Summary: नयनतारा की डॉक्यूमेंट्री में ‘चंद्रमुखी’ के फुटेज के बिना अनुमति इस्तेमाल पर Netflix और प्रोड्यूसर्स को कोर्ट का नोटिस
नयनतारा की नेटफ्लिक्स डॉक्यूमेंट्री "Beyond The Fairytale" एक बार फिर विवादों में घिर गई है। 2005 की फिल्म चंद्रमुखी के कॉपीराइट धारक AP International ने आरोप लगाया है कि डॉक्यूमेंट्री में फिल्म के दृश्य बिना अनुमति के शामिल किए गए हैं। इस पर मद्रास हाईकोर्ट ने Netflix और प्रोड्यूसर Tarc Studio को नोटिस जारी किया है।
Chandramukhi Footage Controversy: साउथ फिल्म इंडस्ट्री की एक्ट्रेस नयनतारा की डॉक्यूमेंट्री “नयनतारा: बियॉन्ड द फेयरी टेल” एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गई है। नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुई इस डॉक्यूमेंट्री को लेकर पहले से ही एक्टर धनुष कानूनी कार्रवाई कर चुके हैं और अब 2005 में आई सुपरहिट फिल्म “चंद्रमुखी” के निर्माताओं ने इस डॉक्यूमेंट्री में उनके फिल्म के फुटेज को अवैध रूप से इस्तेमाल करने का आरोप लगाते हुए नेटफ्लिक्स और डॉक्यूमेंट्री प्रोड्यूसर टार्क स्टूडियो एलएलपी को मद्रास हाईकोर्ट से नोटिस भिजवाया है।
क्या है नयनतारा से जुड़ा पूरा मामला?
एक रिपोर्ट के अनुसार, मद्रास हाईकोर्ट ने नेटफ्लिक्स और टार्क स्टूडियो एलएलपी को नोटिस जारी किया है। यह याचिका एपी इंटरनेशनल द्वारा दायर की गई थी, जो “चंद्रमुखी” फिल्म के कॉपीराइट और ऑडियो विज़ुअल अधिकारों के मालिक हैं (कुछ देशों में ऑडियो कैसेट और सीडी को छोड़कर)। याचिका में कहा गया है कि डॉक्यूमेंट्री में फिल्म “चंद्रमुखी” का वीडियो कंटेंट बिना लाइसेंस और अनुमति के इस्तेमाल किया गया है, और यह फुटेज यूट्यूब से लेकर सीधे डॉक्यूमेंट्री में शामिल कर दिया गया।
5 करोड़ रुपये के नुकसान की भरपाई की मांग
एपी इंटरनेशनल ने बताया कि उन्होंने पहले ही एक cease and desist notice भेजकर डॉक्यूमेंट्री प्रोड्यूसर्स से 5 करोड़ रुपये के नुकसान की भरपाई की मांग की थी। हालांकि, दावा किया गया है कि प्रोड्यूसर्स ने अधिकार हासिल करने का प्रयास तभी किया जब कानूनी नोटिस भेजा गया। इससे पहले एक्टर धनुष भी इस मामले पर कानूनी कार्रवाई कर चुके हैं।
क्या मांगा गया है कोर्ट में?
अब एपी इंटरनेशनल ने अदालत से मांग की है कि डॉक्यूमेंट्री से “चंद्रमुखी” से जुड़ा हर हिस्सा हटाया जाए और निर्माता कंपनी को इस फुटेज के किसी भी प्रकार के इस्तेमाल से स्थायी रूप से रोका जाए। यह याचिका तब आई है जब इस साल की शुरुआत में सिवाजी प्रोडक्शन्स ने यह स्पष्ट किया था कि उन्होंने नयनतारा पर किसी भी तरह का 5 करोड़ रुपये का केस नहीं किया है और उन्होंने डॉक्यूमेंट्री के लिए एनओसी भी दी थी। बावजूद इसके, फुटेज से संबंधित अधिकार अलग कंपनी के पास होने के कारण यह विवाद और गहरा हो गया है।
नयनतारा की चुप्पी और विवाद की छाया
डॉक्यूमेंट्री “नयनतारा: बियॉन्ड द फेयरी टेल” नवंबर 2024 में नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुई थी। इसमें नयनतारा की पर्सनल और प्रोफेशनल जिंदगी को दिखाया गया है। इसमें उनकी शादी, जुड़वां बच्चों और फिल्मी सफर को बेहद इमोशनल तरीके से प्रस्तुत किया गया है। लेकिन इन तमाम विवादों के बीच नयनतारा ने अब तक इस पूरे मामले पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। न ही सोशल मीडिया पर कोई टिप्पणी की है, और न ही मीडिया को कोई स्टेटमेंट जारी किया है। यह मामला अब अदालत तक पहुंच चुका है और इसका नतीजा क्या होगा, यह तो आने वाला समय ही बताएगा। लेकिन फिलहाल नयनतारा की डॉक्यूमेंट्री पर विवाद का साया बरकरार है।
