Overview: घरेलू विधियां, जो आज भी सेहत, त्वचा और बालों पर करती हैं कमाल का असर
आज के मॉडर्न युग में भले ही बाजार कई तरह के स्किनकेयर और हेल्थ सप्लीमेंट्स से भरा हो, लेकिन दादी मां के सरल और प्राकृतिक नुस्खे अब भी उतने ही प्रभावी हैं। ये न सिर्फ शरीर को अंदर से स्वस्थ बनाते हैं, बल्कि बिना किसी साइड इफेक्ट के रोजमर्रा की छोटी–छोटी समस्याओं का समाधान भी करते हैं।
Immunity and Beauty Remedy: हमारी दादी–नानी सिर्फ कहानियों की दुनिया ही नहीं, बल्कि घरेलू ज्ञान का खजाना भी लेकर आती हैं। चाहे मौसम बदल रहा हो, त्वचा रूखी पड़ गई हो या इम्यूनिटी कमजोर हो रही हो—उनके बताये छोटे-छोटे नुस्खे आज भी उतने ही प्रभावी हैं जितने पहले थे। ये उपाय न तो किसी बड़े खर्च की मांग करते हैं और न ही किसी केमिकल की, बल्कि सिर्फ प्राकृतिक चीज़ों से सेहत, सुंदरता और शरीर की ऊर्जा को फिर से संतुलित करने में मदद करते हैं। आज की भागदौड़ वाली जिंदगी में ये पारंपरिक नुस्खे एक बार फिर से लोगों की पसंद बन रहे हैं।
हल्दी वाला दूध

हल्दी के गुणों का ज़िक्र तो आयुर्वेद में भी मिलता है, पर दादी मां के घर में यह सबसे जरूरी ‘रात का टॉनिक’ माना जाता है। हल्दी वाला दूध सर्दी-खांसी, शरीर के दर्द या थकान में तुरंत राहत देता है। इसके एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाते हैं। कई लोग इसे रात के समय पीते हैं जिससे नींद भी गहरी आती है और शरीर अगले दिन तरोताजा महसूस करता है।
आंवला–शहद
दादी का दूसरा पसंदीदा नुस्खा है आंवला और शहद। यह मिक्स इम्यूनिटी बढ़ाने के साथ-साथ पेट को हल्का रखता है और ब्लड प्यूरीफिकेशन में भी मदद करता है। आंवला विटामिन C का खजाना है, जबकि शहद शरीर में एनर्जी बनाए रखता है। सुबह खाली पेट इसका सेवन करने से पाचन मजबूत होता है और शरीर दिनभर एक्टिव रहता है।
बेसन और दही का फेसपैक

महंगे स्किन केयर प्रोडक्ट्स आने के बावजूद आज भी घरों में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला नुस्खा है बेसन–दही का उबटन। दादी मां कहती थीं कि यह स्किन को तुरंत फ्रेशनेस देता है। बेसन टैनिंग हटाता है, दही त्वचा को मुलायम बनाता है और नींबू के कुछ बूंदें स्किन को नैचुरल ग्लो देती हैं। यह खासकर त्योहारों या किसी फंक्शन से पहले लगाया जाता है।
नारियल तेल
दादी के जमाने में हेयर ऑयलिंग सिर्फ रूटीन नहीं, बल्कि एक हेल्थ रिचुअल था। नारियल तेल बालों की जड़ों को पोषक तत्व देता है, टूटना–झड़ना कम करता है और स्कैल्प को ठंडक देता है। गर्म करके लगाया गया तेल ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाता है और बाल प्राकृतिक रूप से मजबूत होते हैं। इसके नियमित इस्तेमाल से बालों की चमक भी लौट आती है।
अदरक–तुलसी की चाय
जब भी मौसम बदलता था और गला खराब होने लगता था, दादी तुरंत तुलसी–अदरक की चाय बना देती थीं। यह चाय शरीर में गर्माहट देती है और वायरल इंफेक्शन से बचाने में बेहद कारगर मानी जाती है। इसे पीने से सांस की समस्या और खांसी पर भी जल्दी काबू पाया जा सकता है।
गर्म पानी और नींबू
सुबह खाली पेट गुनगुना पानी और नींबू पीना दादी मां का सबसे सरल लेकिन असरदार नुस्खा था। यह शरीर से टॉक्सिन निकालता है, मेटाबॉलिज़्म बढ़ाता है और वजन संतुलित रखने में मदद करता है। आज के समय में भी फिटनेस एक्सपर्ट इस रूटीन को अपनाने की सलाह देते हैं।
घी से मालिश
घी से मालिश करना शरीर को गहराई तक पोषण देता है। यह न केवल त्वचा को मुलायम बनाता है, बल्कि मांसपेशियों की जकड़न कम करता है और ब्लड सर्कुलेशन बेहतर करता है। दादी मां इसे खासकर बच्चों और बुज़ुर्गों को देने की सलाह देती थीं ताकि शरीर मजबूत रहे और हड्डियां टिकाऊ बनें।
