रैब्लेट डी कैप्सूल: उपयोग, फायदे, नुकसान, कीमत और विकल्प
Rablet D Capsule

रैब्लेट डी कैप्सूल : उपयोग, फायदे, नुकसान, कीमत और विकल्प

रैब्लेट डी कैप्सूल डॉक्टर द्वारा दी जाने वाली दवा है, जिसका प्रयोग पेट में गैस, उल्टी जैसी परेशानियों को दूर करने के लिए किया जाता है। आइए विस्तार से जानते हैं इस कैप्सूल के बारे में-

Rablet D capsule: रैब्लेट डी कैप्सूल डॉक्टर द्वारा दी जाने वाली एक एलोपैथी दवा है, जिसका इस्तेमाल मुख्य रूप से गैस्ट्रोएसोफागीयल रिफ्लक्स डिजीज, एसिड रिफ्लक्स जैसी परेशानियों को दूर करने के लिए किया जाता है। आम भाषा में बात करें तो यह एक ऐसी दवा है, जिसका इस्तेमाल सीने में जलन पेट में गैस बनना, पेट में जलन जैसी समस्याओं को कम करने के लिए होता है। यह दवा मतली, उल्टी, पार्किंसन डिजीज जैसी गंभीर स्थितियों में भी प्रभावी दवा होती है। हालांकि, इस बात का भी ध्यान रखें कि किसी भी तरह की एलोपैथिक दवा का सेवन करने से पहले एक बार डॉक्टर से विचार जरूर करें। बिना डॉक्टरी सलाह के किसी भी दवा का सेवन न करें। आइए विस्तार से जानते हैं रैब्लेट डी कैप्सूल का उपयोग, फायदे, नुकसान, कीमत और विकल्प क्या हैं?

रैब्लेट डी कैप्सूल की रासायनिक संरचना –  Rablet D Capsule Composition in Hindi

Rablet D capsule in Hindi
Rablet Capsule

रैब्लेट डी कैप्सूल मुख्य रूप से दो दवाओं का कॉम्बिनेशन है, जिसमें रैबेप्राज़ोल सोडियम और डोमपेरिडोन शामिल हैं। रैबेप्राज़ोल सोडियम एक ऐसा घटक है, जिसका प्रयोग पेट, एसिड रिफ्लक्स, अल्सर जैसी स्थितियों में होने वाली परेशानी को दूर करने के लिए किया जाता है। वहीं, डोमपेरिडोन की बात करें तो इसका प्रयोग अपच, मतली और उल्टी जैसी परेशानियों को दूर करने के लिए किया जाता है।  यह इन समस्याओं की रोकथाम में काफी प्रभावी दवाओं में से एक है। इन दोनों दवाओं का कॉम्बिनेशन आपकी परेशानियों को काफी हद तक कम कर सकता है।

Read More : पैनटॉप की रासायनिक संरचना | नेक्सप्रो की रासायनिक संरचना

रैब्लेट डी कैप्सूल के उपयोग – Rablet D Capsule uses in Hindi

रेबलेट डी कैप्सूल पाचन और पेट से जुड़ी कई तरह की समस्याओं को दूर करने में प्रभावी दवाओं में से एक है। यह निम्न समस्याओं के लक्षणों को सुधारने और कंट्रोल करने में असरदार होता है। आइए जानते हैं रैब्लेट डी कैप्सूल का प्रयोग क्या है?

  • पेट में होने वाले अल्सर की परेशानी को दूर करने के लिए इस कैप्सूल का इस्तेमाल हो सकता है। 
  • यह कैप्सूल खट्टी डकार की परेशानी को कम कर सकता है। 
  • आंत के अल्सर का इलाज करने में भी रैब्लेट डी कैप्सूल फायदेमंद होता है।
  • यह कैप्सूल जठर-संबंधी अम्लता को कम करने में उपयोगी होता है। 
  • इसके उपयोग से जठरांत्र संबंधी भाटा को कम किया जा सकता है। 
  • यह डायबिटीज गैस्ट्रोपरेसिस से संबंधित लक्षणों का इलाज करने में उपयोगी होता है। 
  • इस दवा के प्रयोग से मतली और उल्टी का भी उपचार किया जा सकता है। 
  • यह गैस, अपच, सीने में जलन जैसी स्थितियों में भी उपयोगी दवाओं में से एक है। 
  • पेट की परिपूर्णता जैसी स्थितियों में भी इस दवा का उपयोग किया जाता है।
Rablet D capsule in Hindi
Acid Reflux

रैब्लेट डी कैप्सूल के फायदे – Rablet D Capsule Benefits in Hindi

गैस्ट्रोओसोफेगल रिफ्लक्स डिसीज़ में फायदेमंद

रैब्लेट डी कैप्सूल गैस्ट्रोओसोफेगल रिफ्लक्स डिजीज की समस्याओं को कम करने में फायदेमंद होता है। यह एक क्रोनिक यानी दीर्घकालिक समस्या है, जिसकी वजह से पेट में एसिड बनने लगता है। इस स्थिति में रैब्लेट डी कैप्सूल आपके पेट में एसिड की मात्रा को कम करने में प्रभावी होता है। साथ ही यह कैप्सूल सीने में होने वाली जलन और एसिड रिफ्लक्स से संबंधित दर्द की समस्याओं को दूर करने में काफी ज्यादा प्रभावी माना जाता है। 

गैस्ट्रोओसोफेगल रिफ्लक्स डिजीज की स्थिति में आपको इस दवा का सेवन ठीक वैसे करने की जरूरत होती है, जैसे आपको डॉक्टर दिशा निर्देश दें। साथ ही आपको अपने लाइफस्टाइल में कुछ बदलाव की जरूरत होती है। इसके साथ अगर आप नियमित रूप से रैब्लेट डी कैप्सूल का सेवन करते हैं, तो इससे काफी हद तक हार्टबर्न, भूख न लगने की स्थिति, पेट में गैस बनना, एसिड की मात्रा बढ़ना जैसे लक्षणों को कम किया जा सकता है। 

पेप्टिक अल्सर डिसीज़ का करे इलाज

रैब्लेट डी कैप्सूल पेप्टिक अल्सर डिजीज जैसी गंभीर स्थिति का इलाज करने में फायदेमंद होता है। यह एक ऐसी समस्या है, जिसकी वजह से पेट या आंत के आंतरिक दीवारों पर घाव बनने लगता है। इस स्थिति में डॉक्टर आपको रैब्लेट डी कैप्सूल लेने की सलाह देते हैं। यह कैप्सूल पेट में एसिड के स्तर को कम कर सकता है। ध्यान रखें कि अल्सर जैसी स्थितियों में इस दवा का सेवन करने के लिए डॉ़क्टर से सभी दिशा-निर्देशों को अच्छे से फॉलो करें।

कुछ अन्य फायदे

  • खट्टी डकार की परेशानी को कम करने में है फायदेमंद
  • सीने के जलन की परेशानी को कम करने में प्रभावी दवा है।
  • गैस की वजह से होने वाले सिरदर्द की परेशानी में फायदेमंद
  • गैस के कारण पेट फूलने की स्थिति को दूर कर सकता है, इत्यादि।

Read More : रैनटेक 150 टैबलेट के फायदे | मोबिज़ोक्स टैबलेट के फायदे

रैब्लेट डी कैप्सूल के साइड इफेक्ट एवं नुकसान- Rablet D Capsule Side Effects in Hindi

रैब्लेट डी कैप्सूल में दो घटक मुख्य रूप से होते हैं। इन घटक से कुछ लोगों को एलर्जी की शिकायत हो सकती है। हालांकि, जब हमारे शरीर इस दवा का आदी हो जाता है, तो इससे नुकसान अपने आप कम हो जाते हैं। लेकिन कुछ स्थितियों में इसकी गंभीरता बढ़ जाती है, ऐसे में डॉक्टर से सलाह की जरूरत होती है। आइए जानते हैं रैब्लेट डी कैप्सूल के नुकसान क्या हैं?

  • पेट में दर्द और दर्द की परेशान होना
  • डकार, मतली और उल्टी की समस्या होना
  • चक्कर आना और तेज सिरदर्द होना
  • मनोव्यथा महसूस होना
  • स्किन पर रैशेज और खुजली होना
  • स्तन वर्धन या फिर ब्रेस्ट में दर्द महसूस होना
  • मासिक धर्म अनियमित और स्तनपान संबंधी विकार होना
  • शारीरिक रूप से कमजोरी महसूस होना
  • अपच और गले में खराश होना
  • जोड़ में दर्द और कूल्हे की अस्थिभंग होना
  • कब्ज की परेशानी होना
  • पीठ दर्द महसूस होना
  • सीने का दर्द, गैस और मांसपेशियों में दर्द होना
  • मुंह का ड्राई होना
  • पेट फूलना, ग्रसनीशोथ, फ्लू सिंड्रोम और संक्रमण होना
  • खांसी और अनिद्रा की शिकायत होना, इत्यादि।
Rablet D capsule in Hindi
Asleep

ध्यान रखें कि अगर इन में से कोई भी लक्षण अगर आपको लंबे समय तक महसूस हो रहा है, तो ऐसी स्थिति में तुरंत अपने डॉक्टर से सलाह लें।

रैब्लेट डी कैप्सूल का इस्तेमाल कैसे करें – How to Take Rablet D Capsule in Hindi

रैब्लेट डी कैप्सूल का सेवन हर व्यक्ति को अलग-अलग तरह से करने की सलाह दी जाती है। ऐसे में डॉक्टर के निर्देशानुसार ही इस दवा का सेवन करें। इस दवा को मुख्य रूप से व्यक्ति के वजन और बीमारी की जटिलताओं के आधार पर डोज को निर्धारित किया जाता है। 

  • अगर आपको किसी तरह की गंभीर परेशानी है, तो ऐसे में डॉक्टर के सभी निर्देशों को बेहतर ढंग से फॉलो करें। 
  • इस दवा को मुख्य रूप से दिन में दो बार पानी के साथ लेने की सलाह दी जाती है।
  • रैब्लेट डी कैप्सूल को खाना खाने से आधे घंटे पहले या खाना खाने के करीब आधा घंटा बाद खाने की सलाह दी जाती है। 
  • ध्यान रखें कि कैप्सूल को तोड़कर या फिर कुचलकर इसका सेवन न करें। इसे सीधे पानी के साथ निगलकर लें। 
  • बच्चों और जानवरों को संपर्क से इस दवा को दूर रखने की कोशिश करें
  • सीधे धूप और नमी वाले स्थान पर रैब्लेट डी कैप्सूल को न रखें। इससे दवा खराब हो सकती है। 
  • ध्यान रखें कि अगर गलती से दवा की खुराक छूट जाए, तो याद आने पर तुरंत इसका डोज लें। अगर काफी देर हो गया है और दूसरी खुराक का वक्त हो गया है, तो एक साथ दो दवाओं का सेवन न करें। उस समय सिर्फ 1 ही दवा लें। 
  • अगर आपने दवा का ओवरडोज ले लिया है और इसके साइड-इफेक्ट्स नजर आ रहे हैं, तो फौरन अपने डॉक्टर से सलाह लें। साथ ही इमर्जेंसी में अपना चेकअप कराएं, ताकि गंभीर स्थिति से बचाव किया जा सके।

Read More : क्रिमसन 35 टैबलेट का इस्तेमाल | म्यूकोलाइट सिरप का इस्तेमाल

रैब्लेट डी कैप्सूल की कीमत – Rablet D Capsule Price in Hindi

रैब्लेट डी कैप्सूल के एक पत्ते की कीमत 232.65 रुपये है, जिसमें आपको 10 कैप्सूल प्राप्त होते हैं। हालांकि, कुछ ऑफलाइन और ऑनलाइन मेडिकल स्टोर पर छूट की वजह से कीमतों में बदलाव हो सकता है। ऐसे में अपने मेडिकल स्टोर पर इसकी सही कीमत जरूर जान लें।

Rablet D capsule in Hindi
Capsule

रैब्लेट डी कैप्सूल की विकल्प – Rablet D Capsule Substitute in Hindi

ध्यान रखें किसी भी दवा का विकल्प के रूप में इस्तेमाल करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। रैब्लेट डी कैप्सूल के कुछ विकल्प निम्न हैं-

  • रैबोनिक 40 डीएसआर कैप्सूल
  • रेकूल 40-डी कैप्सूल एसआर
  • रैफ्रोन डी 30mg/40mg कैप्सूल एसआर
  • एरोरैब एचडी 30mg कैप्सूल, इत्यादि।

दवा के पत्ते पर बनी लाल लाइन का असली मतलब जानिए—डिज़ाइन नहीं, चेतावनी का निशान है

Red Line Medicine Meaning: हम अक्सर दवाइयां लेते हैं, लेकिन कभी-कभी उनके पत्ते (strip) पर बनी लाल रंग की लाइन पर गौर नहीं करते।…

डोलो को ‘चॉकलेट’ की तरह खाना क्यों ठीक नहीं: DOLO Trending

DOLO Trending: हाल ही में अमेरिका के एक डॉक्टर और स्टैंडअप कॉमेडियन डॉ. पलानीअप्पन मणिक्कम का एक ट्वीट सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। उन्होंने…

नेफ्रोसेव्ह टैबलेट (Nefrosave Tablet in Hindi): उपयोग, फायदे, नुकसान, कीमत और विकल्प

Nefrosave Tablet: नेफ्रोसेव्ह टैबलेट का उपयोग किडनी से जुड़ी बीमारियों के उपचार के लिए किया जाता है। इसे डॉक्टर द्वारा निर्देशित और निर्धारित खुराक और…

रेलेंट टैबलेट (Relent Tablet in Hindi): उपयोग, फायदे, नुकसान, कीमत और विकल्प

Relent Tablet in Hindi :  रेलेंट टैबलेट का सेवन करने से एलर्जी के लक्षणों में सुधार किया जा सकता है। आइए जानते हैं इसका उपयोग,…

सुहाग्रा 100 टैबलेट (Suhagra 100 Tablet in Hindi): उपयोग, फायदे, नुकसान, कीमत और विकल्प

Suhagra 100 Tablet in Hindi : सुहाग्रा पुरुषों की परेशानियों को दूर करने वाली दवा है, जिसका प्रयोग रेक्टाइल डिसफंक्शन का इलाज करने में होता है।

सेलीन 500 एमजी टैबलेट (Celin 500 MG Tablet): उपयोग, फायदे, नुकसान, कीमत और विकल्प

Celin 500 MG Tablet:विटामिन सी शरीर के लिए बहुत ही ज्यादा जरूरी होता हैI इससे हमारे शरीर को सही तरीके से काम करने में मदद…

डेफलॉन 500 एमजी टैबलेट(Daflon 500 Tablet in Hindi): उपयोग, फायदे, नुकसान, कीमत और विकल्प

Daflon 500 Tablet: डेफलॉन 500 एमजी टैबलेट का उपयोग बवासीर के उपचार के लिए किया जाता है। इसके अलावा इसका इस्तेमाल गुर्दे के नसों में…

अस्वीकरण

इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैंI गृहलक्ष्मी इनकी पुष्टि नहीं करताI इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करेंI

FAQ | क्या आप जानते हैं

क्या ब्रेस्टफीडिंग कराने वाली महिलाएं रैब्लेट डी कैप्सूल का सेवन कर सकती हैं?

जी नहीं, स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए यह दवा सुरक्षित नहीं है। यह दूध में स्त्रावित हो सकता है, जो बच्चे को नुकसान पहुंचा सकता है।

क्या रैब्लेट डी कैप्सूल का खाली पेट सेवन कर सकते हैं?

जी हां, इस दवा को लेने के करीब आधे घंटे बाद ही भोजन करना चाहिए। वहीं, खाने के 1 घंटे बाद ही इसका सेवन करने की सलाह दी जाती है।

क्या प्रेगनेंसी में रैब्लेट कैप्सूल का इस्तेमाल करना सुरक्षित है?

नहीं, प्रेग्नेंसी में किसी भी तरह की दवा का सेवन करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना बेहद जरूरी है। 

क्या रैब्लेट डी कैप्सूल लेने के बाद गाड़ी चला सकते हैं?

जी नहीं, रैब्लेट डी कैप्सूल लेने के बाद कुछ लोगों को फोकस करने में कमी महसूस होती है। ऐसी स्थिति में गाड़ी चलाना सुरक्षित नहीं माना जाता है। 

क्या रैब्लेट डी कैप्सूल की लत लगती है?

जी नहीं, यह डॉक्टर द्वारा सुझाई गई दवा है, जिसकी लत नहीं लगती है।

निक्की मिश्रा पिछले 8 सालों से हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े मुद्दों पर लिख रही हैं। उन्होंने ग्वालियर के जीवाजी यूनिवर्सिटी से इकनॉमिक्स में एमए और भारतीय विद्या भवन से जर्नलिज़्म की पढ़ाई की है। लिखना उनके लिए सिर्फ एक प्रोफेशन...