‘‘पिछले कुछ महीनों में मेरी खोई ऊर्जा लौट आई थी लेकिन अब मैं दोबारा हारने लगी हूँ। क्या तीसरी तिमाही में इसी तरह थकान हावी रहेगी?”

गर्भावस्था तो उतार-चढ़ावों से भरी है। सिर्फ मूड ही नहीं, ऊर्जा स्तर के लिए भी यही बात कही जा सकती है। पहली तिमाही की थकान के बाद दूसरी तिमाही में अक्सर खोई ऊर्जा लौट आती है इसलिए आप दूसरी तिमाही में कुछ भी कर सकती हैं (कसरत,सेक्स,यात्रा) लेकिन तीसरी तिमाही आते-आते ज्यादातर मम्मियां फिर से थकान की गिरफ्त में आने लगती हैं और सोफे पर पड़ने के सिवाय कोई उपाय नहीं बचता।

वैसे इसमें हैरानी वाली कोई बात नहीं है। हालांकि तीसरी तिमाही में थकान होना स्वभाविक है लेकिन इसके बावजूद और भी कई कारणों से आप थकती हैं। देखिए न, इस समय आपने कितना भार उठा रखा है। यही बढ़ा हुआ वजन आपकी थकान की वजह बन गया है। इसकी वजह  इन दिनों बढ़े हुए पेट की वजह से आप रात को गहरी नींद नहीं ले पा रही होंगी। आपके दिमाग में ढेर से कामों की लिस्ट (सामान, शिशु का नाम, डॉक्टर से पूछे जानेवाले प्रश्न वगैरह) घूमती रहती है और ऊर्जा का स्तर घटता चला जाता है। इसके अलावा दूसरे बच्चे को खिलाना-पिलाना, ऑफिस व घर की कई जिम्मवारियाँ दिमाग उलझाए रखती हैं। इन सबकी वजह से थकान दुगनी-चौगुनी हो जाती है।

लेकिन अक्सर तीसरी तिमाही के साथ थकान आती है, इसका मतलब यह नहीं कि आप तीन महीने काम से छुट्टी लेकर सोफे पर पसर जाएँगी। थकान तो एक संकेत है कि आपका शरीर आराम चाहता है। अपनी तेजी से भागती जिंदगी को थोड़ा आराम दें। गैर जरूरी कामों को लिस्ट में से काट दें।

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अपनी दिनचर्या में कुछ शिथिलता तकनीकें शामिल करें। थोड़ी कसरत करें लेकिन वह आपके लिए उपयुक्त होनी चाहिए। 30 मिनट की चहलकदमी आपको ऊर्जा देगी लेकिन एक घंटे की चहलकदमी करेंगी तो दोबारा सोफे पर लेटना पड़ेगा। कसरत भी सही समय पर करें। यदि सोने से पहले कसरत करेंगी तो बची-खुची नींद भी भाग जाएगी क्योंकि शरीर को शांत होने में समय लगता है। खाली पेट न रहें अपनी ऊर्जा का स्तर बनाए रखने के लिए समय-समय पर पौष्टिक स्नैक्स लेती रहें जैसे-चीज वक्रैकर्स, ट्रेल मिक्स, योगर्ट व स्मूदीज़ या अपना मन पसंद स्नैक, कैफीन या चीनी की बजाए इससे आपको ज्यादा बेहतर ऊर्जा मिल सकती है।

वैसे तो तीसरी तिमाही की थकान के माध्यम से कुदरत संकेत देती है कि अब भावी माता को अपनी ऊर्जा का एक-एक कतरा संजोना होगा। प्रसव के लिए अपनी सारी ताकत बचाकर रखनी होगी और उसके बाद तो ताकत व ऊर्जा की और भी जरूरत पड़ेगी।

यदि अतिरिक्त आराम के बावजूद आपकी थकान नहीं घटती तो अपने डॉक्टर से मिलें। कभी-कभी एनीमिया के कारण भी तीसरी तिमाही में थकान रहने लगती है। इसी वजह से डॉक्टर सातवें महीने में रक्त की जांच भी करते हैं ताकि समय रहते एनीमिया का इलाज हो सके।

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