– पांच तोला मूली के पत्ते का अर्क निचोड़कर उसमें एक तोला मिश्री मिला लें और बासी मुंह पिएं। यह पीलिया के लिए रामबाण औषधि है। इससे एक हफ्ते के अन्दर पीलिया रोग दूर होता है, किन्तु दो माह तक हल्दी और दूध नहीं लेना चाहिए।
– कच्चे पपीते की बिना मिर्च-मसाले वाली सब्जी खाएं अथवा पका पपीता खाने से पीलिया दूर होता है।
– गाजर का रस, गाजर का सूप पीने से पीलिया रोग शान्त होता है। गाजर पीलिया की प्राकृतिक औषधि है।
– एक गिलास गन्ने के रस में थोड़ा-सा अदरक का रस मिलाकर पीना पीलिया में लाभकारी होता है, दिन में दो-तीन बार अवश्य पिएं।
– एक बताशे पर कच्चे पपीते का रस दस बूंद डालिए। दस-पन्द्रह दिन लगातार खाने से पीलिया दूर हो जाता है।
– तुलसी के पत्ते तीन माशे, पुनर्नवा की जड़ें तीन माशें दोनों को 50 ग्राम पानी में पीसकर पीते रहने से पीलिया रोग शान्त हो जाता है।
– पुनर्नवा के पंचागं (जड़, छाल, पत्ती, फूल और फल) को शहद एवं मिश्री के साथ लें अथवा उसका रस या काढ़ा पिएं।
– पीलिया के रोगियों के लिए तरबूज का सेवन बहुत लाभकारी रहता है क्योंकि यह खून को बढ़ाता है व खून को साफ करता है, इसके साथ ही त्वचा रोगों में भी यह फायदेमंद है।
– पीलिया रोग में नीम की पत्तियों का दो चम्मच रस लेकर उसमें उसी अनुपात में शहद मिलाकर प्रातःकाल सेवन करें, लाभदायक रहेगा।

 

 

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