Overview: आलिया भट्ट के न्यूट्रिशनिस्ट ने तोड़ी जूस की हेल्दी इमेज, फल खाने की सलाह दी
आलिया भट्ट की न्यूट्रिशनिस्ट डॉ. सिद्धांत भार्गव ने बताया कि फ्रूट जूस असल में फायदेमंद नही है। जूस से फाइबर खत्म हो जाता है और सिर्फ शुगर वॉटर रह जाता है, जो शरीर के लिए नुकसानदायक है। रिसर्च भी बताती है कि जूस से डायबिटीज का खतरा बढ़ता है। बेहतर है कि आप फल को सीधे खाएं। यह शरीर को असली न्यूट्रिशन और फाइबर देता है।
Alia Nutritionist Juice Warning: हम में से ज़्यादातर लोग यही मानते हैं कि फ्रूट जूस पीना सेहत के लिए फायदेमंद होता है। रंग-बिरंगे जूस हमें हेल्दी और एनर्जेटिक दिखते हैं, लेकिन अब एक बड़ी सच्चाई सामने आई है। हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो में एक एक्सपर्ट ने साफ कहा – “अगर आप सोचते हैं कि फल का जूस हेल्दी है, तो रुकिए, मैं आपकी गलतफहमी दूर करता हूँ। ये सिर्फ रंग-बिरंगा शुगर वॉटर है।”
ये शब्द थे – डॉ. सिद्धांत भार्गव के, जो मशहूर न्यूट्रिशनिस्ट हैं और आलिया भट्ट के फिटनेस गाइड भी रह चुके हैं। उन्होंने हाल ही में एक सोशल मीडिया रील में बताया कि जूस हमारी सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है। डॉ. भार्गव ने अपने वीडियो में साफ कहा कि “फ्रूट जूस ज़हर है।” उनका मानना है कि फल सेहतमंद होते हैं क्योंकि उनमें फाइबर होता है, जो शुगर को धीरे-धीरे ब्लड में पहुंचने देता है। लेकिन जब फल को जूस में बदला जाता है, तो फाइबर खत्म हो जाता है और बचता है सिर्फ शुगर वॉटर यानी मीठा पानी।
उन्होंने बताया कि जूस में ना सिर्फ फाइबर खत्म हो जाता है बल्कि कई जरूरी विटामिन्स और मिनरल्स भी प्रोसेसिंग के दौरान खो जाते हैं। अगर आप सच में हेल्दी रहना चाहते हैं, तो जूस की जगह सीधे फल खाएं। आइए जानते हैं कि इस चेतावनी के पीछे की पूरी वजह क्या है और कौन से हेल्दी ऑप्शन हैं आपके लिए।
जूस नहीं, सिर्फ रंगीन चीनी पानी

आलिया भट्ट की न्यूट्रिशनिस्ट डॉ. सिद्धांत भार्गव ने हाल ही में एक जरूरी चेतावनी दी है – “फ्रूट जूस ज़हर है।” ये बात सुनने में चौंकाने वाली लग सकती है, लेकिन उनका दावा साइंस पर आधारित है। उनका कहना है कि फल जब अपने प्राकृतिक रूप में होते हैं, तब उनमें मौजूद फाइबर शरीर के लिए बहुत फायदेमंद होता है। ये फाइबर शरीर में शुगर के असर को कम करता है और ब्लड शुगर को स्थिर रखता है। लेकिन जब फल को पीसकर जूस बनाया जाता है, तो ये फाइबर नष्ट हो जाता है और बचता है सिर्फ मीठा पानी। यही कारण है कि जो लोग रोजाना जूस पीते हैं, उन्हें यह बात समझनी ज़रूरी है कि वे असल में खुद को नुकसान पहुंचा रहे हैं, भले ही उन्हें लगे कि वे हेल्दी लाइफस्टाइल फॉलो कर रहे हैं।
फाइबर के साथ ही असली फायदा

डॉ. भार्गव ने बताया कि फलों को जूस में बदलने की प्रक्रिया के दौरान उनका सबसे अहम हिस्सा – फाइबर – खत्म हो जाता है। यह फाइबर ही वो तत्व होता है जो शरीर में शुगर के असर को कंट्रोल करता है। जूस निकालते समय जो गर्मी पैदा होती है, उससे फल में मौजूद कई जरूरी विटामिन्स और मिनरल्स भी नष्ट हो जाते हैं। ऐसे में हमें लगता है कि हम कुछ हेल्दी पी रहे हैं, लेकिन सच तो यह है कि हम सिर्फ रंगीन चीनी का पानी पी रहे होते हैं। इसके चलते ना सिर्फ ब्लड शुगर बढ़ता है, बल्कि लंबे समय तक ऐसा करने से डायबिटीज जैसी बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। इसलिए डॉक्टर की सलाह यही है कि जूस छोड़ें और फल सीधे खाएं – वही असली न्यूट्रिशन देगा।
जूस से बढ़ता है डायबिटीज का खतरा

डॉ. सिद्धांत भार्गव की बात सिर्फ एक व्यक्तिगत राय नहीं है, बल्कि इसके पीछे वैज्ञानिक आधार भी है। बीएमजे (BMJ) में छपी एक रिसर्च बताती है कि फ्रूट जूस पीने वालों में टाइप-2 डायबिटीज का खतरा ज़्यादा होता है। इस स्टडी में यह भी पाया गया कि जो लोग पूरे फल खाते हैं, उनकी सेहत बेहतर रहती है और उनकी शुगर लेवल भी कंट्रोल में रहती है। खास बात यह है कि जूस चाहे ‘100% नेचुरल’ ही क्यों ना हो, अगर उसमें फाइबर नहीं है, तो वह शरीर के लिए नुकसानदायक हो सकता है। इसलिए रिसर्च और एक्सपर्ट दोनों यही कह रहे हैं – जूस नहीं, फल खाओ।
अन्य सेहतमंद विकल्प
अगर आप जूस छोड़ना चाहते हैं, लेकिन हेल्दी रहने के लिए कोई अच्छा ऑप्शन ढूंढ़ रहे हैं, तो घबराएं नहीं। डॉ. भार्गव के अनुसार सीधे फल खाना सबसे अच्छा विकल्प है। एक सेब, एक केला या एक संतरा – जब आप इन्हें चबाकर खाते हैं, तो फाइबर आपके शरीर में शुगर को धीरे-धीरे रिलीज करता है। इसके अलावा नारियल पानी, नींबू पानी बिना शक्कर के, या स्मूदीज़ जिसमें फल का पल्प भी शामिल हो – ये सब हेल्दी ऑप्शन हैं। चाहें तो दही के साथ फल खाएं, या ओट्स में मिलाकर एक न्यूट्रिशस मील बनाएं। बस ध्यान रहे – प्रोसेस्ड और पैक्ड चीज़ों से जितना दूर रहेंगे, उतना ही स्वस्थ रहेंगे।
असली फायदा फल से ही मिलेगा
हर बार जब आप किसी कैफे या घर में जूस की तरफ हाथ बढ़ाते हैं, तो एक बार ज़रूर सोचें – क्या ये असल में सेहत के लिए अच्छा है? डॉ. सिद्धांत भार्गव की चेतावनी और रिसर्च के नतीजे बताते हैं कि जूस का सेवन आपकी हेल्थ को धीरे-धीरे खराब कर सकता है। अगर आप सच में हेल्दी लाइफ चाहते हैं, तो जूस नहीं, फलों को अपनाएं। यह ना सिर्फ आपके शुगर लेवल को कंट्रोल में रखेगा, बल्कि आपके शरीर को पूरा न्यूट्रिशन देगा। सेहत की असली चाबी प्रोसेस्ड चीज़ों में नहीं, बल्कि नेचुरल चीज़ों में है। अगली बार सोच-समझकर ही सेहतमंद फैसला लें।
