Health insurance: अब सीनियर सिटीज़न्स भी ले सकेंगे स्वास्थ्य बीमा
भारतीय बीमा विनियामक एवं विकास प्राधिकरण (इरडा) ने हेल्थ इंश्योरेंस खरीदने से संबंधित नियमों में बड़ा बदलाव कर दिया है। अब 65 साल से अधिक उम्र तक के लोग भी अब हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी खरीद सकते हैं।
Health Insurance for Senior Citizens : उम्र के साथ शरीर का कमजोर होना और तरह-तरह की बीमारियाँ होना स्वाभाविक है। कई बार बुढ़ापे में गंभीर बीमारियाँ भी हो जाती हैं। ऐसे में इलाज के लिए एकदम से इतना पैसा खर्च कर पाना सामान्य घरों के लोगों के लिए आसान नहीं होता है। लेकिन, अब आपको उम्र के साथ किसी भी तरह की स्वास्थ्य समस्या के लिए इलाज के लिए ना ही ख़ुद सोचने की ज़रूरत है ना ही अपने बच्चों या किसी और पर निर्भर रहने की, क्योंकि भारतीय बीमा विनियामक एवं विकास प्राधिकरण (इरडा) ने हेल्थ इंश्योरेंस खरीदने से संबंधित नियमों में बड़ा बदलाव कर दिया है। अब 65 साल से अधिक उम्र तक के लोग भी अब हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी खरीद सकते हैं। इसके साथ ही सीनियर सिटीज़न्स को अब हेल्थ इंश्योरेंस लेने पर मिलेंगे ये फ़ायदे-
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गंभीर बीमारियों को किया है शामिल

कई बीमा कंपनियाँ छोटी-मोटी बीमारियों के इलाज के लिए तो बीमा सुविधा देती हैं लेकिन गंभीर बीमारियाँ इसमें शामिल नहीं करती हैं। नये नियम के अनुसार अब हार्ट, कैंसर और एड्स जैसी गंभीर बीमारियों के लिए बीमा देने से माना नहीं किया जा सकता है।
वेटिंग पीरियड भी हुआ कम
पहले जहां इन्शुरन्स लेने के बाद लंबे समय का वेटिंग पीरियड होता था अब नये सर्कुलर के अनुसार, इरडा ने हेल्थ इंश्योरेंस वेटिंग पीरियड को 48 महीने के बजाय घटाकर 36 महीने कर दिया है। स्वास्थ्य बीमा लगातार 5 साल यानी 60 माह तक तक कवरेज जारी रहने के बाद बुजुर्गों की हर बीमारी कवर होगी। पहले यह समय-सीमा 8 साल की थी।

बनेगा डेडिकेटेड चैनल
बुजुर्गों को अपने क्लेम के लिए लंबे समय तक इंतज़ार करने की ज़रूरत नहीं है क्योंकि अब हेल्थ इंश्योरेंस कंपनियों को सीनियर सिटीजंस के क्लेम व शिकायतों का शीघ्र निपटारा करने के लिए एक डेडिकेटेड चैनल स्थापित करने का निर्देश दिया गया है। इसके तहत आपकी शिकायतों और क्लेम का निपटारा जल्दी से जल्दी किया जाएगा।

हर तरह के उपचार हैं शामिल
नये नियमों के अनुसार अब आयुष उपचार कवरेज पर कोई सीमा नहीं है। अब सिर्फ़ एलोपैथिक उपचार ही नहीं बल्कि आयुर्वेद, योग, प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी जैसी प्रणालियों के तहत उपचार को बिना किसी सीमा के बीमा राशि का कवरेज मिलेगा।

आसान किस्तों में कर सकते हैं भुगतान
बहुत से लोगों के पास बीमा के प्रीमियम के लिए एकदम से पैसा नहीं होता है ऐसे में पॉलिसीधारकों की सुविधा के लिए बीमा कंपनियों को किस्तों में प्रीमियम भरने की अनुमति देनी होगी। यानी आप छोटी और आसान किशों का विकल्प ले सकते हैं। साथ ही, लाभ आधारित बीमा वाले पॉलिसीधारक विभिन्न बीमाकर्ताओं के साथ कई क्लेम दायर कर सकते हैं।

तो, अगर आप 65 साल से ज्यादा उम्र के हैं या आपके पैरेंट्स इस उम्र के हैं और स्वास्थ्य बीमा योजना खरीदने के बारे में सोच रहे हैं, तो कई योजनाओं की तुलना करें और अपनी जरूरतों के हिसाब से किसी ख़ास योजना का चयन कर सकते हैं।
