गोल रोटी बनाने के लिए क्या करें
रोटी एकदम गोल बनाना आती हो तो हर कोई तारीफ करता है। जानिए पतली, नरम, गोल और फूली रोटी कैसे बनाएं।
Gol Roti: रोटी तो आमतौर पर हर कोई बना लेता है लेकिन गोल रोटी हर किसी से शायद ही बनती हो। अगर आप भी एकदम गोल रोटी बनाना चाहती हैं तो कुछ आसान स्टेप्स से ये संभव है। रोटी जिसे लोग फुल्का, चपाती भी कहते हैं, को नरम, गोल और फूली हुई बनाने के लिए ये स्टेप्स फॉलो करें।
सामग्री
गेहूँ का आटा – 1 कप
नमक – 1/4 टीस्पून
पानी – 1/2 कप या आवश्यकतानुसार
घी – 3 टीस्पून
ऐसे गूंथे आटा
रोटी बनाने के लिए सबसे पहले आटे गूंथेंगे। यह स्टेप्स बहुत ज़रूरी है और इस स्टेप पर कुछ बातों का ध्यान रखने और सही तरीके से आटे को गूंथने से रोटी अच्छी बनती है।

सबसे पहले एक परात में गेहूँ के आटे को डालें। आटे के बीच में एक बड़ा गड्ढा बनाएं और इस गड्ढे में थोड़ा सा पानी डालें और किनारे के आटे को बीच में रखते जाएं। फिर इसे अच्छी तरह मिला लें। जरूरत के हिसाब से थोड़ा-थोड़ा करके पानी डालते जाएं।
आटे को हाथ से अच्छे से गूंथते जाएं। जब यह अच्छे से गूंथ जाएगा तो यह परात या या हाथ में नहीं चिपकेगा। गूंथे हुए आटे को अंगुली से दबाने पर यह आसानी से दबना चाहिए।
इस आटे पर थोड़ा-सा घी या तेल लगाकर 15-20 मिनट तक कपड़े से ढककर रख दें। ऐसा करने से आटे की ऊपरी परत सूखेगी नहीं।
रोटी बेलने की तैयारी करने से पहले वापस गुंथे हुए आटे को दो तीन बार हाथ से सही कर लें।

ऐसे बेले गोल रोटी
परात में थोड़ा सूखा आटा अलग से निकाल लें। इस सूखे आटे यानी पलेथन के इस्तेमाल से ही गोल रोटी बेली जाती है।
अब पहले आटे की लोई बनाएंगे। इसके लिए हाथ में हल्का सा सूखा आटा लगाकर गूंथे हुए आटे से एक छोटी लोई निकालें। लोई को दोनों हाथों के बीच दबाते और घुमाते हुए गोल कर लें। इसे सूखे आटे पर रखकर घुमा दें। लोई के चारों तरफ सूखे आटा लग जाना चाहिए। ध्यान रहे कि जब लोई गोल करें तो उसमें कोई सल ना पड़े। जितनी अच्छी लोई होगी गोल रोटी बेलने में उतनी आसानी होगी।
चकले पर रखकर इस लोई को हल्का सा दबा दें। ऐसी स्थिति में भी यह गोल ही रहना चाहिए।
बेलन से एक बार थोड़ा बेलें फिर लोई को नब्बे डिग्री से घुमा कर दुबारा थोड़ा बेलें। इसे थोड़ा-थोड़ा बेलते हुए और उठाकर घुमाकर रखते हुए रोटी बड़ी करते जाएं। ऐसे समय पर भी इसका आकार बिगड़ना नहीं चाहिए।

थोड़ी बड़ी होने के बाद इसे एक बार फिर से सूखे आटे पर रखें फिर पलट दें। दोनों तरफ सूखा आटा लगाने के बाद इसे चकले पर रखकर बेलें। यदि यह बेलन या चकले पर चिपक रही है तो सूखा आटा दोनों तरफ फिर से लगा लें। फिर रोटी बेलें।
बेलन को रोटी पर इस तरह चलाएं कि चपाती बड़ी और गोल बनती जाए। सब जगह से रोटी की मोटाई एक जैसी होनी चाहिए, खासकर किनारे मोटे नहीं होने चाहिए। कोशिश करें की बेलन से रोटी अपने आप घूम जाये इसके लिए बेलन का दबाव रोटी के बीच की बजाय थोड़ा किनारे की तरफ रखना चाहिए। प्रैक्टिस होने पर तीन चार बार बेलन चलाने से चपाती घूमती हुई बड़ी और गोल बन जाती है। रोटी बेलने के बाद इसे तवे पर डालकर सेकेंगे।
ऐसे सेकें फूली हुई रोटी
तवे को गैस पर रखें। तवा गर्म होने के बाद धीमी आँच कर दें। रोटी तवे पर डालें और रोटी को तवे पर इस तरह डालें की उसमे सलवटे न पड़ जाए। जब एक तरफ की रोटी हल्की सिक जाए तब इसे पलट दें। अब गैस तेज कर दें।

अब वापस रोटी को उठाकर देखे रोटी पूरी सिकने पर रोटी को तवे से चिमटे की मदद से उठा लें। तवा साइड में रख दें। रोटी को सीधे गैस पर चिमटे की सहायता से डाल दें। रोटी फूल जाएगी।
