know how ayurveda can help in cancer recovery
know how ayurveda can help in cancer recovery

Overview: कैंसर के इलाज में आयुर्वेद की भूमिका

कैंसर के इलाज में आयुर्वेद कितना सहायक है? जानिए इस लेख में।

Ayurveda For Cancer Patients: कैंसर लाइलाज नहीं है, लेकिन इसके इलाज की जर्नी इतनी भी आसान नहीं है। अक्सर कैंसर का नाम सुनते ही लोग घबरा जाते हैं। जब इलाज के दौरान कीमोथेरेपी होनी शुरू होती है, तो ऐसे में कई तरह के नेगेटिव असर भी दिखाई देने लगते हैं। ऐसे में शरीर और मन दोनों ही बुरी तरह थक जाते हैं। हाल ही में जानी-मानी ब्यूटी एक्सपर्ट शहनाज हुसैन ने इस विषय पर अपनी राय रखी और बताया कि कैसे आयुर्वेद इस मुश्किल सफर का साथी बन सकता है-

Problems after chemotherapy

कैंसर से लड़ने में कीमोथेरेपी बेहद ही कारगर साबित हो सकती है, लेकिन इसके साइड इफेक्ट्स को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। कीमोथेरेपी की वजह से बालों के झड़ने की समस्या होती है, जो न केवल सिर के बालों को बल्कि भौंहों और पलकों को भी प्रभावित करता है। इसके अलवा बहुत ज्यादा थकान, कमजोर इम्यून सिस्टम, स्किन और डाइजेशन से जुड़ी दिक्कतें आदि भी हो सकती हैं। इन सबकी वजह से व्यक्ति तन और मन से बहुत अधिक थक जाता है। साथ ही रिकवरी भी स्लो हो जाती है। 

अगर मॉडर्न साइंस के साथ आयुर्वेद की मदद ली जाए तो ऐसे में व्यक्ति जल्द रिकवर हो सकता है। आयुर्वेद केवल जड़ी-बूटियां नहीं है, बल्कि यह मन और शरीर दोनों को बेहतर बनाता है। यह कई मायनों में कारगर है-

  • कुछ खास आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां स्कैल्प को पोषण देती हैं जिससे बालों की वापसी में मदद मिलती है।
  • इसी तरह कुछ जड़ी-बूटियां शरीर को तनाव और हार्मोनल बदलावों से लड़ने की ताकत देती हैं। कैंसर ट्रीटमेंट के दौरान हार्मोनल असंतुलन आम है। आयुर्वेद शरीर को सेल्फ बैलेंस मोड में लाने में मदद कर सकता है।
  • यह शरीर की सूजन को कम करने और इम्यूनिटी को बेहतर बनाने में सहायक है।
Consulting doctors before starting Ayurvedic remedies during cancer treatment

यह सच है कि आयुर्वेद कैंसर के रोगियों के लिए बहुत कारगर साबित हो सकता है, लेकिन फिर भी आपको कुछ बातों का खास ख्याल रखना बेहद जरूरी है। मसलन-

  • आयुर्वेद को कभी भी अपनी मर्जी से शुरू न करें। कोई भी आयुर्वेदिक उपाय शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लें और किसी आयुर्वेदिक प्रैक्टिशनर की मदद से ही इनका सेवन करें।
  • हमेशा भरोसेमंद और हाई-क्वालिटी प्रोडक्ट्स का ही इस्तेमाल करें।
  • चूंकि अब आप हर्बल चीजों को अपने जीवन में शामिल कर रहे हैं तो किसी भी नई चीज को बहुत धीरे-धीरे शुरू करें ताकि शरीर पर कोई अतिरिक्त जोर न पड़े।

यहां आपको यह भी याद रखना चाहिए कि आयुर्वेद कैंसर के आधुनिक इलाज का विकल्प नहीं है। यह उस इलाज के साथ मिलकर रिकवरी को बेहतर और तेज बनाने में मदद कर सकता है। इस तरह आयुर्वेद एक सपोर्ट सिस्टम की तरह काम करता है, प्राथमिक उपचार के रूप में नहीं।

मैं मिताली जैन, स्वतंत्र लेखिका हूं और मुझे 16 वर्षों से लेखन में सक्रिय हूं। मुझे डिजिटल मीडिया में 9 साल से अधिक का एक्सपीरियंस है। मैं हेल्थ,फिटनेस, ब्यूटी स्किन केयर, किचन, लाइफस्टाइल आदि विषयों पर लिखती हूं। मेरे लेख कई प्रतिष्ठित...