क्यों होती है बवासीर या पाइल्स की समस्या और किस तरह से संभव है इसका उपचार
बवासीर या पाइल्स एक आम समस्या है जो अधिकतर मामलों में गंभीर नहीं होती। लेकिन, सही समय पर इसका उपचार कराना जरूरी है ताकि कॉम्प्लीकेशन्स से बचा जा सके।
Causes of Piles: बवासीर या पाइल्स एक सामान्य समस्या है जिसकी वजह से रोगी को मल त्याग करने में मुश्किल होती है। बवासीर सुजी हुई नसों के कारण होती हैं, जो गुदा के निचले हिस्से और मलाशय में होती हैं। यह नसें गुदा के अंदर और आसपास टिश्यू ग्रोथ का कारण बनती हैं और जिसकी वजह से परेशानी होती है। कई लोगों को यह समस्या होती है, लेकिन इसके लक्षणों को पहचानना कई बार थोड़ा मुश्किल हो सकता है। इस समस्या से बचाव के लिए हेल्दी लाइफस्टाइल महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। आइए, जानिए क्या हैं इस समस्या के कारण और लक्षण। इसके साथ ही इससे राहत पाने के तरीकों के बारे में भी जानें।
बवासीर के लक्षण (Symptoms of piles)
बवासीर के लक्षण आमतौर पर इसके प्रकार पर निर्भर करते हैं। आइए जानें बवासीर कितने प्रकार का होता है और क्या हैं इसके लक्षण
एक्सटर्नल या बाहरी बवासीर
यह समस्या गुदा के आसपास स्किन के अंदर होती हैं। इसके लक्षण इस प्रकार हो सकते हैं:
- गुदा के आसपास खुजली या परेशानी होना
- दर्द या डिस्कम्फर्ट
- गुदा के आसपास सूजन
- ब्लीडिंग
इंटरनल या अंदरूनी बवासीर
इंटरनल बवासीर की समस्या मलाशय के नीचे होती है। आमतौर पर इसे देखा या फील नहीं किया जा सकता और यह बहुत कम मामलों में परेशानी का कारण बनते हैं। लेकिन, इसके कारण मल त्याग करते हुए ब्लीडिंग या अन्य समस्याएं हो सकती हैं। मल त्याग के दौरान आप टॉयलेट टिश्यू या टॉयलेट में ब्राइट रेड ब्लड का अनुभव कर सकते हैं।
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प्रोलैप्सड बवासीर
एक्सटर्नल और इंटरनल बवासीर दोनों प्रोलैप्स हो सकते हैं। इसका अर्थ है कि यह गुदा के बाहर खिंच सकते हैं या उभर सकते हैं। यह बवासीर ब्लीडिंग या दर्द का कारण बन सकती है। इसके लक्षण इस प्रकार है:
- गंभीर दर्द
- सूजन
- इन्फ्लेमेशन
- गुदा के पास हार्ड लम्प बनना

बवासीर क्यों होता है (Why do piles happen)?
निचले मलाशय में दबाव बढ़ने के कारण बवासीर की समस्या होती है। गुदा और मलाशय के आसपास के ब्लड वेसल्स प्रेशर के कारण खींचते हैं और सूज सकते हैं, जिसके कारण बवासीर या पाइल की समस्या होती है। इसके कुछ कारण इस प्रकार हैं:
- गंभीर कब्ज
- बहुत गंभीर डायरिया
- भारी वजन उठाना
- मल त्याग करते समय जोर लगाना
रिस्क फैक्टर्स
कुछ खास फैक्टर्स के कारण पाइल्स के होने का जोखिम बढ़ सकता है, यह रिस्क फैक्टर्स इस प्रकार हैं:
- प्रेग्नेंसी- ऐसा माना जाता है कि बहुत सी गर्भवती महिलाएं बवासीर का अनुभव करती हैं। ऐसा पेल्विस में प्रेशर के बढ़ने, ब्लड वॉल्यूम के बढ़ने और कब्ज की संभावना अधिक होने के कारण होता है।
- उम्र- बवासीर बुजुर्गों में अधिक सामान्य है। ऐसा माना गया है कि पचास साल की उम्र के बाद यह समस्या होने की संभावना बढ़ जाती है।
- वजन– अधिक वजन होना भी बवासीर के खतरे को बढ़ा सकता है।
- डाइट- सही डाइट न लेने से पाइल की सम्भावना अधिक हो जाती है। जो लोग कम फाइबर युक्त आहार खाते हैं, उनमें यह समस्या अधिक पाई गयी है।

बवासीर का इलाज (Treatment of piles)
अधिकतर मामलों में, बवासीर की स्थिति में किसी तरह के उपचार की जरूरत नहीं होती। यह समस्या खुद ही ठीक हो जाती है। लेकिन, कुछ ट्रीटमेंट से इसके कारण होने वाली समस्याओं और खुजली को कम किया जा सकता है। यह तरीके इस प्रकार हैं:
जीवनशैली में बदलाव
डॉक्टर इस समस्या के उपचार के लिए सबसे पहले रोगी को सही लाइफस्टाइल को अपनाने की सलाह देते हैं। इसका एक कारण गंभीर कब्ज भी है। कब्ज से बचाव के लिए सही डाइट का चुनाव करना चाहिए। इसके लिए अपने आहार में अधिक से अधिक फाइबर को शामिल करें जैसे फल और सब्जियां।
इसके साथ ही रोगी को अधिक पानी पीने के लिए भी कहा जाएगा। अपना वजन कम करके रोगी बवासीर की गंभीरता को कम कर सकते हैं। यही नहीं, इससे बचाव के लिए एक्सरसाइज करने के लिए भी कहा जा सकता है। यह पाइल के लिए एक अच्छी थेरेपी है।
दवाइयां
बवासीर के रोगियों के लिए इसके लक्षणों को मैनेज करने के लिए कई मेडिसिनल ऑप्शन उपलब्ध हैं। जैसे:
- दर्द से राहत पहुंचाने वाली दवाइयां: कुछ ओवर-द-काउंटर पेन रिलीवर जैसे एस्पिरिन और आइबूप्रोफेन से राहत मिल सकती है।
- स्टूल सॉफ्टनर: स्टूल सॉफ्टनर और लैक्सटिव से मल त्याग करना आसान हो जाता है, जिससे दर्द कम करने में आसानी होती है।
- कॉर्टिकॉस्टेरॉइड्स: कॉर्टिकॉस्टेरॉइड्स क्रीम और ऑइंटमेंट से इन्फ्लेमेशन दर्द और खुजली कम होने में मदद मिलती है।
सर्जिकल विकल्प
अगर किसी व्यक्ति को गंभीर प्रोलैप्सड बवासीर या इंटरनल बवासीर है जिसमें ब्लीडिंग होती है, तो सर्जरी की जरूरत हो सकती है। बवासीर की स्थित में निम्नलिखित प्रोसीजर की सलाह दी जा सकती है:
- बैंडिंग: इस तरीके में डॉक्टर बवासीर के निचले हिस्से के आसपास इलास्टिक बैंड बांध देते हैं और इसकी ब्लड सप्लाई को बंद कर देते हैं।
- स्क्लेरोथेरेपी: इस तरीके में डॉक्टर पाइल में मेडिसिन को इंजेक्ट करते हैं जिससे यह सिकुड़ जाते हैं।
- इन्फ्रारेड कोगुलेशन: इस तरीके के दौरान, सर्जन इंफ्रारेड लाइट डिवाइस का इस्तेमाल करते हैं ताकि बवासीर टिश्यू को बर्न किया जा सके।
- हेमोराहाइडेक्टोमी: इस तरह की सर्जरी में बवासीर टिश्यू को पूरी तरह से रिमूव किया जाता है। इस तरीके को पूरी तरह से सुरक्षित और प्रभावी माना गया है।
- बवासीर स्टेपलिंग: इस प्रोसीजर के दौरान सर्जन बवासीर टिश्यू तक ब्लड फ्लो को ब्लॉक करने के लिए स्टेपल्स का इस्तेमाल करते हैं।

बवासीर से बचाव कैसे संभव है?
इससे पीड़ित लोग हेल्दी लाइफस्टाइल को अपना कर पाइल्स की समस्या से बच सकते हैं। यह तरीके इस प्रकार हैं:
- हाइड्रेट रहना और फाइबर युक्त आहार का सेवन करने से मल सॉफ्ट बनता है, जिससे मल त्याग में आसानी होती है। इससे बवासीर से बचाव संभव है।
- स्टूल पास करते हुए कभी भी जोर न डालें। ऐसा करने से पाइल्स के होने की संभावना बढ़ जाती है।
- भारी सामान को न उठायें। नियमित रूप से भारी चीजों को उठाने से बवासीर का जोखिम बढ़ सकता है।
- बवासीर से बचाव के लिए अपने वजन को सही बनाए रखें। वजन का अधिक होना पाइल्स की संभावना को बढ़ा सकता है। इसके लिए सही आहार का सेवन करें और एक्सरसाइज करें।
- एक्सरसाइज करने से डाइजेस्टिव सिस्टम से फूड पास होने में मदद मिलती है। इससे भी बवासीर का जोखिम कम होता है।
- अधिक समय बैठे रहने से भी बवासीर की समस्या हो सकती है। इसलिए एक जगह अधिक समय तक न बैठे रहें। अगर आप ऐसी कोई जॉब करते हैं, जिसमें आपको अधिक देर तक बैठना पड़ता है, तो बीच-बीच में ब्रेक अवश्य लें।
- जब भी आपकी मल त्याग की इच्छा हो, तो इस इच्छा को दबाएं नहीं बल्कि तुरंत मल त्याग करें। ऐसा नहीं करने से स्टूल ड्राई हो जाता है और उसे पास होने में समस्या होती है।
FAQ | क्या आप जानते हैं
बवासीर क्यों होता है (Why piles happen)?
शरीर में कैसे होती है बवासीर की शुरुआत (How do piles start in the body)?
खूनी बवासीर क्यों होता है (Why do bloody piles happen)?
क्या बवासीर एक गंभीर समस्या है?
बवासीर जड़ से खत्म कैसे होता है?
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