Paresh Rawal on Hera Pheri 3: परफेक्ट कॉमिक टाइमिंग, मजेदार डायलॉग्स और आइकॉनिक तिकड़ी, 2000 की क्लासिक कल्ट फिल्म ‘हेरा फेरी’ की जान है। इसी के चलते पिछले 25 सालों से यह फिल्म और इसके कलाकार दर्शकों के दिलों पर राज कर रहे हैं। फ्रेंचाइजी की दोनों फिल्में, ‘हेरा फेरी’ और ‘फिर हेरा फेरी’, ने दर्शकों को खूब हंसाया और अब बारी तीसरे पार्ट की है, जिसका फैंस बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
हेरा फेरी 3’ को लेकर चर्चा जोरो पर
‘हेरा फेरी 3’ को लेकर चर्चा कोई नई नहीं है, बल्कि सालों से इसका बेसब्री से इंतजार किया जा रहा है। पहले खबरें थीं कि फिल्म का निर्देशन प्रियदर्शन नहीं, बल्कि अनीस बज्मी करेंगे और राजू की भूमिका में अक्षय कुमार की जगह कोई और नजर आएगा। हालांकि, अब पुष्टि हो चुकी है कि फिल्म आइकॉनिक तिकड़ी—अक्षय कुमार, सुनील शेट्टी और परेश रावल—के साथ ही बनेगी और निर्देशन की कमान प्रियदर्शन संभालेंगे, जिससे फैंस की उम्मीदें और भी बढ़ गई हैं।

कार्तिक बनने वाले थे राजू
हाल ही में, परेश रावल ने खुलासा किया कि ‘फिर हेरा फेरी’ में अक्षय कुमार को रिप्लेस करने वाले एक्टर को लेकर काफी चर्चा हुई थी। पहले उनकी जगह कार्तिक आर्यन लीड रोल निभाने वाले थे, उन्होंने फिल्म भी साइन कर ली थी, लेकिन बाद में उन्हें रिप्लेस कर दिया गया।सिद्धार्थ कन्नन के साथ बातचीत में परेश रावल ने कहा, “उस समय कहानी एकदम अलग थी। इसको राजू समझ के पकड़ के लेकर आए थे, पर यह अलग ही किरदार था।” यानी, फिल्म की पुरानी स्क्रिप्ट में बदलाव किए गए थे, लेकिन अब आइकॉनिक तिकड़ी के साथ ही फिल्म बनाई जाएगी।
फिर हेरा फेरी से नाखुश थे परेश रावल
हेरा फेरी में बाबूराव का किरदार निभाने वाले परेश रावल ने इसी इंटरव्यू में खुलासा किया कि वह ‘फिर हेरा फेरी’ से पूरी तरह खुश नहीं थे। भले ही फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर सफलता हासिल की, लेकिन अभिनेता का मानना है कि इसने पहली फिल्म की मासूमियत और सिंप्लिसिटी खो दी थी। उन्होंने कहा, “मैं ही नहीं बल्कि हर कोई जरूरत से ज्यादा ओवरकॉन्फिडेंट था। फिल्म ने अपनी मासूमियत खो दी। कहने के लिए माफी चाहता हूं, लेकिन वो फिल्म सही तरीके से नहीं बनी थी।” उन्होंने निर्देशक नीरज वोरा से भी कहा था कि “तू भर रहा है इसमें, वो जरूरी नहीं है यार। पहले वाली सिंप्लिसिटी को रख। ज्यादा भरेगा तो मामला बिगड़ेगा। लोग हर बात पर हंसेंगे, लेकिन हमें अनुपात का सेंस होना चाहिए।” परेश रावल के मुताबिक, फिल्म में गहराई और बैलेंस की कमी थी, जो पहली फिल्म की सबसे बड़ी ताकत थी।
