Masaba Gupta recalls how people wanted to prove she was an illegitimate child
Masaba Gupta recalls how people wanted to prove she was an illegitimate child

Overview: फैशन डिज़ाइनर ने बताया, समाज के तानों ने बचपन को बना दिया था चुनौतीपूर्ण

मसाबा गुप्ता ने अपने बचपन से जुड़ी एक बेहद दर्दनाक सच्चाई साझा की—न केवल लोग उन्हें “नाजायज़” साबित करना चाहते थे बल्कि उनका जन्म प्रमाणपत्र भी हॉस्पिटल से चोरी कर लिया गया था। समाज की इस कड़वी सोच ने उन्हें जरूर आहत किया, लेकिन मां के सहयोग और अपनी दृढ़ता की बदौलत उन्होंने खुद को मजबूत बनाया। आज वह फैशन इंडस्ट्री की एक सफल और प्रेरणादायक पहचान हैं।

Masaba Gupta recalls a painful experience : फैशन डिज़ाइनर और अभिनेत्री मसाबा गुप्ता अक्सर अपनी जिंदगी के अनुभवों पर बेझिझक बात करती हैं। हाल ही में उन्होंने एक ऐसा खुलासा किया जिसने लोगों को हैरान कर दिया। मसाबा ने बताया कि उनके बचपन में कई लोगों की कोशिश रहती थी कि वे उन्हें “नाजायज़ बच्ची” साबित करें। इतना ही नहीं, उन्होंने दावा किया कि उनका बर्थ सर्टिफिकेट भी हॉस्पिटल से चोरी हो गया था। अपने इस दर्द और संघर्ष को साझा करते हुए उन्होंने बताया कि समाज की तंग सोच ने उन पर किस तरह गहरा असर छोड़ा।

बचपन से ही सवालों के घेरे में रहीं मसाबा

मसाबा गुप्ता का जन्म हमेशा से लोगों की चर्चाओं में रहा। उनकी मां नीना गुप्ता और दिग्गज क्रिकेटर विव रिचर्ड्स के रिश्ते को लेकर समाज के एक बड़े हिस्से ने सवाल उठाए, और इसका असर सीधा मसाबा पर पड़ा। उन्होंने कहा कि कई लोग बचपन से ही उनकी वैधता पर सवाल खड़ा करते थे।

“लोग मुझे नाजायज़ साबित करना चाहते थे” — मसाबा की पीड़ा

मसाबा ने बताया कि कई लोग उनके परिवार की कहानी को तोड़-मरोड़कर पेश करते थे। उनका कहना था कि कुछ लोग इतने आगे बढ़ गए थे कि वे किसी भी तरह यह साबित करना चाहते थे कि वह एक “अमान्य बच्चे” की तरह पैदा हुई हैं। एक छोटी बच्ची के लिए यह माहौल बेहद तनावपूर्ण था।

बर्थ सर्टिफिकेट चोरी होने की चौंकाने वाली घटना

इस बातचीत के दौरान मसाबा ने सबसे दर्दनाक घटना साझा की—उन्होंने बताया कि उनका जन्म प्रमाणपत्र हॉस्पिटल से चोरी हो गया था। उनकी मां नीना गुप्ता ने इस घटना को बेहद चिंताजनक बताया था क्योंकि बर्थ सर्टिफिकेट चोरी होना इस बात का सबूत था कि कुछ लोग किसी भी हद तक जाकर उनकी पहचान पर सवाल उठाना चाहते थे।

नीना गुप्ता की मजबूती ने संभाला पूरा माहौल

मसाबा ने बताया कि उनकी मां नीना हमेशा ढाल की तरह उनके साथ खड़ी रहीं। समाज की बातों से बेफिक्र होकर उन्होंने मसाबा को एक सुरक्षित माहौल में पाला, जहां उन्हें खुद पर विश्वास करना सिखाया गया। नीना की दृढ़ता ने मसाबा को वह आत्मविश्वास दिया जो आगे चलकर उनके करियर की सबसे बड़ी ताकत बना।

मसाबा का संघर्ष उन्हें कैसे मजबूत बनाता गया

इन कठिन अनुभवों ने मसाबा को तोड़ा नहीं, बल्कि आगे बढ़ने की हिम्मत दी। उन्होंने बताया कि समाज की कटाक्ष भरी नजरें कभी उन्हें रोक नहीं पाईं। फैशन इंडस्ट्री में अपनी अलग जगह बनाकर उन्होंने साबित किया कि पहचान जन्म से नहीं, मेहनत और टैलेंट से बनती है।

आज की जेनरेशन के लिए मसाबा का संदेश

मसाबा ने कहा कि आज भी कई बच्चे ऐसी परिस्थितियों का सामना करते हैं, जहां समाज उन्हें जज करता है। उन्होंने युवाओं को संदेश दिया कि अपनी पहचान पर गर्व करें और किसी की नकारात्मक बातों से खुद को कमजोर न होने दें। उनका मानना है कि हर किसी को अपनी कहानी खुद लिखने का अधिकार है।

मेरा नाम श्वेता गोयल है। मैंने वाणिज्य (Commerce) में स्नातक किया है और पिछले तीन वर्षों से गृहलक्ष्मी डिजिटल प्लेटफॉर्म से बतौर कंटेंट राइटर जुड़ी हूं। यहां मैं महिलाओं से जुड़े विषयों जैसे गृहस्थ जीवन, फैमिली वेलनेस, किचन से लेकर करियर...