बीते एक साल से कोरोना से ना सिर्फ देश बल्कि पूरी दुनिया ही जूझ रही है। लेकिन पिछले कुछ महीनों में कोरोना की दूसरी लहर ने भी भारत को अपने आगोश में ले लिया। हर रोज रिकॉर्ड तोड़ कोरोना अपना पैसे पसारता ही जा रहा है। जहां हर 24 घंटे में लाखों मामले बढ़ते जा रहे हैं, वहीं कोरोना से होने वाली मौतों का सिलसला भी लगातार जारी है। ऐसे में सरकार हो या प्रशासन दोनों ही सख्ती बरत रही है। लोगों को गाइडलाइन का पालन करने की हिदायत दी जा रही है। सभी से इस बात की अपील भी की जा रही है वो महत्वपूर्ण सुझावों का पालन करें। आज का हमारा ये खास लेख इसी विषय पर आधारित है। आज इस लेख के जरिये हम आपको बताएंगे कोरोना से बारे में वो जानकारी, जो आपके पास होनी भी बेहद जरूरी है।

  1. क्या हैं लक्षण?- जैसा की हम सबको पता है ये कोरोना की दूसरी लहर है। जाहिर सी बात है इस नये स्ट्रेन के लक्षण भी कुछ अलग ही होंगे। वो क्या हैं चलिए डालते हैं एक नजर।

  • नाक बहना, सूखी खांसी आना।
  • सांस लेने में तकलीफ होना।
  • पल्स रेट 60 से 90 के बीच होना।
  • शरीर का तापमान 98.60 से 990 फ़ारेनहाइट या 36 से 370C होना।
  • सुबह शाम अलग अलग शरीर का तापमान बदलना।

उपचार से रोकें हल्का संक्रमणकोरोना वायरस से लड़ने के लिए हमारी इम्युनिटी बेहद मजबूत होनी चाहिए। साथ ही हमें साफ़ सफाई का भी खास ख्याल रखना होगा। आप इसके अलावा उपचार के लिए डॉक्टर से भी सम्पर्क कर सकते हैं।

  • हाथ को कुछ भी छूने से पहले या छूने के बाद अच्छे से धोएं। 
  • हमेशा मास्क पहनकर रखना।
  • हवादार कमरे का इस्तेमाल करना।
  • पूरे दिन गर्म पानी पिएं।
  • आहार में सूप और विटामिन सी शामिल करना।
  • हर रोज व्यायाम करना।
  • हर रोज पर्याप्त यानि की कम से कम 8 घंटे की नींद लेना।

ये कोर्स आएगा काम– बात माइल्ड कोरोना की करें तो अभी इसके संक्रमण शरीर में ज्यादा नहीं फैलते। आप खुद से सावधानी बरतकर इससे अपना बचाव कर सकते हैं। लेकिन अगर आपको स्थिति कंट्रोल से बाहर लगे तो बिना देर किये इस कोर्स को फॉलो कर सकते हैं। 

  • हद से ज्यादा शरीर में दर्द हो तो दिन में दो बार 500 एमजी की पेरासिटामोल लें।
  • 500 एमजी की एज़िथ्रोमाइसिन दिन में तीन बार लें।
  • अगर आपको गले में खराश, एलर्जी और नाक बह रही है तो 10 दिनों के लिए मोंटेर एलसी लीजिये।
  • दिन में एक बार 10 दिनों के लिए विटामिन सी की टैबलेट लें।
  • दिन में एक बार 10 दिनों के लिए जिंकोविट टैबलेट लें।
  •  हफ्ते में एक बार और लगातार 6 हफ्ते तक विटामिन डी की टैबलेट लें।
  1. तुरंत लें डॉक्टर की सलाह– वैसे कोरोना से दूरी बनाए रखने के लिए सावधानी बरतनी बेहद जरूरी है। लेकिन कभी कभी स्थिति बेहद गम्भीर हो तो तुरंद बिना देर किये हुए डॉक्टर की सलाह लें। चलिए जानते हैं कि आपको कब डॉक्टर की तुरंद मदद की जरूरत पड़ सकती है।

  • जब सांस लेने में दिक्कत हो।
  • खांसी काफी गम्भीर हो जाए।
  • बुखार तेज हो और उतरने का नाम ना ले।

अगर 60 साल है उम्र-अगर आपके घर में 60 साल की उम्र के लोग हैं तो उनका ख़ास ख्याल रखने की जरूरत है। इस उम्र में संक्रमण फैलने की रफ़्तार दोगुनी हो जाती है। और अगर वो हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट की समस्या, डायबिटीज, किडनी और लीवर की समस्या है तो उनके लिए कोरोना जानलेवा हो सकता है।

  • ये भी रखें ध्यान– आपको कोरोना को लेकर जितनी सजगता और सावधानी की जरूरत है, आपको अपने शरीर में हो रहे बदलावों की निगरानी भी रखनी जरूरी है।
  • धूप से आने के बाद या खाना खाने के बाद कभी भी टेम्परेचर ना जांचे, वो गलत ही दर्शाएगा।
  • अगर नाखूनों में नेलपेंट हैं तो ऑक्सीजन ना नापें।
  • ऑक्सीजन और ब्लड प्रेशर एक साथ ना नापें।

कब दी जाती है एडमिट होने की सलाह

  • – कोरोना से संक्रमित होने के बाद कभी कभी अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत पड़ जाती है। जिसमें आपके परीक्षण किये जाते हैं। वो परीक्षण क्या है. ये भी जानना जरूरी है।
  • लीवर, किडनी का टेस्ट।
  • सीआरपी या एचएससीआरपी एलडीएच टेस्ट।
  • ब्लड शुगर का टेस्ट।

मनोचिकित्सक की सलाह

  • कोरोना से जुड़ी ज्यादा खबरें ना देखे ना सुने , आपको जितनी जानकारी चाहिए आप पहले से ही जान चुके हैं।
  • कहीं से भी अधिक जानकारी एकत्र करने का प्रयास छोड़ें क्योंकि ये आपकी मानसिक स्तिथि को और ज्यादा कमजोर ही करेगा 
  • दूसरों को वायरस से संबंधित सलाह ना दें क्योंकि सभी व्यक्तियों की मानसिक क्षमता एक सी नहीं होती , कुछ डिप्रेशन अर्थात अवसाद का शिकार हो सकते हैं ।
  •  जितना संभव हो संगीत सुनें , अध्यात्म , भजन आदि भी सुन सकते है , बच्चों के साथ बोर्ड गेम खेलें , परिवार के साथ बैठकर आने वाले वर्षों के लिए प्रोग्राम बनाएं 
  • अपने हाथों को नियमित अंतराल पर अच्छे से धोएं , सभी वस्तुएं की सफाई भी करें , किसी भी नव आगंतुक को 1 मीटर दूर से मिले ।
  • आपकी नकारात्मक सोच-विचार की प्रवृति  डिप्रेशन बढ़ाएगी और वायरस से लड़ने की क्षमता कम करेगी दूसरी ओर सकारात्मक सोच आपको शरीर और मानसिक रूप से मजबूत बनाकर किसी भी स्तिथि या बीमारी से लड़ने में सक्षम बनाएगी ।
  • अत्यंत आवश्यक …विश्वास दृढ़ रखें कि ये समय शीघ्र ही निकलने वाला है और आप हमेशा स्वस्थ और सुरक्षित रहेंगे 
  • सकारात्मक रहें -स्वस्थ रहें

तो ये थी कोरोना से जुड़ी ऐसी जानकारी है जो आपको होनी चाहिए। आप धर्मशीला नारायण सुपरस्पेशलिटी अस्पताल, दिल्ली के निदेशक और वरिष्ठ सलाहकार डॉ आनंद कुमार पांडेय से सम्पर्क कर सकते हैं। आपकी अच्छी मदद मिलेगी।

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