Overview: खानपान में छोटे-छोटे बदलाव लाकर आप अपने शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मज़बूत बना सकते हैं
इम्यूनिटी को मजबूत करने के लिए किसी महंगे सप्लीमेंट या जटिल डाइट की ज़रूरत नहीं है।सद्गुरु का कहना है कि अगर हम अपने आहार को सरल, प्राकृतिक और संतुलित बना लें, तो शरीर खुद-ब-खुद बीमारियों से लड़ने की ताकत हासिल कर लेता है।
Foods to Strengthen Immunity: आजकल की भागदौड़ भरी ज़िंदगी में लोग जल्दी-जल्दी तैयार होने वाले और प्रोसेस्ड खाने पर ज़्यादा निर्भर हो गए हैं। लेकिन इसका असर हमारी सेहत और खासकर इम्यूनिटी पर गहराई से पड़ता है। योगी और अध्यात्मिक गुरु सद्गुरु का मानना है कि अगर हम अपने भोजन को सरल, प्राकृतिक और संतुलित रखें तो बिना दवाइयों के भी शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत किया जा सकता है। आइए जानते हैं उनके बताए कुछ आसान खाद्य उपाय जो आपकी इम्यूनिटी को अंदर से मजबूत बनाने में मदद करेंगे।
ताजे और मौसमी फल का सेवन

सद्गुरु मानते हैं कि मौसमी फल शरीर को वह पोषक तत्व देते हैं जिनकी उसे उसी मौसम में सबसे अधिक ज़रूरत होती है। ये न केवल पाचन सुधारते हैं बल्कि शरीर में प्राकृतिक ऊर्जा भी बढ़ाते हैं।
हरी सब्ज़ियों को रोज़ाना डाइट का हिस्सा बनाएं
हरी पत्तेदार सब्ज़ियों में विटामिन, खनिज और फाइबर प्रचुर मात्रा में होते हैं। ये शरीर को डिटॉक्स करने के साथ-साथ इम्यूनिटी को भी मज़बूत करते हैं।
ज्यादा पका हुआ और प्रोसेस्ड खाना कम करें
सद्गुरु कहते हैं कि जो भोजन जितना प्राकृतिक रूप में होगा, उतना ही शरीर के लिए फायदेमंद रहेगा। अधिक पका हुआ और पैक्ड फूड शरीर पर बोझ डालता है।
नट्स और बीजों को शामिल करें
बादाम, अखरोट, सूरजमुखी और कद्दू के बीज में ज़रूरी फैटी एसिड और मिनरल्स होते हैं, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाते हैं।
पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं
पानी शरीर से टॉक्सिन बाहर निकालने का सबसे आसान तरीका है। साधगुरु बताते हैं कि पर्याप्त जल सेवन से न सिर्फ पाचन सही रहता है बल्कि शरीर हल्का और ऊर्जावान महसूस करता है।
दूध और दही जैसे प्राकृतिक प्रोटीन
डेयरी प्रोडक्ट्स से शरीर को प्रोटीन और कैल्शियम मिलता है। ये मांसपेशियों और हड्डियों को मजबूत करने के साथ इम्यून सिस्टम को भी सपोर्ट करते हैं।
संतुलित और समय पर भोजन
सिर्फ क्या खा रहे हैं यह मायने नहीं रखता, बल्कि कब और कितनी मात्रा में खा रहे हैं यह भी उतना ही ज़रूरी है। साधगुरु सलाह देते हैं कि हमेशा हल्का और समय पर खाना खाएं ताकि शरीर को पचाने में कठिनाई न हो।
