lucky ali gets angry on javed akhtar
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Overview: गीतकार जावेद अख्तर के हिंदू-मुस्लिम संबंधों पर दिए गए बयान ने बवाल मचा दिया

जावेद अख्तर के हिंदू-मुस्लिम बयान पर लकी अली की नाराज़गी ने बॉलीवुड में नई बहस छेड़ दी है। जहां लकी अली ने कहा कि कला को धर्म से जोड़ना गलत है, वहीं जावेद अख्तर का कहना है कि उनके शब्दों को गलत समझा गया।

Lucky Ali And Javed Akhtar : बॉलीवुड के दिग्गज गीतकार और लेखक जावेद अख्तर अपने बेबाक बयानों के लिए जाने जाते हैं। हाल ही में दिए गए उनके एक बयान ने फिर से विवाद खड़ा कर दिया है। उन्होंने हिंदू-मुस्लिम एकता पर टिप्पणी करते हुए कुछ ऐसे शब्द कहे जो कई लोगों को नागवार गुज़रे। इसी पर अब सिंगर लकी अली ने अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी है। लकी अली, जो अपने सूफियाना और आध्यात्मिक संगीत के लिए जाने जाते हैं, ने कहा कि कलाकार की असली पहचान उसका दिल है, न कि उसका धर्म।

क्या कहा था जावेद अख्तर ने

एक पब्लिक इवेंट के दौरान जावेद अख्तर ने कहा था कि “आज के दौर में हिंदू और मुस्लिम दोनों को एक-दूसरे को समझने की जरूरत है। लेकिन अक्सर लोग अपनी सोच धर्म की सीमाओं में कैद कर लेते हैं।” उनके इस बयान पर कुछ लोगों ने समर्थन जताया, तो कुछ ने इसे विवादास्पद बताया। सोशल मीडिया पर उनके शब्दों को लेकर गरमागरमी देखने को मिली।

लकी अली का पलटवार

लकी अली ने सोशल मीडिया पर अपनी पोस्ट में लिखा, “कला का कोई धर्म नहीं होता। संगीत इंसानियत की भाषा है, उसे हिंदू या मुस्लिम के तराजू में नहीं तोला जा सकता।” उन्होंने यह भी कहा कि आजकल लोग धर्म के नाम पर जो बहस करते हैं, वह समाज को तोड़ रही है, जोड़ नहीं रही। उनके इस बयान को हजारों लोगों ने सराहा और शेयर किया।

कलाकारों में बढ़ती असहमति

यह पहली बार नहीं है जब बॉलीवुड के दो बड़े कलाकारों के बीच विचारों का टकराव हुआ हो। जहां जावेद अख्तर अपने सामाजिक और राजनीतिक विचारों को खुलकर व्यक्त करते हैं, वहीं लकी अली हमेशा आत्मिक शांति और इंसानियत की बात करते हैं। दोनों की सोच में अंतर ने इस बार बहस को और भी गहरा बना दिया है।

सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

जैसे ही लकी अली की पोस्ट सामने आई, ट्विटर (अब X) और इंस्टाग्राम पर लोगों की राय बंट गई। कुछ ने कहा कि लकी अली ने बहुत सही कहा – कला को धर्म से जोड़ना गलत है। वहीं, जावेद अख्तर के समर्थकों का कहना है कि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। दोनों के फैंस के बीच गर्मागर्म चर्चा जारी है।

लकी अली का दृष्टिकोण

लकी अली हमेशा से ही अध्यात्म और इंसानियत को अपने संगीत का आधार मानते आए हैं। उन्होंने अपने करियर में कभी किसी भी धर्म या राजनीति पर टिप्पणी नहीं की। उनका कहना है कि संगीत वह माध्यम है जो आत्मा को जोड़ता है, और अगर उसमें धर्म की दीवार खड़ी कर दी जाए तो उसका सार ही खत्म हो जाता है।

जावेद अख्तर की ओर से सफाई

बढ़ते विवाद के बीच जावेद अख्तर ने भी सफाई दी है। उन्होंने कहा कि उनका मकसद किसी को आहत करना नहीं था, बल्कि समाज में समझदारी और संवाद बढ़ाना था। उन्होंने कहा, “मेरे शब्दों को गलत संदर्भ में लिया गया। मैंने हमेशा इंसानियत की बात की है, धर्म की नहीं।” हालांकि, लकी अली ने अब तक उनके इस स्पष्टीकरण पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

बॉलीवुड जगत की प्रतिक्रिया

संगीत और फिल्म इंडस्ट्री के कई लोगों ने इस पूरे विवाद पर अपनी राय दी। कुछ ने दोनों कलाकारों के बीच आपसी सम्मान बनाए रखने की अपील की, जबकि कुछ ने कहा कि ऐसी बहसों से कला की पवित्रता को नुकसान पहुंचता है। एक संगीतकार ने लिखा – “दोनों ही महान हैं, लेकिन हमें याद रखना चाहिए कि संगीत सीमाओं से परे होता है।”

मेरा नाम श्वेता गोयल है। मैंने वाणिज्य (Commerce) में स्नातक किया है और पिछले तीन वर्षों से गृहलक्ष्मी डिजिटल प्लेटफॉर्म से बतौर कंटेंट राइटर जुड़ी हूं। यहां मैं महिलाओं से जुड़े विषयों जैसे गृहस्थ जीवन, फैमिली वेलनेस, किचन से लेकर करियर...