प्रसूति विशेषज्ञ-क्या आप एक ऐसा डाॅक्टर चाहती हैं, जो गर्भधारण से लेकर, प्रसव काल, उसके बाद भी हर तरह के खतरे और हिम्मतों से जुझ सके। तब आपको एक प्रसूति विशेषज्ञ महिला रोग विशेषज्ञ के पास जाना होगा। न सिर्फ आपको पूरी प्रसूति देखभाल देंगी बल्कि गर्भावस्था के अलावा दूसरे स्त्री रोगों की भी जांच कर सकेगी, जैसे-पैप स्मीयर, गर्भ निरोधक, स्तनों की जांच। कई डाॅक्टर सामान्य चिकित्यालय देखभाल भी देते हैं। इसलिए छोटे-मोटे रोगों के इलाज भी उनसे करवाएं जा सकते हैं।
यदि आपकी हाई–रिस्क, प्रेगनेंसी है तब आपको प्रसूति विशेषज्ञ -महिला रोग विशेषज्ञ के पास ही जाना चािहए। हो सकता है कि आपको किसी ऐसे विशेषज्ञ की भी तलाश करनी पड़ेजो आपकी इस विषय में मदद कर सकें। सामान्य प्रेगनेंसी होने के बावजूद आप अपना प्रसव कसी विशेषज्ञ से ही करवाना चाहेगी, जैसे कि 90 प्रतिशत महिलाएं चाहती हैं।
परिवारिक चिकित्सक-फैमिली डाॅक्टर वे होते हैं जो एम.डी. करने के बाद प्राथमिक देखभाल मातृत्व संबंधी तथा शिशु संबंधी देखभाल का प्रशिक्षण ले चुके होते हैं। वे भी आपको इसी तरह पूरी देखभाल दे सकते हैं । चूंकि वे आपके व आपके पूरे परिवार के इतिहास से अच्छी तरह परिचित होते हैं इसलिए वे आपकी सेहत के हर पहलू पर जानकारी दे सकते हैं यदि परेशानी खड़ी हो जाए तो वे स्वंय अपको प्रसूति विशेषज्ञ के पास जाने की राय देंगे लेकिन फिर भी आपकी देखभाल के मुद्दे से जुड़े रहेंगे।
प्रमाणित नर्स -दाई-यदि आप किसी ऐसे व्यक्ति को खोज रही हैं, जो आपको सिर्फ एक मरीज न मान कर इंसान माने और आपकी शारीरिक समस्याओं के साथ-साथ भावनात्मक उलझनें भी सुलझाएं, पोषण व स्तनपान संबंधी हिदायतें दें, बच्चे के जन्म को एक कुदरती प्रक्रिया बना दें तो शायद आप किसी नर्स/दाई की तलाश में हैं।
दाई या नर्स घरेलू प्रसव कराने में आपकी मदद कर सकती हैं । वैसे बर्थ सेंटर, जच्चा-बच्चा गृह व अस्पतालों में भी प्रशिक्षित दाइयां व नर्स काम करती हैं जैसे सच तो यही है कि वे कम खतरे वाले प्रसव ही संभाल सकती हैं यदि अचानक कोई परेशानी सामने आ जाए तो उन्हें भी डाॅक्टर व अस्पताल की ही शरण लेनी पड़ती है। यदि आप इनमें से किसी को चुनना चाहें तो पहले पता लगा लें कि वे प्रशिक्षित हैं या नहीं!
पै्रक्टिस के प्रकार
आपने अपने लिए चिकित्सक/प्रसूति विशेषज्ञ/नर्स/दाई को चुन लिया है। अब आपको यह तय करना होगा कि आप किस तरह की चिकित्सक कार्य अपनाना चाहेंगी। हर कार्य के अपने फायदे और नुकसान होते हैं।

अकेली मेडिकल पै्रक्टिस
यहां डाॅक्टर अकेला काम करता है। यदि उसे कहीं बाहर जाना पड़े तो उसके बदले में कोई दूसरा डाॅक्टर अपनी सेवाएं देता है। कोई फैमिली डाॅक्टर या प्रसूति विशेषज्ञ इसी श्रेणी में आ सकता है। नर्स व दांइया इनके साथ मिलकर काम करती हैं। इनके साथ रहने से यह फायदा होगा कि वे हर मुलाकात में आपको ज्यादा बेहतर तरीके से जान जाएंगे इसलिए आपको प्रसव के समय सब कुछ काफी आरामदेह लगेगा।
नुकसान यह है कि डाॅक्टर कहीं बाहर चले जाएं और पीछे से आपको प्रसव पीड़ा आरंभ हो जाए तो? क्योंकि आप भी नहीं जानती कि यह प्रक्रिया कब शुरू हो जाएगी। हालांकि वे इंतजाम तो कर जाएंगे लेकिन वह पर्याप्त न हुआ तो।
एक दूसरा नुकसान यह है कि आपको गर्भावस्था के दौरान महसूस हो सकता है कि डाॅक्टर के साथ मामला नहीं जम रहा यानी आप को सही देखरेख व सलाह नहीं मिल रही ऐसे में आपको नए सिरे से डाॅक्टर की तलाश करनी होगी।
(डाॅक्टर समूह ग्रुप मेडिकल पै्रक्टिस)- इस प्रक्रिया में दो या दो से अधिक मरीज की देखरेख करते हैं। वे बारी-बारी से मरीज को देखते हैं। हालांकि आप यही कोशिश करती हैं कि उसी डाॅक्टर के पास जांच के लिए जाएं जो आपको सबसे सयाना लगता है। फिर गर्भावस्था के आखिर में वे मिलकर आपकी जंाच करते हैं। पारिवारिक चिकित्सक व प्रसूति विशेषज्ञ इस सूची में आ सकते हैं। सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि आपकी सभी डाॅक्टरों से जान-पहचान हो जाएगी और डिलीवरी रूम में आपको अनजाना चेहरा नहीं दिखेगा। नुकसान यह होगा कि आप अपने प्रिय डाॅक्टर को डिलीवरी के समय पास चाहेंगी लेकिन ऐसा होना जरूरी नहीं है। अलग-अलग डाॅक्टरों की राय से आप बेचैन हो जाएंगी या आपको तसल्ली मिलेगी, यह आपकी सोच पर निर्भर करता है।
चिकित्सा संगठन कार्य– इस कार्यान्वयन में डाॅक्टर व प्रसूति विशेषज्ञ के साथ नर्स वे दाइयां भी शामिल होती हैं। इसके फायदे व नुकसान भी सामूहिक कार्य की तरह ही हैं। एक फायदा यह है कि आपको नर्स या दाई की ओर से अतिरिक्त समय व राय मिल सकती है। आपके पास विकल्प भी होगा कि दाई के साथ-साथ डाॅक्टर भी प्रसव के समय मौजूद रहें व किसी भी आपातकाल को संभाल लें।
मातृत्व केंद्र बथ्र सेंटर पै्रक्टिस-यहां प्रशिक्षित नर्स ही सब संभालती है। डाॅक्टर को जरूरत पड़ने पर ही बुलाया जाता है। कई अस्पतालों में भी ये बर्थ सेंटर होते हैं जहां कम खतरे वाली गर्भवती महिलाओं का प्रसव किया जाता है।
इन जगहों पर जाने का सबसे बड़ा फायदा यही है यहंा खर्च कम होता है। नुकसान यह है कि कोई परेशानी होने पर आपको डाॅक्टर से संपर्क करना होगा या प्रसव के दौरान जरूरत पड़ने पर किसी अजनबी डाॅक्टर से प्रसव कराना होगा।
एक सही प्रत्याशी की तलाश
जब आप अपने लिए कोई अच्छा डाॅक्टर चुन लें व चिकित्सा कार्य का चुनाव भी कर लें तो आपको इसके बाद एक सही प्रत्याशी की तलाश करनी होगी। इसके निम्नलिखित अच्छे स्त्रोत हो सकते हैं।
- आपकी स्त्री रोग विशेषज्ञ व फैमिली डाॅक्टर वे आपको अच्छी सलाह दे सकते हैं।
- मित्र व सहकर्मी जो हाल ही में इस प्रक्रिया से गुजरे हों या आप जैसी सोच व स्तर रखते हों।
कोई स्थानीय प्रसूति कराने वाली दाई/नर्स
आपके स्थानीय चिकित्सा समाज से भी डाॅक्टरों के नाम-पते मिल सकते हैं।
कोई स्थानीय अस्पताल जहां से आपको बर्थ सेंटर की भी जानकारी मिल सके।
यदि कोई उपाय न बचे तो येलो पेज की मदद लें। वहां से आप अच्छे क्लीनिक व अस्पतालों का नाम पता ले सकती हैं।
