googlenews
अल्ट्रासाउंड

‘‘मैं कम वजन वाले शिशु जन्म के बारे में कई जगह पढ़ चुकी हूँ। क्या मैं इससे बचाव के लिए कुछ कर सकती हूँ?

कम वजन वाले शिशुओं के जन्म वाले कुछ मामलों का बचाव किया जा सकता है। आमतौर पर मदिरा, तंबाकू या ड्रग्स लेने वाली महिलाओं में बच्चों का वजन जन्म से ही कम होता है। भावनात्मक तनाव, कुपोषण, प्रसव पूर्व देखभाल में कमी जैसे कारकों का उपाय किया जा सकता है। इसके अलावा अगर माँ लम्बे समय से बीमार हो तो डॉक्टर की सलाह से भी बात बन सकती है। कई बार ‘समय से पहले प्रसव’ को भी रोका जा सकता है। कई शिशु बिना किसी वजह के, जन्म से ही छोटे होते हैं, जिसका कोई उपाय नहीं है।

अगर माँ का वजन भी जन्म के समय कम रहा हो, जैसे प्लेसेंटा में कमी या ‘जनेटिक डिसऑर्डर’। नौ महीने से कम की गर्भावस्था भी एक कारण हो सकती है लेकिन ऐसे मामलों में भी अच्छे आहार व प्रसव पूर्व देखभाल से शिशु का वजन बढ़ाया जा सकता है। यदि शिशु छोटा भी हो तो मेडिकल केयर उसे बचाने व स्वस्थ होकर फलने-फूलने में मदद करती है। यदि आप इस बारे में खासतौर पर चिंतित हैं तो अपने डॉक्टर से संपर्क करें। वे अल्ट्रासाउंड देख कर बता देंगे कि भ्रूण सामान्य गति से बढ़ रहा है या नहीं। यदि उसका विकास पूरा नहीं हो रहा तो उसके लिए संभावित कदम उठाए जाएंगे।

ये भी पढ़ें

आप सुपर मॉम नहीं बन सकतीं

डिलीवरी के लिए करें कुछ खास तैयारी

जानें गर्भावस्था में कब करना पड़ता है ग्लूकोज स्क्रीनिंग टेस्ट

आप हमें फेसबुकट्विटरगूगल प्लस और यू ट्यूब चैनल पर भी फॉलो कर सकती हैं।