साल 2020 को शायद ही कोई ऐसा होगा जो भुला पाएगा। ये साल कोरोना महामारी के चलते लोगों के दिलों में दहशत से भरा रहा। जहां एक तरफ पूरी दुनिया को इस वायरस ने अपनी चपेट में ले लिया, वहीं दूसरी तरफ ना जाने कितने लोगों की मौत हो गयी। जिन्हें अपनों का कंधा तक नसीब नहीं हुआ। कोरोना चीन के वुहान से निकला था, और धीरे-धीरे पूरी दुनिया के कोने-कोने तक फ़ैल गया। कई शोध और ना जाने कितनी कड़ी मशक्कत के बाद एंटी कोरोना वैक्सीन बनाई गयी। जो अब तक लोगों तक पहुंची भी नहीं थी कि इसी बीच एक कोरोना वायरस स्ट्रेन की खबरों ने जोर पकड़ लिया। जो इस वक्त ब्रिटेन में तेजी से फ़ैल रहा है। वैज्ञानिकों ने इस वायरस को कोरोना से भी खतरनाक बताया है। आज हम आपको इसी वायरस के बारे में जानकारी देंगे और बताएंगे की ये कोरोना का नया स्ट्रेन असल में कितना खतरनाक है।

1. क्या है कोरोना का नया स्ट्रेनकोरोना वायरस के बाद अब कोरोना के नये स्ट्रेन ने अपनी दस्तक दे दी है। हालांकि कोरोना वायरस जे खिलाफ एक साल के जंग के बाद सफल वैक्सीन की जब खबर लोगों तक पहुंची, तो लोगों ने राहत की सांस ली। लेकिन इस बीच कोरोना का नया स्ट्रेन के बार फिर से लोगों के अंदर डर पैदा कर दिया है। दक्षिण अफ्रीका और ब्रिटेन में ये तेजी से फ़ैल रहा है। वैज्ञानिकों ने वायरस के इस जीनोम का नाम बी.1.1.7 रखा है। जो कोरोना वायरस से भी खतरनाक हो सकते हैं और तेजी से फ़ैल सकते हैं।

2. वायरस ने क्यों बदला रूप?- वायरस कोई भी हो। उसके तत्वों में समय के साथ-साथ कुछ बदलाव होते हैं। हालांकि ये एक नैचुरल प्रक्रिया है। इस तरह के ज्यादातर वायरस हमारे शरीर ममें आसानी से चले जाते हैं। शोध की माने तो जब से कोरोना वायरस वुहान में पाया गया तब से ये वायरस अब तक लगभग 25 बार खुद को म्यूटेशन कर चुका है।

3. कितना जानलेवा है ये वायरस?- जाने-माने वैज्ञानिकों की मानें तो कोरोना वायरस के नये स्ट्रेन के बारे में उन्होंने अपनी कोई भी राय नहीं दी। इस वायरस के मामले में अपनी जानकारी देने के लिए वो जल्दबाजी नहीं करना चाहते। हालांकि ब्रिटेन में तेजी से फ़ैल रहा है तो वहां पर आधिकारिक रूप से बताया गया है कि ये वायरस कोरोना वायरस से 65 से 70 फीसदी तक तेजी से फ़ैल सकता है।

4. कितनी सतर्क सरकार-कोरोना वायरस के नये स्ट्रेन के खतरे को भांपते हुए ब्रिटेन और दक्षिण अफ्रिका के लिए अभी उड़ानों पर फिलहाल प्रतिबन्ध लगा दिया गया है। बेल्जियम ने पहले ही ब्रिटेन से विमान और ट्रेन सेवाओं को रोक दिया है। जहां संक्रमितों की मौतों के आंकड़े लगातार बढ़ रहे हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि कोरोना वायरस के खिलाफ बनाई गयी वैक्सिंग भी इस कोरोना के नये स्ट्रेन के खिअफ लड़ने में सक्षम होगी।

5. अब भी जारी परीक्षण– हालांकि दुनिया भर के वैज्ञानिक कई टीके बनाने में जुटे हुए हैं तो वहीं, कुछ टिके अभी भी परीक्षण से गुजर रहे हैं। जर्मन स्वास्थ्य मंत्रालय की मानें तो वो ब्रिटेन में फैले नये स्ट्रेन के बारे में सम्बंधित जानकारी और डाटा जुटा रही है। बता दें अब तक जर्मन में कोई भी कोरोना के नये स्ट्रें का मरीज नहीं मिला है।

कोरोना वायरस के नये स्ट्रेन के बारे में बात करें तो ये वायरस ब्रिटेन में सितंबर से ही दिखने लगा था। ये वायरस कोरोना से भी 70 फीसदी तेजी से फैलने सक्षम है। जिसे लेकर सरकारें भी एलर्ट हैं। सरकार हर वो मुमकिन कोशिश करने में जुट गयी है, जिससे नया स्ट्रेन काबू में रहे, और ये तबाही ना मचा सके।

यह भी पढ़ें-

कोरोना से लड़ाई में विटामिन-डी बन सकता है बड़ा मददगार

क्या खरीदारी करते वक्त ग्लव्ज़ पहनना जरूरी है! आइए जानते हैं 

हाथ धोते समय याद रखें यह 5 बातें