करोंदे और मिर्ची का अचार
यह एक ऐसा अचार है जो आपको उत्तरी भारत के अधिकतर घरों में मिलेगा। करोंदा एक बेरी है जो हिमालय में उगता है। इसमें आयरन और विटामिन सी सबसे ज़्यादा होता है। करोंदे और मिर्ची का अचार बनाना आसान है, जो आपके खाने में अच्छा स्वाद लाएगा।
सामग्री:
- 200 ग्राम करोंदे (2 हिस्सों में कटे हुए,
- 200 ग्राम हरी मिर्च, 200 मिली सरसों का तेल,
- 2चुटकी हींग,
- 2 बड़े चम्मच मेथी दाने,
- 2 बड़े चम्मच सरसों के दाने,
- 1 बड़ा चम्मच हल्दी,
- नमक स्वादानुसार।
विधि:
– करोंदे और मिर्च को धोकर अच्छे से आधे दिन के लिए सुखाने रख दें।
– अब मेथी और सरसों के दानों को क्रश कर लें।
– एक पैन में तेल गर्म करें और उसमें हींग डालें और कुछ सेकंड के लिए चलाएं।
– गैस को बंद कर दें और ठंडा होने रख दें।
– सभी सामग्रियों को मिला लें और एक जार में डाल दें। इसमें ठंडे तेल को डालें और एक हफ्ते के लिए छोड़ दें। बीच-बीच में इसे हिलाते रहें।
चना दाल अठाना
यह राजस्थानी अचार खाने में थोड़ा तीखा होता है, जो चने की दाल और कच्चे आम से बनाया जाता है। यह ब्रेड के साथ खाने में बहुत स्वादिष्ट लगता है।
सामग्री:
- 350 ग्राम चना दाल,
- 5 किलो चार फाकों में कटे कच्चे आम,
- 1.25 किलो नमक, 100 ग्राम
- लाल मिर्च पाउडर, 100 ग्राम हल्दी,
- 100 ग्राम मेथी दाना,
- 100 ग्राम निगेला के दाने, 100 ग्राम सौंफ केदाने,
- 1 लीटर सरसों का तेल, 1/2 छोटे चम्मच हींग,
- 10 सूखी लाल मिर्च।
विधि:
– कच्चे आमों को धोकर और काटकर एक सफेद कपड़े पर 2 से 3 दिनों के लिए तेज धूप में सुखाएं।
– अब इनको चने की दाल, नमक, लाल मिर्च पाउडर, हल्दी, मेथी, निगेला और सौंफ के दानों के साथ मिलाएं।
– अब इन मसाले वाले आमों को एक साफ जार में डाल दें और अलग से सरसों के तेल को गर्म करें। अब हींग और सूखी लाल मिर्च भी डालें। मिर्च को हल्का गहरा होने तक चलाएं। तेल को गैस से हटाकर ठंडा होने रख दें। अब तेल को आमों के ऊपर डाल दें।
– इसे 15 दिनों के लिए धूप में रख दें। थोड़े-थोड़े समय बाद इस जार को हिलाते रहें। याद रखें कि इस जार को धूप ढलने से पहले उठा लें।
नागा आखुनि अचार

सामग्री:
- ५०० ग्राम किण्वित सेम,
- ३ सूखी भूत झोलाकिआ मिर्च,
- ३ बड़े चम्मच तेल,
- एक बड़ा हिस्सा अदरक,
- १० लहसुन की फांक, २ बड़े चम्मच नमक,
- थोड़े पेपर कॉन्र्स।
विधि:
- १.एक बड़ा चम्मच तेल में मिर्च को फ्राई करें।
- अदरक, लहसुन, नमक और पेपर कॉन्र्स के साथ इसे पीस कर अच्छे से पाउडर बना लें।
- इसे आखुनि के साथ मिला लें।
- २. बचे हुए तेल को गर्म कर लें और उसमें मसाले वाली आखुनि को इसमें मिलाएं।
- २-३ मिनट के बाद गैस पर से हटाएं और बोतल में डालकर इस्तेमाल करें।
पारसी तारापुरी पातियो

यह खट्टा मीठा अचार होता है। तारापोरे शब्द गुजरात के एक गांव तारापोरे से लिया गया है। सभी पारसी लोगों को सीफूड खाने का बहुत शौक होता है तो इस तारापोरे में मौजूद मछली इन्हें सभी सीजन में खाने को मिलती है। बूमला नाम की मछली बरसात के मौसम में बहुत अधिक पाई जाती है। पारसी लोग इसे सुखाकर नमक से सुरक्षित रखते हैं। इस तरह इसे पूरे साल खाया जा सकता है।
सामग्री:
- 12 सूखी बूमला मछली,
- ½ हाफ लहसुन,
- 9 से 12 तीखी सूखी लाल मिर्च,
- 2 छोटे चम्मच जीरे के दाने,
- 4 प्याज़ बारीक कटे,
- ½ कप सिरका,
- 2½ कप गुड,
- 2 बड़े चम्मच नमक,
- 2 बड़े चम्मच वेजिटेबल ऑयल।
विधि:
– गुड को द कप सिरके में भिगो दें। सभी बुमला के सर और पैर निकाल दें।
– सभी बुमला को 4 हिस्सों में काट लें।
– 1 बड़ी चम्मच सिरके के साथ लहसुन, लाल मिर्च और जीरे का पेस्ट बना लें।
– एक पैन में तेल गर्म करके उसमे प्याज को भूनें।
– इसमें मसाले का पेस्ट डालें और 5 मिनट तक पकाएं। बुमला के टुकड़े डालकर मिक्स करें।
– नमक और 3 कप सिरका डालकर 3 मिनट के लिए पकाएं। अब सिरके और गुड का मिश्रण द कप पानी के साथ डालें। इसे धीमी आंच पर 10 मिनट के लिए ढककर पकाएं या जब तक सीफूड अच्छे से न पक जाए।
– इसे साधारण या वेजिटेबल खिचड़ी के साथ परोसें।
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