Smiling woman in traditional attire
rechal

Summary: मॉडल रेचल गांधी का निधन: रंगभेद की आवाज अब खामोश

13 जुलाई को पुडुचेरी में मॉडल सन रेचल गांधी का निधन हो गया। 26 वर्षीय रेचल रंगभेद के खिलाफ आवाज उठाने वाली मिस पांडिचेरी रह चुकी थीं। हाल ही में शादी के बाद वह आर्थिक और वैवाहिक तनाव से जूझ रही थीं।

San Rechel Gandhi Life Story: पुडुचेरी में 13 जुलाई को एक दुखद घटना ने सभी को झकझोर कर रख दिया, जब मॉडल और पूर्व मिस पांडिचेरी रह चुकीं सैन रेचल गांधी का निधन हो गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने अत्यधिक मात्रा में नींद की गोलियां ली थीं, जिसके बाद उन्हें जवाहरलाल इंस्टीट्यूट ऑफ पोस्टग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (JIPMER) में भर्ती कराया गया था, जहाँ उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। वह मात्र 26 वर्ष की थीं।

घटना के बाद उनका शव पोस्टमार्टम के लिए पुडुचेरी सरकारी अस्पताल भेजा गया है। पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें रेचल ने स्पष्ट रूप से लिखा है कि उनकी मृत्यु के लिए किसी को भी जिम्मेदार न ठहराया जाए। बावजूद इसके, पुलिस ने जांच शुरू कर दी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं इस दुखद कदम के पीछे कोई और सामाजिक या पारिवारिक दबाव तो नहीं था।

Woman smiling with a cat and in traditional attire
San Rachel Gandhi

सैन रेचल गांधी और शंकरप्रिया नाम से भी जाना जाता था। वे पुडुचेरी की एक चर्चित मॉडल थीं और करमानीकुप्पम इलाके में रहती थीं। उन्होंने पारंपरिक सौंदर्य मानकों, खासकर त्वचा के रंग को महत्व देने वाली सोच को पीछे छोड़ते हुए अपनी अलग पहचान बनाई और रंगभेद के खिलाफ एक सशक्त आवाज बनकर उभरीं।

रेचल गांधी को ज़्यादातर लोग मिस पांडिचेरी 2022 के रूप में जानते हैं, लेकिन वह सिर्फ एक ख़िताब या रनवे की रौशनी नहीं थीं। उन्होंने अपने जीवन को रंगभेद, सौंदर्य मानकों और सामाजिक असमानता के खिलाफ एक सशक्त अभियान में बदल दिया था।

उन्होंने बॉडी पॉज़िटिविटी और स्किन टोन इनक्लूज़न जैसे विषयों पर खुलकर अपनी राय रखी और खासतौर पर सांवली त्वचा वाली महिलाओं को गौरव के साथ जीने की प्रेरणा दी। रेचल भारतीय मीडिया और सौंदर्य इंडस्ट्री में व्याप्त “गोरी त्वचा ही सुंदरता है” जैसे पूर्वाग्रहों को चुनौती देने वाली एक जीवंत प्रतीक थीं।

रेचल की उपलब्धियां उनके साहस जितनी ही प्रभावशाली थीं। उन्हें मिस बेस्ट एटीट्यूड 2019, मिस डार्क क्वीन तमिलनाडु 2019, क्वीन ऑफ मद्रास 2022, और मिस अफ्रीका गोल्डन (भारत प्रतिनिधित्व – 2023) जैसे खिताबों से नवाज़ा गया।

2024 में, उन्हें वास्को द्वारा ‘इरावी अवॉर्ड्स’ के तहत Runway Mastery Award भी प्रदान किया गया। यह सम्मान उन्हें उनके मंच संचालन, आत्मविश्वास और सौंदर्य की पारंपरिक परिभाषा को चुनौती देने के लिए मिला था।

रेचल का निजी जीवन बाहर से जितना आत्मविश्वास से भरा दिखता था, अंदर से उतना ही संघर्षमय था। हाल ही में उनकी शादी हुई थी, लेकिन सूत्रों की मानें तो वह फाइनेंशियल मुसीबत और मैरिड लाइफ की प्रॉब्लम्स से जूझ रही थीं।

सूत्रों के अनुसार, उन्होंने अपने मॉडलिंग करियर को बनाए रखने के लिए अपने गहने तक बेच दिए, और जब उन्होंने अपने पिता से आर्थिक मदद मांगी, तब पारिवारिक जिम्मेदारियों के चलते वह मदद नहीं कर सके।

उनका बचपन का नाम शंकरप्रिया हैं, लेकिन उन्होंने अपनी पहचान रेचल गांधी के रूप में बनाई। एक महिला के रूप में उन्होंने खुद को सीमित खांचों में बाँधने से इनकार कर दिया। उन्होंने अपने आत्मसम्मान और स्वतंत्र सोच के बल पर अपनी पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुँचाया। वह उन चंद महिलाओं में थीं जिन्होंने ब्यूटी पेजेंट्स को सामाजिक परिवर्तन का मंच बनाया, न कि केवल सुंदरता प्रदर्शन का जरिया।

उनके असामयिक निधन से फैशन इंडस्ट्री, समाजिक कार्यकर्ता और हजारों युवा स्तब्ध हैं। सोशल मीडिया पर उन्हें याद करते हुए लोगों ने उन्हें एक “क्रांतिकारी, संवेदनशील और साहसी महिला” बताया जो अंत तक न्याय और समानता की बात करती रही।

मैं एक बहुमुखी मीडिया पेशेवर हूं, जिसे कंटेंट लेखन में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव है। मेरा लक्ष्य ऐसी सामग्री पर ध्यान केंद्रित करना है जो सूचित, शिक्षित और प्रेरित करती है। चाहे लेख, ब्लॉग या मल्टीमीडिया सामग्री बनाना हो, मेरा लक्ष्य...