Rucking for Weight Loss: वॉक फिट रहने का सबसे आसान तरीका है। तेज चलना, जॉगिंग और दौड़ना कई लोग करते हैं। लेकिन आजकल वजन कम करने और फिट रहने का नया तरीका ‘रकिंग‘ काफी चल रहा है। आपने यह शब्द शायद ही कभी सुना हो लेकिन एक बार अगर इसके फायदे जान लेंगे तो आप आसानी से यकीन नहीं कर पाएंगे।
आजकल फिट रहने के लिए लोग कई तरह की एक्सरसाइज और डाइट का सहारा लेते हैं। इनमें वॉक सबसे आसान तरीका है। तेज चलना, जॉगिंग और दौड़ना कई लोग करते हैं। लेकिन आजकल वजन कम करने और फिट रहने का नया तरीका ‘रकिंग’ काफी चल रहा है। आपने यह शब्द शायद ही कभी सुना हो लेकिन एक बार अगर इसके फायदे जान लेंगे तो आप आसानी से यकीन नहीं कर पायेंगे।
रकिंग क्या है
रकिंग पैदल चलने की तरह ही एक्सरसाइज है, बस इसमें आप भारी वजन के साथ पैदल चलते हैं। भारी वजन के लिए आप घर का सामान का बैग, ऑफिस बैग या बच्चों का भारी स्कूल बैग लेकर चल सकते हैं। यह बिना सामान के सामान्य वॉकिंग से ज्यादा फायदेमंद होता है क्योंकि जब आप वजन लेकर चलते हैं तो आपकी मांसपेशियां ज्यादा काम करती हैं।
‘रक’ या ‘रकसैक’ शब्द का अर्थ है बैकपैक। इस शब्द की शुरुआत उस समय हुई थी जब सैनिकों को उनकी ताकत और सहनशक्ति बढ़ाने के लिए रकसैक में अपना सामान ढोने का प्रशिक्षण दिया जाता था। रकिंग के दौरान सैनिकों को बैक पैक में 90 किलो वजन लादकर रोजाना 40 किलोमीटर तक चलना पड़ता है। धीरे-धीरे, आम लोग भी इस तकनीक को अपनाने लगे और आज यह एक फिजिकल फिटनेस एक्टिविटी के रूप में खूब लोकप्रिय हो रही है।
रकिंग कैसे काम करता है
रकिंग में मुख्य रूप से शरीर के निचले हिस्से की मांसपेशियों, जैसे- पैर और जांघों पर जोर पड़ता है, लेकिन जब आप वजन उठाकर चलते हैं, तो यह आपके कंधों, पीठ, और पेट की मांसपेशियों को भी सक्रिय करता है। इससे पूरे शरीर की मांसपेशियां मजबूत होती हैं और मेटाबॉलिज्म में वृद्धि होती है, जिससे तेजी से कैलोरी बर्न होती है। रकिंग में वजन के साथ चलने से शरीर को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है, जिससे आपका दिल और फेफड़े भी बेहतर तरीके से काम करते हैं। इस प्रकार, यह एक काॢडयो और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग दोनों का बेहतरीन मिश्रण है।
जानते हैं रकिंग के फायदे-
वेट लॉस में लाभकारी
अगर आप कम समय में वजन कम करना चाहते हैं तो रकिंग आपके लिये बेहतर एक्सरसाइज है। वजन लेकर चलने से आपकी कैलोरी ज्यादा बर्न होती है, जिससे जल्दी वजन कम करने में मदद मिलती है। 30 मिनट की साधारण वॉक से औसतन 125 कैलोरीज बर्न होती हैं, वहीं रकिंग से इतने ही समय में 325 कैलोरी बर्न होती है। अगर आप हर सप्ताह 30 मिनट रकिंग और सालभर में आप 31,200 कैलोरीज बर्न कर सकते हैं।
मांसपेशियों की मजबूती
जब आप वजन के साथ पैदल चलते हैं तो आपकी मांसपेशियों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, और वो मजबूत होती हैं। स्कूल और कॉलेज जाते समय कोशिश करें कि बैग लेकर पैदल चलें।
सहनशक्ति बढ़ती है
रकिंग कार्डियोवेस्कुलर सिस्टम को भी मजबूत बनाता है जिससे सहनशक्ति बढ़ती है। इसको हर दिन अपने रूटीन में शामिल करने से आप कुछ ही समय में खुद को ज्यादा शक्तिशाली महसूस करने लगते हैं।
जोड़ों पर कम दबाव
जॉगिंग की तुलना में रकिंग आपके जोड़ों और घुटनों पर कम दबाव डालता है। इसलिए यह उन लोगों के लिए बेहतर है जिन्हें घुटनों की समस्या है या जो हाई इम्पैक्ट एक्सरसाइज नहीं कर सकते।
स्ट्रेंथ और कार्डियो का सही मिश्रण
रकिंग न केवल एक स्ट्रेंथ ट्रेनिंग है, बल्कि यह कार्डियो एक्सरसाइज भी है। वजन के साथ चलने से आपके दिल की धड़कन बढ़ती है और आपका शरीर तेजी से कैलोरी बर्न करता है।
मानसिक स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद
रकिंग केवल शारीरिक ही नहीं, बल्कि मानसिक रूप से भी फायदेमंद है। ताजगी भरी हवा में चलते समय आपको तनाव से राहत मिलती है और मानसिक ऊर्जा में सुधार होता है।
रकिंग कैसे शुरू करें
अगर आप रकिंग शुरू करना चाहते हैं, तो कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है-
सही वजन चुनें
शुरुआत में हल्के वजन के साथ शुरुआत करें, जैसे कि 5-10 किलोग्राम। जैसे-जैसे आपका शरीर आदत में आ जाए, आप धीरे-धीरे वजन बढ़ा सकते हैं। बहुत ज्यादा वजन उठाने से शुरुआत में ही मांसपेशियों में खिंचाव हो सकता है, इसलिए संतुलन बनाकर चलें।
इन बातों का रखें ध्यान
एकदम से बहुत ज्यादा वजन लेकर चलने की कोशिश नहीं करें। शुरुआत हल्के वजन से करें। रकिंग शुरू करें तब आप 4-10 किलो तक का वजन लेकर चल सकते हैं। शुरुआत में थोड़ी ही दूरी तय करें, और जैसे-जैसे आपकी क्षमता बढ़े, वजन और दूरी दोनों में वृद्धि करें। अगर आप भी वजन कम करके बिलकुल फिट रहना चाहते हैं तो सही टाइम-टेबल बनाकर इस एक्सरसाइज को अपनी डेली रूटीन का हिस्सा बना सकते हैं।
आरामदायक रकसैक चुनें
रकिंग के लिए एक अच्छा और आरामदायक बैग चुनें, जो आपके शरीर पर सही तरीके से फिट हो और चलने के दौरान असुविधा न हो। इसके साथ ही बैग में उचित कंधे के पैड्स होने चाहिए, ताकि वजन का दबाव कंधों पर न पड़े।
धीरे-धीरे समय बढ़ाएं

पहले कुछ दिन हल्के वजन के साथ 20-30 मिनट तक रकिंग करें। जैसे-जैसे आपकी सहनशक्ति बढ़ती जाए, आप समय को 1 घंटे तक बढ़ा सकते हैं।
सही रास्ता चुनें
शुरुआत में समतल रास्तों पर रकिंग करें और फिर धीरे-धीरे पहाड़ी या ऊबड़-खाबड़ रास्तों पर अभ्यास करें। इससे आपकी मांसपेशियां अधिक सक्रिय होंगी और आपको बेहतर परिणाम मिलेंगे।
हाइड्रेशन का ध्यान रखें
रकिंग करते समय शरीर को अधिक पानी की आवश्यकता होती है, क्योंकि यह एक थकाने वाला व्यायाम है। इसलिए चलते समय अपने साथ पानी की बोतल रखना न भूलें।
किन्हें रकिंग नहीं करनी चाहिए
हालांकि रकिंग एक सुरक्षित और प्रभावी व्यायाम है, लेकिन कुछ लोगों के लिए यह उचित नहीं हो सकता है। यदि आप नीचे दिए गए किसी भी स्थिति में हैं, तो रकिंग शुरू करने से पहले डॉक्टर से सलाह लें।
1.जिन्हें पीठ या कंधे में पहले से चोट हो।
2.जिनका वजन अत्यधिक हो और वे हाई ब्लड प्रेशर या हृदय रोग से ग्रस्त हों।
3.गर्भवती महिलाएं या वे महिलाएं जो हाल ही में मां बनी हैं।
