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मासिक धर्म स्वच्छता क्यों है जरूरी?: Menstrual Hygiene Tips
Menstrual Hygiene Tips

Menstrual Hygiene Tips: मासिक धर्म के दिनों में महिलाओं को काफी दिक्कतें हो सकती है। यक़ीनन इन दिनों में आप बहुत परेशान हो सकतीं हैं, पर क्या आप माहवारी की जरूरतों पर, उसकी स्वच्छता पर उचित ध्यान दें रहें हैं? अगर आपके अन्य दैनंदिन कार्य माहवारी में नहीं रुकते तो आपके सेहत की आवश्यक चीज़ों को नज़रअंदाज़ क्यों करें?

आइये, देखते हैं मासिक धर्म स्वच्छता जरूरी क्यों है? यदि मासिक धर्म स्वच्छता का पालन सही तरीके से नहीं किया गया तो अनेक स्वास्थ्य समस्याएँ हो सकती हैं। 

यूरिन इन्फेक्शन (यूटीआई)

 Menstrual Hygiene Tips
UTI

माहवारी के दौरान उपयोग किया जानेवाला कपडा या पैड यदि गीला रहे, या ज्यादा देर तक उपयोग में रहे, तो उससे, आपको बीमारी हो सकती है। कई बार, औरतें काम की भागदौड़ या अन्य कारणों की वजह से, बाथरूम जाने में झिझक महसूस करती हैं।  परन्तु ऐसा न करें – वरना नुकसान आप ही का है। मासिक धर्म में यदि आप समय पर बाथरूम न जाएँ और अपनी अंदरूनी जगह स्वच्छ न रखें तो उन जगहों पर बैक्टीरिया पनप सकतें हैं। इनके कारण यूरिन इन्फेक्शन भी हो सकता है। यह आपके मूत्राशय प्रणाली, जैसे मूत्र पिंड और गुर्दों (किडनी) को नुकसान पहुँचा सकता है।  

यूरिन इन्फेक्शन के कारण कई महिलाओं में पेशाब करते समय दर्द या जलन, पीठ और पेट के निचले हिस्से में भी दर्द, तेज़ बुखार जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। 

त्वचा की तकलीफ़ (स्किन राश) 

कपडे के गीलेपन और कई घंटों के इस्तेमाल से, आपके त्वचा को एलर्जी या स्किन राश, स्किन इन्फेक्शन, हो सकता है। बाजार में मिलनेवाले पैड में प्लॉस्टिक के अंश होते है, जो आपकी त्वचा के लिए हानिकारक है।  यदि आपको त्वचा पर लाल चकत्ते, जलन, खुजली होती हो तो उसको अनदेखा न करें – इलाज करें ।   

श्रोणि संक्रमण (पेल्विक इन्फेक्शन)  

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Pelvik Infection

योग्य मासिक स्वच्छता न होने के कारण कई महिलाओं में सफ़ेद पानी का जाना भी देखा जाता है। अपने अंगों की सफाई न करने से जंतु और संक्रमण (इन्फेक्शन) आपके गर्भाशय तक पहुँच सकता है। इसके कारण श्रोणि संक्रमण – जिसमें गर्भाशय और अन्य अंदरूनी हिस्सों में इन्फेक्शन होकर आपकी सेहत बिगाड़ सकता है। 

निचे दिए हुए कुछ लक्षण श्रोणि संक्रमण में पाए जाते हैं।  

• श्रोणि और उसके पास के हिस्सों में सूजन 

• पेट के निचे के भाग में दर्द 

• अंदरूनी अंगों में दर्द

• सफ़ेद निर्वहन (व्हाइट डिस्चार्ज) – सफ़ेद पानी का जाना 

• माहवारी की तकलीफें – जैसे ज्यादा दर्द, कम या ज्यादा रक्तरस्त्राव 

• दो मासिक धर्म चक्र (पीरियड्स) के बीच में दर्द या रक्तस्त्राव होना

यदि आपके गर्भाशय को बार बार इस प्रकार की तकलीफ़ होती है तो उसके कार्य में बाधाएं आ सकती हैं। यदि यह संक्रमण आपके अंडाशय (ओवरीज़) तक पहुँचता है, तो आपको और भी परेशानियाँ हो सकती है। आपका गर्भाशय और उसके अन्य भाग आपकी सेहत के साथ साथ प्रजनन कार्य (रिप्रोडक्शन) में सबसे महत्त्वपूर्ण होतें हैं। इसलिए उनके स्वास्थ्य की चिंता करना आपके लिए बेहद जरूरी है।  

कैंसर 

 Menstrual Hygiene Tips
Cancer

लम्बे समय तक पैड का उपयोग, उसमें जमा हुए रक्तस्त्राव के पदार्थ और पसीने से नम रहना, वजाइना मैं संक्रमण का खतरा बढ़ाता है। ऐसे में संक्रमण के साथ अन्य गंभीर बिमारियों का भी डर बढ़ जाता है। आज, जहाँ महिलाओं से जुडी समस्याओं में कैंसर भी तेज़ी से बढ़ रहा है, वहाँ मासिक धर्म स्वच्छता और संवेदनशील अंगों की सफाई को विशेष महत्त्व देना आवश्यक है।

मासिक धर्म स्वच्छता की कुछ उपयुक्त टिप्स

महिलाओं के समस्याओं को कई बार अनदेखा किया जाता है। अन्य सभी स्वास्थ्य समस्याओं को लेकर काफी चर्चा होती है – पर जब बात महिलाओं के मासिक धर्म की आती है तब कई महिलाएं एक अजीब झिझक महसूस करती है। पर सच बात तो यह है कि मासिक धर्म की समस्याओं पर बातचित जितनी टाली जाएगी, तकलीफें उतनी ही ज्यादा होंगी। महिलाएं माहवारी के बारे में योग्य जानकारी लें और अपनी तकलीफों के बारे में खुल कर बातें करें। जरूरत पड़ने पर डाक्टर की राय लें और अपनी समस्याओं का इलाज करें। 

अब, मासिक धर्म स्वच्छता की एहमियत के बाद, आइये, देखते है उनसे जुड़े खतरों को कम करने के तरीकें।  

• पैड समय पर बदलें – रक्तरस्त्राव के लिए पैड का उपयोग कर रहे हैं, तो अपने पैड को ४ से ६ घण्टे पर बदल दें – यदि ज्यादा स्त्राव हो तो उससे पहले भी बदल सकते हैं । ख़ास कर पहले १ से २ दिनों तक ज्यादा परेशानी हो सकती है। यदि कम स्त्राव हो रहा हो तब भी ६ से ८ घंटे से ज्यादा ना रखें।

• दोबारा उपयोग करने वाले पैड्स को स्वच्छ रखें – यदि आप कपड़े या दोबारा इस्तेमाल करने वाले पैड्स का उपयोग करते हैं तो हर बार, उसे साफ़ धोएँ – जिससे संक्रमण का खतरा ना रहे ।

• एक साथ एक से ज्यादा पैड का उपयोग ना करें – यदि आप ज्यादा रक्तस्त्राव अनुभव करतें हैं तो आप कुछ ही घण्टों में पैड बदल सकतें हैं । परन्तु एक साथ दो या ज्यादा पैड का उपयोग ना करें – उससे संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है ।

• अंदरूनी हिस्सों को साफ़ रखें – माहवारी के दौरान रक्तस्त्राव होता है । इस कारण, आप अपने अंगों को स्वच्छ रखें – पानी से धोएँ । रोज़ाना साबुन और पानी से स्नान करें । यदि स्वच्छता के लिए, आप कोई माहवारी उत्पादों का उपयोग कर रहे हो, तो विशेष ध्यान दें । यदि आपको खुजली, जलन या अन्य कोई शिकायत हो, तो उनका उपयोग ना करें ।

• स्वच्छ और आरामदायी कपडे पहने – मासिक धर्म के दौरान स्वच्छ इनर और आरामदायक कपडे पहनें । तंग कपड़ों से आपको परेशानी हो सकती है – त्वचा को ज्यादा नुकसान, जलन इत्यादि से संक्रमण (इन्फेक्शन) हो सकता है।