Overview: शरीर पर हल्की-सी रगड़ या छू जाने पर भी नील पड़ जाते हैं, तो इसे नज़रअंदाज़ न करें
बार-बार बिना कारण नील पड़ना छोटी समस्या नहीं है। यह शरीर में विटामिन, मिनरल्स या प्लेटलेट्स की कमी का संकेत हो सकता है। अगर आपको यह दिक्कत बार-बार हो रही है, तो डॉक्टर से ज़रूर सलाह लें और ज़रूरी जांच कराएं। समय रहते सही उपचार और पोषण से इस समस्या को आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है।
What Causes Bruises: अक्सर लोग सोचते हैं कि नील (Bruises) केवल चोट लगने पर ही पड़ते हैं। लेकिन अगर आपके शरीर पर बिना किसी खास वजह के बार-बार नीले निशान बनने लगें, तो यह शरीर से मिलने वाला एक संकेत है कि कहीं अंदरूनी कमी हो रही है। डॉक्टरों का मानना है कि यह समस्या सिर्फ त्वचा से जुड़ी नहीं, बल्कि पोषण और खून की सेहत से भी जुड़ी हो सकती है। आइए जानते हैं इसके संभावित कारण।
विटामिन C की कमी

विटामिन C कोलेजन बनाने में मदद करता है, जो त्वचा और रक्त वाहिकाओं को मजबूत रखता है। इसकी कमी होने पर छोटी-सी चोट भी खून बहने या नील बनने का कारण बन सकती है।
विटामिन K की कमी
विटामिन K खून को जमने (Blood clotting) में अहम भूमिका निभाता है। इसकी कमी से शरीर हल्की चोटों पर भी ठीक से प्रतिक्रिया नहीं दे पाता और जल्दी-जल्दी नीले निशान पड़ने लगते हैं।
आयरन की कमी
आयरन की कमी यानी एनीमिया शरीर में खून की गुणवत्ता और हीमोग्लोबिन स्तर को प्रभावित करती है। इससे खून की नाज़ुक नलिकाएं कमजोर हो जाती हैं और शरीर पर आसानी से नीले धब्बे बन सकते हैं।
प्लेटलेट्स की कमी
प्लेटलेट्स खून को जमाने का काम करते हैं। अगर किसी कारण से प्लेटलेट्स की संख्या घटने लगे, तो चोट या हल्के दबाव पर भी नील पड़ना आम हो जाता है।
बढ़ती उम्र का असर
जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, त्वचा पतली होने लगती है और खून की नलिकाएं भी कमजोर हो जाती हैं। इस वजह से बुजुर्गों को मामूली टकराने या दबाव पर भी आसानी से नील पड़ जाते हैं।
दवाइयों का असर
कुछ दवाइयां, जैसे ब्लड थिनर (खून पतला करने वाली दवाएं), ऐंटीबायोटिक्स या स्टेरॉयड्स, शरीर की खून जमने की क्षमता को कम कर देती हैं। इसकी वजह से बार-बार नील दिख सकते हैं।
प्रोटीन और पोषण की कमी
अगर डाइट में पर्याप्त प्रोटीन और ज़रूरी पोषक तत्व न हों, तो त्वचा और खून की नलिकाएं कमजोर पड़ सकती हैं। इससे शरीर के घाव भरने की प्रक्रिया धीमी हो जाती है और नील देर तक बने रहते हैं।
