"Kantara," Rishabh Shetty sought the Goddess's blessings.

Summary: ‘कांतारा’ स्टार ऋषभ शेट्टी पहुंचे बिहार के मुंडेश्वरी मंदिर, फिल्म की सफलता पर जताया आभार

‘कांतारा चैप्टर 1’ की जबरदस्त सफलता के बाद अभिनेता और फिल्ममेकर ऋषभ शेट्टी बिहार के कैमूर जिले स्थित दुनिया के सबसे प्राचीन मुंडेश्वरी मंदिर पहुंचे। उन्होंने मां दुर्गा का आशीर्वाद लिया और फिल्म की सफलता के लिए धन्यवाद किया। यह मंदिर अपनी 2000 साल पुरानी विरासत, रक्तहीन बलि की अनोखी परंपरा और आध्यात्मिक ऊर्जा के लिए प्रसिद्ध है।

Kantara Chapter 1: कन्नड़ सिनेमा के मशहूर एक्टर और फिल्ममेकर ऋषभ शेट्टी की फिल्म ‘कांतारा चैप्टर 1’ को दर्शकों से जबरदस्त प्यार और सराहना मिल रही है। यह फिल्म अपनी रिलीज़ के साथ ही न सिर्फ बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड तोड़ रही है, बल्कि लोगों के दिलों में भी जगह बना रही है। इसी बीच ‘कांताराः चैप्टर 1′ की सफलता के बाद ऋषभ शेट्टी दुनिया के सबसे पुराने मंदिर, मुंडेश्वरी मंदिर, पहुंचे और उन्होंने मां का धन्यवाद किया, जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है। बिहार के कैमूर जिले में स्थित दुनिया का सबसे पुराना मंदिर है मां मुंडेश्वरी देवी का। यहां की रक्तहीन बलि बहुत फेमस है।

"Kantara: Chapter 1" breaks several box office records

फिल्म की लगातार चल रही जबरदस्त सफलता के बीच, ऋषभ शेट्टी दुनिया के सबसे पुराने मंदिर, मुंडेश्वरी मंदिर, पहुंचे। फिल्म को भारी सफलता मिल रही है, ऐसे में ऋषभ शेट्टी ने इस जबरदस्त रिस्पॉन्स के लिए भगवान का धन्यवाद अर्पित करने के लिए उनका आशीर्वाद लिया। उन्होंने माता मुंडेश्वरी का अभिषेक भी किया और मंदिर की आध्यात्मिक ऊर्जा को महसूस किया। यह दुनिया का सबसे पुराना मंदिर बिहार में स्थित है।

‘कांताराः चैप्टर 1 फिल्म 2 अक्टूबर को दुनिया भर में कन्नड़, हिंदी, तेलुगू, मलयालम, तमिल, बंगाली और अंग्रेजी भाषाओं में रिलीज हो चुकी है। यह लगातार सफलता के नए रिकॉर्ड बना रही है। हर गुजरते दिन के साथ इसकी लोकप्रियता और बढ़ती जा रही है। देशभर के दर्शकों से मिल रहे जबरदस्त प्यार और तारीफों के बीच, फिल्म बॉक्स ऑफिस पर शानदार परफॉर्म कर रही है और अपनी जगह एक बड़ी हिट के रूप में पक्की कर चुकी है।

This is the oldest temple in the world

बिहार के कैमूर जिले में स्थित मां मुंडेश्वरी देवी मंदिर न सिर्फ भारत का, बल्कि दुनिया का सबसे प्राचीन जीवित मंदिर माना जाता है। यह मंदिर अपनी आध्यात्मिक महत्ता और अनोखी परंपराओं के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है। मां मुंडेश्वरी देवी मंदिर का इतिहास लगभग 2000 साल से भी पुराना माना जाता है। यह मंदिर कैमूर की पहाड़ियों पर स्थित है। इसे दुनिया का सबसे पुराना सक्रिय मंदिर कहा जाता है, जहां आज भी पूजा-अर्चना नियमित रूप से की जाती है।

इस मंदिर की सबसे अनोखी परंपरा है रक्तहीन बलि। आमतौर पर देवी पूजा में बकरे की बलि को हिंसात्मक रूप में देखा जाता है, लेकिन यहां श्रद्धालु अहिंसक तरीके से बलि चढ़ाते हैं। पुजारी केवल संस्कार मंत्रों का पाठ करते हैं और बकरे को मां दुर्गा के चरणों में अर्पित कर देते हैं। बलि के बाद उस बकरे को मारने के बजाय उसे खुले जंगल में छोड़ दिया जाता है। यह परंपरा भारत की समृद्ध संस्कृति में अहिंसा और श्रद्धा का सुंदर मेल दर्शाती है।

Maa Mundeshwari Temple, famous as a Shaktipeeth
Maa Mundeshwari Temple, famous as Shaktipeeth

हर साल विशेष पर्वों के दौरान यहां लाखों श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं। मां मुंडेश्वरी को शक्ति स्वरूपा माना जाता है और मान्यता है कि यहां मां से मांगी गई मन्नतें जरूर पूरी होती हैं। श्रद्धालु यहां आकर केवल पूजा ही नहीं करते, बल्कि इस पवित्र स्थल की ऊर्जा और शांति का अनुभव भी करते हैं। यहां आने वाले लोग इस मंदिर को चमत्कारी मंदिर के रूप में मानते हैं।

मेरा नाम नमिता दीक्षित है। मैं एक पत्रकार हूँ और मुझे कंटेंट राइटिंग में 3 साल का अनुभव है। मुझे एंकरिंग का भी कुछ अनुभव है। वैसे तो मैं हर विषय पर कंटेंट लिख सकती हूँ लेकिन मुझे बॉलीवुड और लाइफ़स्टाइल के बारे में लिखना ज़्यादा पसंद...