Summary: ऑनलाइन गेमिंग के दबाव पर सोनू सूद ने की सख्त अपील, बच्चों की सुरक्षा को बताया सबसे जरूरी

गाजियाबाद में तीन नाबालिग बहनों की मौत के बाद सोनू सूद ने डिजिटल लत पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने बच्चों के लिए सोशल मीडिया और ऑनलाइन गेमिंग पर सख्त नियंत्रण की अपील की।

Sonu Sood on Ghaziabad Case: ऑनलाइन गेम की लत किसी की जान भी ले सकती है इस बात का सबूत एक बार फिर गाजियाबाद में देखने को मिला। यहां तीन सगी बहनों ने नौवीं मंजिल से कूदकर अपनी जान दे दी। जब यह घटना सामने आई तो पूरे देश में सनसनी मच गई। इस पूरे मामले पर आप बॉलीवुड एक्टर सोनू सूद का रिएक्शन सामने आया है।

आपको बता दें कि ये पहला मामला नहीं है जब ऑनलाइन गेमिंग की लत किसी के लिए जानलेवा साबित हुई है। अब एक्टर ने उस प्रेशर की तरफ लोगों का ध्यान आकर्षित किया है, जो आज के बच्चों को डिजिटल एडिक्शन और ऑनलाइन गेमिंग की वजह से महसूस हो रहा है। उनका कहना है कि सही मार्गदर्शन और देखभाल की जरूरत है ना कि किसी एल्गोरिदम की आवश्यकता है।

सोनू सूद ने दिसंबर 2025 में ही 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया और ऑनलाइन गेमिंग पर बैन लगाने की मांग की थी। अब अपने X और इंस्टाग्राम अकाउंट से उन्होंने गाजियाबाद में हुई तीन बहनों की मौत पर दुख जाहिर किया है। इसी के साथ उन्होंने डिजिटल मीडिया और ऑनलाइन गेम की लत के प्रति लोगों को आगाह किया है।

एक्टर ने अपनी पोस्ट में लिखा “आज गाजियाबाद में तीन लड़कियों की जान चली गई। यह हिंसा या गरीबी से नहीं बल्कि ऑनलाइन गेमिंग और डिजिटल लत के अनदेखे दबाव की वजह से हुआ है। मैंने पहले भी कहा है और फिर से कह रहा हूं। शिक्षा को छोड़कर, 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया और ऑनलाइन गेमिंग पर बैन लगाया जाना चाहिए। बच्चों को एल्गोरिदम कि नहीं है मार्गदर्शन की जरूरत है।”

सोनू ने आगे लिखा “बच्चों को देखभाल की जरूरत है लगातार स्क्रीन के सामने खड़े रहने की नहीं। यह दोष लगाने की बात नहीं है बल्कि सुरक्षा की बात है। इसके पहले की बहुत देर हो जाए कदम उठाना जरूरी है। इसे एक और ऐसी खबर न बनने दें जिसे हम भूल जाएं। अब एक्शन लेने का समय आ चुका है।”

हाल ही में गाजियाबाद के टीला मोड़ थाना क्षेत्र में तीन नाबालिक बहनों ने एक बिल्डिंग की 9वीं मंजिल से कूद कर अपनी जान दे दी। यह बहनें 16, 14 और 12 साल की थी। रात करीब 2 बजे के आसपास इन तीनों के गिरने की आवाज आई। आवाज आते ही लोग उनकी तरफ दौड़े और घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची और जांच पड़ताल शुरू की। शुरुआती जांच में यह सामने आया कि तीनों बहनों को कोरियन टास्क बेस्ड इंटरैक्टिव गेम खेलने की आदत थी। पेरेंट्स के कई बार मना करने के बावजूद भी इन्होंने गेम खेलना जारी रखा। मृतक बहनों के पिता के मुताबिक लॉकडाउन के वक्त से उन्हें मोबाइल फोन की लत लग गई थी। तीनों हर काम साथ में करने लगी थी। पुलिस उपायुक्त निमिष पाटिल के मुताबिक माता-पिता ने कुछ दिनों से मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर रोक लगा दी थी, जिसके बाद से वह बहुत परेशान चल रही थी।

खबरों के मुताबिक जिस कोरियन गेम को यह तीनों बहनें खेल रही थी उसमें लोगों को अलग-अलग टास्क दिए जाते हैं। जब एक गेम खत्म होने वाला होता है तो खेलने वाले को अपने सबसे करीबी इंसान को एक नोट लिखने को कहा जाता है। इसमें अकेले रहने, किसी से बात न करने जैसे टास्क दिए जाते हैं।

ऑनलाइन गेमिंग और सोशल मीडिया की बढ़ती हुई लत को देखते हुए ऑस्ट्रेलिया में 10 दिसंबर 2025 से 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर पूरी तरह से बैन लगा दिया गया था। टिक टॉक, इंस्टाग्राम, रेडिट, स्नैपचैट जैसे प्लेटफार्म के एक्सेस पर भी रोक लगा दी गई थी। इस पहल को देखते हुए सोनू सूद ने भी भारत सरकार से देश में 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया और ऑनलाइन गेम पर बैन लगाने की अपील की थी।

एक्टर ने सोशल मीडिया के जरिए लिखा था “ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों ने 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर बैन लगा दिया है, अब भारत को भी ऐसा करने पर विचार करना चाहिए। हम बच्चों को एक सच्चा बचपन, मजबूत फैमिली बॉन्ड और स्क्रीन लत से मुक्ति पाने का अधिकार दे सकते हैं। हमारी सरकार देश के भविष्य के लिए कई शानदार कदम उठा चुकी है और यह कदम एक और सशक्त उदाहरण बन सकता है। चलिए अपने बच्चों की रक्षा करें ताकि कल का भारत बेहतर बन सके।”

मैं एक बहुमुखी मीडिया पेशेवर हूं, जिसे कंटेंट लेखन में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव है। मेरा लक्ष्य ऐसी सामग्री पर ध्यान केंद्रित करना है जो सूचित, शिक्षित और प्रेरित करती है। चाहे लेख, ब्लॉग या मल्टीमीडिया सामग्री बनाना हो, मेरा लक्ष्य...