हुआ कि यदि आप 2000कैलोरी लेने वाली महिला हैं तो आपको दो लीटर पानी पीना चाहिए.इसमें सिर्फ़ सादा पानी नहीं,बल्कि फलों,सब्ज़ियों और दूसरे पेय पदार्थ से मिलने वाला पानी भी शामिल है.एक सोच यह भी है कि,एक दिन में कम से कम आठ गिलास पानी पीना चाहिए.कई दशक से चली आ रही यह सोच, इस क़दर हावी हो गई है कि हम इस पैमाने के हिसाब से भारी कमी के शिकार हैं.

उम्र के हिसाब से पानी-एक से आठ साल तक के बच्चों को लगभग 1.3 से1.7 लीटर,यानी 5-6 ग्लास तक पानी रोज़ाना पीना चाहिए.इसके बाद 9-17 साल की उम्र तक के किशोरों को 12.ग्लास18.वर्ष की युवा आयु से लेकर 60 वर्ष प्रौढ़ता अवस्था तक के पुरुषों को 14.ग्लास यानी तीन लीटर पानी का सेवन रोज़ करना चाहिए,जब कि वहीं वयस्क महिला को 2.2.लीटर यानी 10 ग्लास के लगभग पानी रोज़ पीना चाहिए.

     हम पसीने,पेशाब,और साँसों के ज़रिए भी अपने शरीर से पानी को निकालते रहते हैं.इसलिए ये ज़रूरी है कि,शरीर में पानी की ज़रूरी मात्रा बनी रहे.क्योंकि यदि हमारे शरीर में पानी की कमी हो जाती है तो हम डीहायड्रेशन यानी ,पानी की कमी के शिकार हो जाते हैं,कई बार तो पानी की कमी घातक सिद्ध होती है.

प्यास लगने पर पानी पीना -सबसे अच्छा विकल्प है,क्योंकि इसमें कैलोरी नहीं होती,पर हम प्यास लगने पर चाय,कौफ़ी ,कोल्ड ड्रिंक,या दूसरे पेय पदार्थ लेकर भी पानी की कमी पूरी कर सकते हैं.लेकिन कैफींन के कुछ साइड इफ़ेक्ट भी हैं.रीसर्च बताती है कि जूस से भी शरीर को पानी मिलता है,लेकिन इससे आपके शरीर में शुगर की मात्रा बढ़ जाती है.

क्या कहते हैं जानकार-इनके अनुसार हमें पानी की उतनी ही ज़रूरत है,जितना शरीर माँगे.किसी भी स्वस्थ शरीर में पानी की ज़रूरत होते ही दिमाग़ को पता चल जाता है,तो वो इंसान को प्यास लगने का संकेत देता है,दिमाग़ से एक हॉर्मोन गुर्दों को भी निर्देश देता है कि वो पेशाब को गाढ़ा करके शरीर से पानी निकालना कम करे और पानी बचाए.

क्या ज़्यादा पानी पीना सेहत के लिए अच्छा है-हमारे शरीर के कुल वज़न का दो तिहाई हिस्सा पानी ही होता है.इसके ज़रिए हमें पोषक तत्व मिलते हैं.पानी शरीर से ख़राब तत्वों को बाहर निकालने में भी अहम् रोल निभाता है.हमारे शरीर का तापमान नियमित करने से लेकर,जोड़ों की मुलामियत बरक़रार रखने तक,पानी बहुत सारे काम करता है.

नियमित रूप से पानी पीकर हम शरीर का वज़न बढ़ने से भी रोक सकते हैं.ढेर सारा पानी पीने से त्वचा स्निग्ध रहती है.हालाँकि इस बात का भी कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है.

लेकिन हर दम पानी ही पीते रहने के कुछ नुक़सान भी होते हैं.इससे शरीर में सोडियम की कमी हो जाती है और फेफड़ों में भी सूजन हो जाती है.जोहाना पैकहेम ब्रिटेन की एथलीट हैं.उन्होने 2018 की लंदन मैराथन में हिस्सा लिया और उस दौरान ख़ूब पानी पिया क्योंकि भयंकर गरमी थी. दौड़ ख़त्म होते ही उनके दोस्तों ने उन्हें पानी पिला दिया और वो बेहोश हो गयीं.उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाना पड़ा.

ब्रिटेन की नेशनल हेल्थ सर्विस की एडवाईज़री कहती हैं कि आप रोज़ 6-8गिलास पानी पिएँ.इसमें दूध,सौफ्ट ड्रिंक,चाय-कौफ़ी ,जूस भी शामिल है.एक ध्यान देने योग्य बात ये भी है कि,60 साल की उम्र के बाद प्यास महसूस करने की हमारी शक्ति ख़त्म हो जाती है,इसलिए बुढ़ापे में हमें ज़्यादा पानी पीने पर ध्यान देना होगा अन्यथा,डीहाईड्रेशन होने की आशंका बढ़ जाती है.

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