योग प्राचीन काल से स्वस्थ जीवन जीने का प्राकृतिक तरीका रहा है। इसकी उत्पत्ति भारत में हुई और अब यह दुनिया भर में लोकप्रिय है। सभी उम्र के लोग विभिन्न स्वास्थ्य लाभों के लिए इसे करने का आनंद लेते हैं। योग, पुरुषों और महिलाओं दोनों के लिए फायदेमंद है। लेकिन कुछ योगासन हैं जो विशेष रूप से महिलाओं के लिए अधिक उपयोगी हैं।

महिलाओं के लिए योग 

एक महिला अपने जीवन में विभिन्न चरणों से गुजरती है। बचपन से यौवन तक, फिर मातृत्व से रजोनिवृत्ति तक । इन सभी चरणों में वह अलग-अलग भूमिकाएँ निभाती है और कई चुनौतियों का सामना करती है।

 

महिलाओं में हार्मोन परिवर्तन अधिक आम हैं। ये अक्सर परेशान करने वाले लक्षण पैदा करते हैं। महिलाओं को मासिक धर्म के दौरान कई बदलाव और स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं का अनुभव होता है। गर्भावस्था, मातृत्व और रजोनिवृत्ति जैसे नाजुक चरण कुछ महिलाओं के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं। इसके अलावा, महिलाएं स्वभाव से संवेदनशील होती हैं, इसलिए उनके मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना आवश्यक है।

महिलाओं के लिए कुछ बेहतरीन योगासन यहाँ दिए गए हैं।

1. सेतुबंधासन (Setu Bandhasana) (Bridge Pose)

यह आसन श्रोणि मंजिल (pelvic floor) को मजबूत करने में मदद करता है। यह क्षेत्र कुछ महिलाओं में तनावपूर्ण या कमजोर हो सकता है। इस हिस्से को मजबूत करने से श्रोणि क्षेत्र में दर्द से राहत मिलती है और प्रजनन स्वास्थ्य में सुधार होता है। इसके अलावा, यह आसन पीठ दर्द से राहत देने के लिए बहुत फायदेमंद है। यह थायरॉयड समस्याओं में भी मदद कर सकता है और वजन को नियंत्रित कर सकता है।

 

2. बद्धकोणासन / तितली आसन (Badhakonasana) (Butterfly Pose)

 

यह आसन, जांघ, कमर और पीठ के निचले हिस्से को मजबूत बनाने में मदद करता है। यह मासिक धर्म की समस्याओं या रजोनिवृत्ति में तनाव को दूर करने के लिए बहुत उपयोगी है। यह गर्भावस्था के दौरान भी उपयोगी माना जाता है। यह जांघ की मांसपेशियों को आराम देता है और पैर के दर्द को कम करता है। यह पाचन और चयापचय (metabolism) में सुधार करने में मदद करता है।

 

3. अधोमुख श्वानासन (Adho Mukha Svanasana)

 

यह करना बहुत सरल है। यह आसन शरीर के सभी अंगों में रक्त प्रवाह को बेहतर बनाता है। इसलिए यह आसन महिलाओं के लिए अधिक फायदेमंद है। यह रीढ़ को मजबूत बनाता है। यह सांस लेने में और शरीर में ऑक्सीजन बेहतर बनाने में मदद करता है। यह तनाव को दूर करने और कई स्वास्थ्य समस्याओं को नियंत्रित करने के लिए महत्त्वपूर्ण है। उच्च रक्तचाप, आंखों से संबंधित समस्या या कंधे या कलाई की समस्या वाले लोगों को यह योगासन नहीं करना चाहिए। 

 

4. सूर्य नमस्कार (Sun Salutation)

सूर्य नमस्कार में 12 चरण होते हैं। रोजाना इनका अभ्यास करने से बहुत से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य लाभ होते हैं। इस आसन को एक सर्वांगीण आसन माना जाता है। यह शरीर की कार्यक्षमता में सुधार करता है, मांसपेशियों को मजबूत करता है और प्रतिरक्षा बढ़ाता है।

5. प्राणायाम (Pranayama/ Breathing Exercises)

इन योग आसनों के अलावा, प्राणायाम या साँस लेने के व्यायाम भी बहुत मदद करते हैं। यह तनाव को दूर करने, कई बीमारियों को रोकने और स्वास्थ्य में सुधार करने में फायदेमंद है।

 

ज्यादातर योगासन आसान होते हैं और इन्हें आराम से कर सकतें है। हालाँकि, अगर आपको कोई स्वास्थ्य समस्या है या योग करने में कठिनाई हो रही है, तो अपने डॉक्टर की राय लें। आमतौर पर, कुछ योगासनों को गर्भावस्था या मासिक धर्म के दौरान करने की सलाह नहीं दी जाती है। हालाँकि, कुछ आसन हैं जो इस अवधि के दौरान बेचैनी से राहत दे सकते हैं। यह व्यक्तिगत स्वास्थ्य के आधार पर तय किया जा सकता है, इसलिए अपने डॉक्टर से बात करें।

 

आज की महिला हर तरह से सक्षम है। इसलिए, महिलाओं को एक ऐसी दिनचर्या की आवश्यकता है जो उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से संतुलित बनाएं रखें। 

 

21 जून अंतरराष्ट्रीय योग दिवस है। यह आपके योग अभ्यास को शुरू करने का सबसे अच्छा अवसर है।

 

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