अकेले दम बच्चे का लालनपालन, यह उनका सोचा-समझा निर्णय हो या न हो, सिंगल मदर के लिए यह जिम्मेदारी अकेले वहन करना बेहद मुश्किल होता है। ये महिलाएं अपने दम पर अकेले बच्चे को बड़ा कर पाती हैं और साथ ही अपने आपको मजबूती के साथ भावनात्मक और मानसिक रूप से सामान्य बनाए रख पाती हैं। 

अगर आप एक सिंगल मॉम हैं तो इसका मतलब यह नहीं कि गर्भावस्था में आपकी मदद के लिए कोई नहीं होगा। कोई अच्छा दोस्त या सगा, संबंधी सहायक हो सकता है। वह आपकी शारीरिक व भावनात्मक देखभाल कर सकता है। आपके डर, चिंता व तनाव को समझने वाला साथी बन सकता है। इस समय को अकेले काटने की बजाय कोई साथी या सहायक खोज लें, ताकि यह समय आसानी से बीत जाए और आपका साथ देने वाला नन्हा सा साथी इस दुनिया में कदम रख सके।

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