24-Hour Dopamine Reset Challenge
24-Hour Dopamine Reset Challenge

Overview:

जिंदगी में कोई परेशानी नहीं है, फिर भी आप तनाव से घिरे रहते हैं। हर समय आपको एक खालीपन महसूस होता है। आज के समय में ऐसी परेशानियों से अधिकांश लोग घिरे हुए रहते हैं।

24-Hour Dopamine Reset Challenge: सबकुछ सही होते हुए भी आप उदास रहते हैं। जिंदगी में कोई परेशानी नहीं है, फिर भी आप तनाव से घिरे रहते हैं। हर समय आपको एक खालीपन महसूस होता है। आज के समय में ऐसी परेशानियों से अधिकांश लोग घिरे हुए रहते हैं। इसे ‘डोपामाइन डिसेन्सीटाइजेशन’ कहा जाता है। यह स्थिति हैप्पी हार्मोन डोपामाइन की कमी के कारण होती है। अब न्यूरोसाइंटिस्ट ने एक ऐसा तरीका खोज लिया है, जिससे आप खुद अपने हैप्पी हार्मोन डोपामाइन को बढ़ा सकते हैं।

ये है डोपामाइन डिसेन्सीटाइजेशन

डोपामाइन डिसेन्सीटाइजेशन की स्थिति में आपका ब्रेन अच्छे से प्रतिक्रियाएं नहीं दे पाता है।
In a state of dopamine desensitization, your brain is unable to respond properly.

डोपामाइन डिसेन्सीटाइजेशन की स्थिति में आपका ब्रेन अच्छे से प्रतिक्रियाएं नहीं दे पाता है। वह चीजों के प्रति एकदम से उत्तेजित नहीं होता, खुश नहीं हो पाता। जिससे आपको खुशी महसूस नहीं होती और आप तनावग्रस्त रहने लगते हैं। हालांकि कुछ कोशिशें करके आप मात्र 24 घंटे में ही अपने हैप्पी हार्मोन डोपामाइन का स्तर बढ़ा सकते हैं।

ऐसे करें डोपामाइन को रीसेट

न्यूरोसाइंटिस्ट टीजे पावर ने डोपामाइन रीसेट करने का एक तरीका बताया है। जिसकी मदद से आप सिर्फ 24 घंटे में ही असर देख सकते हैं। इसकी मदद से मस्तिष्क में मौजूद न्यूरोट्रांसमीटर डोपामाइन बैलेंस होने लगता है। यह प्रक्रिया शरीर के रिवॉर्ड सिस्टम को सुधारती है। जिससे आपकी फीलिंग्स पर गहरा असर होता है। धीरे-धीरे आपकी मानसिक सेहत में सुधार होने लगता है।

निराशा का सबसे बड़ा कारण है ये

सोशल मीडिया पर पोस्ट एक वीडियो में पावर ने कहा कि आज के समय में लोगों की उदासी का सबसे बड़ा कारण है स्मार्ट फोन और स्क्रीन टाइम। हालांकि लोगों को लगता है कि इससे उन्हें खुशी मिल रही है। लेकिन असल में ये जिंदगी का सुकून छीन रहे हैं। अब लोग खाने से लेकर बेड पर लेटने के दौरान, यहां तक कि बाथरूम में भी मोबाइल यूज करते हैं। सोशल मीडिया के साथ ही वॉट्सएप, ईमेल पर हर समय नजरें रहती हैं। ऐसे में डोपामाइन जरूरत से ज्यादा उत्तेजित होने लगता है। एक समय ऐसा भी आता है कि ब्रेन का यह रसायन कम होने लगता है। यही कारण है कि लोग निराशा, उदासी, दुख महसूस करते हैं।

ऐसे रीसेट करें हैप्पी हार्मोन

ब्रेन के डोपामाइन को रीसेट करने के लिए भी पावर ने एक आसान चैलेंज दिया है। इसके सिर्फ तीन नियम हैं। यह स्क्रीन टाइम को खत्म करने से जुड़ा चैलेंज है। इसमें आपको तीन स्थितियों में सिर्फ 24 घंटे स्क्रीन से दूरी बनाने की कोशिश करनी है।

चैलेंज नं. 1

खाना खाते समय किसी भी प्रकार की स्क्रीन न देखें। इसमें आपके दिनभर के सभी मील्स शामिल हैं। हालांकि इसमें कुछ लोगों को परेशानी महसूस हो सकती है। लेकिन फिर भी आप टीवी-मोबाइल देखते हुए खाना न खाएं।

चैलेंज नं. 2

चैलेंज का दूसरा चरण है बेडरूम में स्क्रीन यूज न करना। इसमें मोबाइल, टीवी, लैपटॉप, आईपैड सभी शामिल हैं। आप सोने से पहले गहरी सांस लें और बिना किसी चिंता या विचार के सोने की कोशिश करें।

चैलेंज नं. 3

पावर का कहना है कि इस चैलेंज का सबसे मुश्किल चरण है टॉयलेट में अपना मोबाइल फोन यूज न करना। जी हां, कुछ लोगों को इसकी आदत है, लेकिन आपको इसमें बदलाव करना होगा।

इन आदतों को अपनाएं

उपर दिए गए 3 चैलेंज के साथ ही डोपामाइन को बढ़ाने के लिए आप कुछ बुरी आदतों को छोड़ें और अच्छी आदतों को अपनाएं। प्रकृति के करीब रहने की कोशिश करें। घर से बाहर निकलकर ताजी धूप और हवा का एहसास करें। इससे डोपामाइन रीसेट होने में मदद मिलती है।

मैं अंकिता शर्मा। मुझे मीडिया के तीनों माध्यम प्रिंट, डिजिटल और टीवी का करीब 18 साल का लंबा अनुभव है। मैंने राजस्थान के प्रतिष्ठित पत्रकारिता संस्थानों के साथ काम किया है। इसी के साथ मैं कई प्रतियोगी परीक्षाओं की किताबों की एडिटर भी...