वैसे तो यह सब गैस्टेशनल हार्मोन की देन है लेकिन कई बार थायरॉक्सिन हार्मोन की कमी की वजह से भी ऐसा होता है। त्वचा की समस्याएं, वजन बढ़ना, मांसपेशियों का दर्द व ऐंठन,याददाश्त में कमी, हाथों-पैरों की सूजन,ठंड के प्रति संवेदनशीलता आदि इसी के लक्षण हैं। इसके अलावा ‘हाइपोथयराइडिज्म’ की शिकायत हो सकती है। इसमें थायराइड की कमी होती है। ‘हाइपरथायराइडिज्म’ में  अधिक मात्रा में बनता है। इनके लक्षण आमतौर पर गर्भावस्था के लक्षणों से ही मिलते हैं। यदि आप पहले कभी थाइरॉइड की दवा खा चुकी हैं तो अपने डॉक्टर को बताएं क्योंकि गर्भावस्था में थाइरॉइड की जरूरत घट-बढ़ सकती है। यदि परिवार में किसी को यह रोग रह चुका है और आप भी यही लक्षण नोट कर रही हैं तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। एक छोटे से ब्लड टेस्ट से इसकी पुष्टि हो सकती है।

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