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Eating Lifestyle: हेल्थ से जुड़ी ढेरों बातें जानने के बाद भी अगर आप कुछ भी खा लेने को तैयार रहती हैं तो अब आपको अपनी ये आदत सुधार लेनी होगी। वरना आपका पेट कूड़ेदान बन जाएगा। जी हां, बात थोड़ी अजीब लगेगी लेकिन ये सच है! आपको अपने पेट को कूड़ादान बनाने से बचना होगा। खाना खाने से पहले सोचिए-समझिए और तब ही इसे पेट का रास्ता दिखाइए। आज हम आपको कुछ ऐसे टिप्स बता रहें हैं, जिनका ख़्याल आपको कुछ भी खाने से पहले जरूर रखना चाहिए।

फ्रिज खाली करना आपकी जिम्मेदारी नहीं

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Healthy Eating Habits

अक्सर पेट को कूड़ादान बना लेने की स्थिति तब भी हो जाती है जब फ्रिज को खाली करने की जिम्मेदारी आप अपने हाथ में ले लेती हैं। फिर आप बिना भूख, बिना स्वाद लिए भी सब कुछ खा लेना चाहती हैं। जबकि खाना खत्म करने के और भी तरीके होते हैं। जब कभी फ्रिज में खाना एक्स्ट्रा हो जाए तो उसे काम वाली बाई को दे दें, या गरीबों को भी दिया जा सकता है। इसके अलावा भूखे जानवरों को भी ये खाना दिया जा सकता है। इसका एक तरीका ये भी है कि आप एक्सट्रा खाना ना ही बनाएं और न ही बाजार से लाएं। साथ ही एक्सपायरी के करीब आते चीज को देखकर खुद ही खा लेने का प्लान बदल लीजिए।

बेकार की खरीदारी

बिना सोचे-समझे खाने से जुड़ी खरीदारी करना भी आपकी सेहत पर भारी पड़ सकता है। दरअसल कई बार हम सभी बिना प्लांनिंग के किचन से जुड़ी खरीदारी कर लेते हैं। फिर जो एक्स्ट्रा सामान आ जाता है उसे जबरदस्ती खत्म करने के लिए खुद ही खा जाते हैं। जबकि ये आदत बिल्कुल भी सही नहीं है। इससे आप एक्सट्रा तो खाती ही हैं साथ ही, गलत और अनहेल्थी खाना भी आपके शरीर में चला जाता है। इसलिए जरूरी है कि खाने से जुड़ी खरीदारी करने से पहले लिस्ट तैयार करें, जरूरत का सामान ही खरीदें और पेट को कूड़ेदान बिल्कुल न बनाएं।

वो स्नैक्स मेहमानों के लिए हैं

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Keep snacks in small quantities at home

आप अक्सर मेहमानों के लिए स्नैक्स लाती हैं और फिर उन्हें खुद ही खा जाती हैं। क्योंकि मेहमान आए नहीं तो स्नैक्स खत्म तो करने ही हैं। लेकिन यहां आपको फिर याद रखना है कि ये आपका पेट है कूड़ादान नहीं। इसमें वही डालिए जो जरूरी है। आप अक्सर मेहमानों के लिए स्नैक्स लाती हैं और फिर उन्हें खुद ही खा जाती हैं। क्योंकि मेहमान आए नहीं तो स्नैक्स खत्म तो करने ही हैं। लेकिन यहां आपको फिर याद रखना है कि ये आपका पेट है कूड़ादान नहीं। इसमें वही डालिए जो जरूरी है। स्नैक्स उतने ही लाईए जितनी जरुरत हो। इसका एक तरीका ये भी है कि आप जब मेहमान आने वाले हों तब ही स्नैक्स लाएं। इसके अलावा बस थोड़ी मात्रा में ही स्नैक्स घर पर रखें, ज्यादा नहीं।  

जरूरत नहीं तो घर पर नहीं

याद रखिए, जो खाना आपकी सेहत के लिए अच्छा नहीं है, उसे घर पर रखिए ही नहीं। मिठाई, अनहेल्थी स्नैक्स, चॉकलेट आदि को अपने घर में रखें ही ना। इन चीजों को खरीदने से भी बचें। इन सभी चीजों को खाना भी पेट को कूड़ेदान बनाने जैसा है।

चबाकर खाना है जरूरी

ये तो आपको कभी न कभी किसी न किसी ने बताया ही होगा कि खाना हमेशा चबाकर ही खाना चाहिए। इसलिए इसे धीरे-धीरे आराम से खाएं। लेकिन ऐसा होता नहीं है। ज्यादातर लोगों को खाना स्वादिष्ट लगता है तो ज्यादा और जल्दी खा लेना चाहते हैं। ये आदत आपके स्वास्थ्य के लिए बिल्कुल भी अच्छी नहीं है। ज्यादा खाना मतलब ज्यादा कैलोरी। अगर खाना चबाएंगी नहीं तो ये पचेगा नहीं। इससे कब्ज जैसी दिक्कत भी हो सकती है।

थाली हो छोटी

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If the plate is small then you will take less food

देखिए, अगर आपकी थाली छोटी होगी तो आप खाना भी कम ही लेंगी। कह सकते हैं ज्यादा लेना चाहेंगी तो भी नहीं ले पाएंगी। इसलिए जरूरी है कि आप छोटे बर्तनों में खाना लें। छोटे बर्तनों में खाना खाने से कैलोरी की मात्रा भी शरीर में कम जाती है। अब से बड़े बर्तनों का इस्तेमाल करने से बचें।

बच्चों का खाना, आप खा लेंगी

अक्सर ऐसा होता है कि बच्चों का बचा हुआ खाना, चिप्स या चॉकलेट मांए फेंकने की बजाय खुद खा लेती हैं। लेकिन खाना बचाना के चक्कर में आप अपने पेट के साथ लापरवाही कर रही हैं। बच्चों को उतना ही खाना सर्व करें जितनी उनके पेट को जरुरत है।

पेट भर कर नहीं खाना है

ये पुराने जमाने की बात है, जब पेट भरने तक खाने की सलाह दी जाती थी लेकिन अब ऐसा नहीं है। अब एक्सपर्ट आधा पेट भरने तक ही खाने की सलाह देते हैं। इस मॉडर्न सलाह के साथ आप पेट और स्वास्थ्य दोनों का ख्याल रख पाएंगी। खाना अच्छा लगे तो भी पेट को कूड़ादान समझकर उसे भरते ही ना जाइए।

टेंशन फ्री होकर खाइए

खाना जब भी खाएं, तब टेंशन फ्री होकर खाएं। कभी चिंता में कम या ज्यादा खाने से बचें। क्योंकि कभी बहुत ज्यादा खा लेते हैं तो वजन बढ़ने लगता है, फिर इसे कम करने के लिए कुछ ज्यादा ही कम खाने लगते हैं। एक शोध की मानें तो ये दोनों आदतें हीं गलत हैं। बहुत ज्यादा या बहुत कम खाने की आदत बीमारियों को न्यौता ही देती हैं। इसलिए जरूरत के हिसाब से टेंशन फ्री होकर खाएं।

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