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‘‘मेरा कद 5 फुट है। क्या मुझे डिलीवरी के समय कोई परेशानी हो सकती है?”
जब शिशु को जन्म देने की बात आती है तो उस समय आपका बाहरी नहीं, भीतरी आकार ज्यादा मायने रखता है। पेल्विस व शिशु के सिर का आकार तय करेगा कि डिलीवरी आराम से हो पाएगी या नहीं। इसका आपके कद से कोई लेना-देना नहीं है। कम कद का मतलब यह नहीं कि आपका पेल्विक एरिया भी छोटा होगा। वह लंबे कद वाली महिला से भी बड़ा हो सकता है।
आप इस आकार का पता कैसे करेंगी क्योंकि यह लेवल के साथ तो नहीं आते(छोटा, मध्यम, थोड़ा बड़ा)? डॉक्टर अपने पहले चेकअप में इसके आकार का थोड़ा अंदाजा लगा सकते हैं। यदि उन्हें शक हो कि शिशु का सिर निकलने में परेशानी हो सकती है तो वे अल्ट्रासाउंड की मदद लेते हैं।
आमतौर पर तो कुदरत ऐसा नहीं करती कि शिशु का सिर बड़ा हो और मां का शरीर उसके लिए छोटा हो। शिशु बड़े आराम से इस दुनिया में कदम रखते हैं और मुझे पूरी उम्मीद है कि आपके साथ भी ऐसा ही होगा।
 
आपका वजन व शिशु का आकार
 
‘‘मेरा वजन काफी बढ़ गया है। मुझे लगता है कि शिशु भी बड़ा हो गया होगा और डिलीवरी में दिक्कत आएगी।”
आपका वजन बढ़ गया है इसका मतलब यह नहीं कि शिशु का वजन भी बढ़ गया होगा। आपके शिशु का वजन कई दूसरे कारकों पर भी निर्भर करता है-जेनेटिक, जन्म के समय आपका अपना वजन, गर्भावस्था से पहले आपका वजन, आप कैसा भोजन लेती रही हैं। इस हिसाब से 35-40 पौंड वजन बढ़ने से 6-7 पौंड का शिशु हो सकता है और 25 पौंड वजन बढ़ने से 8 पौंड का शिशु हो सकता है। औसतन वजन जितना लगातार बढ़ता है, शिशु उतना ही बड़ा होता है।
डॉक्टर आपके पेट व गर्भाशय की ऊंचाई मापकर शिशु के आकार का अंदाजा दे सकते हैं। हालांकि इसमें एकाध पौंड ऊपर-नीचे हो सकता है। अल्ट्रासाउंड से भी अंदाजा हो सकता है लेकिन इसे भी बिल्कुल सटीक न मानें।
यदि शिशु बड़ा भी है तो उसका मुश्किल डिलीवरी से कोई लेना-देना नहीं है। हालांकि 6-7 पौंड का शिशु 9-10 पौंड वाले शिशु की तुलना में तेजी से बाहर आता है। अधिकतर महिलाएँ ज्यादा वजन वाले शिशु को भी बिना किसी दिक्कत के आसानी से जन्म देती हैं। यहाँ सिर्फ देखना यही होता है कि आपकी पेल्विस के मुकाबले शिशु का सिर कितना बड़ा है।