आजकल एकल परिवारों का चलन भले ही बढ़ा है लेकिन किसी भी परिवार में रिश्ते और बेहतर होते हैं जब सभी परिवारजन साथ में ज्यादा से ज्यादा वक्त गुजारें। इससे न सिर्फ एक-दूसरे के साथ बॉन्डिंग मजबूत होती है बल्कि इससे सदस्यों में सुरक्षा की भावना भी मन में आती है। कई रिसर्च में यह बात साबित हुई है कि जिस परिवार के सदस्य साथ में ज्यादा वक्त गुजारते हैं, उनमें बच्चों में बेहतर सोशल स्किल्स डेवलप होते हैं और उनका कॉन्फिडेंस और आत्म सम्मान भी उच्च स्तर पर रहता है। परिवार जनों के बीच बेहतर रिश्ते की वजह से बढ़ते बच्चों का व्यवहार भी अच्छा रहता है। साथ ही उनकी एकेडेमिक परफॉरमेंस सुधरती है। अपने बिजी शेड्यूल और भाग दौड़ भरी जिंदगी से वक्त निकालकर आप कैसे आप परिवार में रिश्तों की नींव को और मजबूत कर सकते हैं। आइए जानते हैं।
फैमिली टाइम प्लान करें: चाहे कितने बिजी क्यों न हों। दिन या हफ्ते में कुछ वक्त ऐसा जरूर निकालें जिसे आप केवल अपने परिवार के साथ बिताएं।अगर आपके स्कूल जाने वाले बच्चे हैं तो उनसे पढ़ाई-लिखाई के बारे में जानकारी लें। उनकी हॉबी पर चर्चा, किसी टॉपिक पर उनके साथ डिस्कशन करें। अगर घर में बड़े-बुजुर्ग हैं तो उनके साथ बैठें। उनकी सेवा करें। देश, दुनिया, धर्म, खाने-पीने या अन्य किसी टॉपिक पर चर्चा करें। संडे या छुट्टी वाले दिन कोई ऐसी फन एक्टिविटी प्लान करें जिसमें सभी फैमिली मेंबर्स हिस्सा ले सकें। अगर वीकेंड पर टाइम मिलें तो आसपास का कोई ट्रिप प्लान करें।

साथ खाना खाएं: बिजी शेड्यूल की वजह परिवार के सभी सदस्य साथ खाना नहीं खा पाते लेकिन एक रूल बनाएं। सप्ताह में एक दिन ऐसा निकालें जिसमें सब लोग साथ बैठकर खाना खाएं।इस दौरान कोई फ़ोन या गैजेट न चलाएं और एक-दूसरे के साथ खूब बातचीत करें। स्टडीज में यह खुलासा हुआ है कि जो परिवार साथ में खाना खाता है उसमें पलने-बढ़ने वाले बच्चों का शारीरिक और मानसिक विकास बेहतर होता है। साथ ही इसके सदस्यों के बीच बॉन्डिंग भी मजबूत होती है।

घर के साथ काम साथ करें: घर के काम साथ में करने से भी फैमिली बॉन्डिंग बढ़ती हैं। इसके लिए सदस्यों की लिस्ट बना लें और कौन क्या काम करेगा, यह पहले तय कर लें। जैसे कोई साफ-सफाई की जिम्मेदारी ले तो कोई कपड़े धोने की। कुछ सदस्य साथ में कुकिंग की जिम्मेदारी उठा सकते हैं। इससे घर के काम तो जल्दी निपट ही जाएंगे। साथ ही काम साथ करने से सदस्यों के बीच बॉन्डिंग भी बेहतर होगी।
फैमिली मीटिंग करें: सप्ताह या महीने में कुछ घंटे ऐसे निकालें जिसमें सभी सदस्य मिलकर एक मीटिंग करें। इसमें अगर किसी सदस्य को कोई परेशानी आ रही है तो वो खुलकर कहे। सभी उसका हल निकालें। खर्चों, फ्यूचर प्लानिंग, वेकेशन प्लानिंग या आने वाले कोई बड़े आयोजन की चर्चा कर सकते हैं ताकि उसमें सभी अपनी राय दे सकें।

सपोर्ट सिस्टम बनें: अगर परिवार के किसी सदस्य को कोई भी परेशानी आ रही है तो उसकी मदद के लिए हमेशा तत्पर रहें। विपत्ति में परिवार का ही सहारा होता है। ऐसे में आप किसी की मदद करेंगे तो परेशानी में वो भी आपकी मदद करेगा। अगर आप उसकी परेशानी का हल नहीं निकाल सकते तो कम से कम उसे भावनात्मक सपोर्ट जरूर दें इससे परिवार में रिश्ते और गहरे होंगे।

