द दाल में लगभग 25 ग्राम प्रोटीन होता है। यह हड्डियों को मजबूत बनाने के साथ-साथ आपके पाचन तंत्र को भी बेहतर बनाती है। क्योंकि इसमें कार्बोहाइड्रेट की मात्रा 59.6 ग्राम होती है। वहीं फाइबर करीब 18.3 ग्राम पाया जाता है।
मूंग की दाल: मूंग की दाल बहुत ही सुपाच्य और हल्की होती है। यही कारण है कि लोग इसे खाना पसंद करते हैं। हल्की होने के बावजूद इस दाल में प्रोटीन की मात्रा ज्यादा होती है। 100 ग्राम मूंग दाल में करीब 24.5 ग्राम प्रोटीन होता है। यह दाल आसानी से पच जाती है, इसलिए इसे बीमारियों के दौरान सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है। इस दाल में करीब 8.2 ग्राम फाइबर होता है। इसलिए यह हल्की होती है।
अरहर की दाल : अरहर की दाल को तुअर दाल भी कहते हैं। यह भारत में सबसे ज्यादा पसंद की जाने वाली दालों में से एक है। प्रोटीन के मामले में यह दाल टॉप नंबर पर आती है। 100 ग्राम अरहर दाल में करीब 22.3 ग्राम प्रोटीन होता है। इसी के साथ इसमें 15.5 ग्राम फाइबर, 73 एमजी कैल्शियम, 670 एमजी पोटैशियम और 5.8 एमजी आयरन भी होते हैं।
चने की दाल : भारत में सिर्फ चने की दाल ही नहीं खाई जाती, बल्कि इस दाल से बना बेसन भी काफी खाया जाता है। हालांकि फाइबर से भरपूर होने के कारण यह दाल आसानी से पच नहीं पाती है। 100 ग्राम चना दाल में करीब 20 ग्राम प्रोटीन और 18.4 ग्राम फाइबर होता है। इसे खाने से आपका पेट काफी देर तक भरा हुआ रहता है।
मसूर की दाल : यह टेस्टी दाल प्रोटीन का भंडार कही जाती है। क्योंकि इसमें काफी ज्यादा प्रोटीन होता है। 100 ग्राम मसूर दाल में करीब 25 ग्राम प्रोटीन पाया जाता है। इसमें फैट मात्र 1.1 ग्राम होता है। वहीं कार्बोहाइड्रेट 60 ग्राम पाया जाता है। 7.6 ग्राम फाइबर होने के कारण यह दाल भी खाने में हल्की होती है।
