Chahat Fateh Ali Khan New Song: पाकिस्तानी इन्फ्लुएंसर-गायक चाहत फतेह अली खान का ‘बदो बदी’ गाना खूब वायरल हुआ था। इसके भी कई मीम्स बने थे। एक बार फिर भारतीय सोशल मीडिया स्पेस में वायरल हो रहे हैं। इस बार वे अपने ताज़ा देशभक्ति गीत के लिए चर्चा में हैं, जिसका उद्देश्य शायद पाकिस्तानी सेना का मनोबल बढ़ाना है। अपने नए गीत “मेरे वतन मेरे चमन” को लेकर सोशल मीडिया पर मीम्स की बाढ़ ला चुके हैं। इस गाने की वजह से उन्हें भारतीय नेटिज़न्स की ओर से “पाकिस्तानी ढिंचैक पूजा” की उपाधि तक मिल गई है।

इस वीडियो में गायक को गाना गाते हुए देखा जा सकता है, जबकि पीछे पाकिस्तानी सेना, झंडा और देश के विभिन्न स्थानों के दृश्य चलते हैं। उनका गायन वही शैली अपनाता दिखता है जैसा “बदो बदी” में था। यह 2024 में वायरल हुआ था और जिसे नेटिज़न्स ने दोबारा बनाकर और उस पर थिरक कर खूब फैलाया।

तीन बार के ग्रैमी विजेता रिकी केज ने इस गाने के लिए एक शब्द में लिखा – “डरावना”। एक अन्य एक्स यूजर ने चाहत फतेह अली खान और ढिंचैक पूजा की तुलना करते हुए लिखा, “भारत – ढिंचैक पूजा। पाकिस्तान – चाहत फतेह अली खान। कम से कम ढिंचैक पूजा तो मिलियन व्यूज़ ले आती है।”

एक अन्य सोशल मीडिया यूज़र ने लिखा, “अब यह है पाकिस्तान की स्ट्राइक… कोई भारतीय नहीं बच पाएगा। ब्रह्मोस को भूल जाओ, सरेंडर कर दो। पाकिस्तान सेना ने भारत पर अपना अंतिम हथियार गिरा दिया है। इसका नाम है चाहत फतेह अली खान।”

एक एक्स यूज़र ने लिखा, “पाकिस्तान ने भारत पर अब पूर्ण हमला शुरू कर दिया है,जो किसी बड़े परमाणु हमले से भी बदतर है। ठीक है दोस्तों… सब खत्म हो गया। मैं आत्मसमर्पण करता हूं और सभी भारतीय सेनाओं को पूरी तरह और बिना शर्त आत्मसमर्पण का आदेश देता हूं। यह गाना सहन करना बहुत मुश्किल है।”

इंस्टाग्राम पर देश की सामाजिक-राजनीतिक स्थितियों पर अपने रील्स के लिए जानी जाने वाली कंटेंट क्रिएटर शमिता यादव उर्फ द रैंटिंग गोला का हवाला देते हुए एक नेटिज़न ने लिखा, “चाहत फतेह अली खान ने भारत के खिलाफ नया गाना जारी किया है। अब हमें रैंटिंग गोला को छोड़ देना चाहिए।”

एक और व्यक्ति ने एक्स पर लिखा, “पाकिस्तान के पास परमाणु बम से भी घातक हथियार है और वो है चाहत फतेह अली खान।”

बता दें कि 10 मई से भारत और पाकिस्तान ने चार दिनों तक चली ज़बरदस्त तनातनी के बाद ज़मीन, आकाश और समुद्र पर तत्काल युद्धविराम की घोषणा की। अब सोशल मीडिया पर दोनों देशों के लोग आमने-सामने हैं।

ढाई दशक से पत्रकारिता में हैं। दैनिक भास्कर, नई दुनिया और जागरण में कई वर्षों तक काम किया। हर हफ्ते 'पहले दिन पहले शो' का अगर कोई रिकॉर्ड होता तो शायद इनके नाम होता। 2001 से अभी तक यह क्रम जारी है और विभिन्न प्लेटफॉर्म के लिए फिल्म समीक्षा...