Dino Morea News: अभिनेता डीनो मोरिया, जिन्होंने हाल के वर्षों में कई वेब सीरीज और फिल्मों में अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज कराई है, का मानना है कि अभिनय केवल प्रदर्शन (परफॉरमेंस) तक ही सीमित नहीं है, बल्कि एक अभिनेता का लुक (उपस्थिति) भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उनका यह बयान उस बहस को फिर से गरमा सकता है कि क्या बॉलीवुड में प्रतिभा से ज़्यादा बाहरी सुंदरता को महत्व दिया जाता है।
लुक की अहमियत
डीनो मोरिया के अनुसार, “सिर्फ परफॉरमेंस ही सब कुछ नहीं है; आपका लुक भी मायने रखता है।” उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एक अभिनेता को अपनी भूमिका के लिए शारीरिक रूप से भी तैयार रहना चाहिए, क्योंकि यह किरदार में जान डालता है और दर्शकों को आकर्षित करता है। डीनो ने खुद को इसका एक उदाहरण बताया है। उन्होंने ‘द एम्पायर’ में अपने शाइबानी खान के किरदार के लिए गहन तैयारी की थी, जिसमें न सिर्फ अभिनय कौशल बल्कि लुक पर भी काफी ध्यान दिया गया था।
खुद को भूमिका के लिए तैयार करना
डीनो ने बताया कि उन्होंने किस तरह अपने करियर की शुरुआत से ही फिटनेस और शारीरिक बनावट पर ध्यान दिया है। उनका मानना है कि एक अभिनेता को अपनी भूमिका के अनुसार खुद को ढालना चाहिए, चाहे वह वजन बढ़ाना हो, घटाना हो, या कोई विशेष हेयरस्टाइल अपनाना हो। यह न केवल किरदार को विश्वसनीय बनाता है, बल्कि अभिनेता को भी एक बहुमुखी कलाकार के रूप में स्थापित करता है।
इंडस्ट्री का बदलता परिदृश्य
हालांकि, डीनो ने यह भी स्वीकार किया कि आज के समय में इंडस्ट्री पहले से कहीं अधिक प्रतिभा-उन्मुख हो गई है। ओटीटी प्लेटफॉर्म्स के उदय ने विभिन्न प्रकार की कहानियों और किरदारों के लिए जगह बनाई है, जहां सिर्फ अच्छा दिखना ही काफी नहीं है, बल्कि दमदार अभिनय कौशल भी आवश्यक है। फिर भी, वे इस बात पर कायम हैं कि एक अच्छा लुक हमेशा एक अतिरिक्त फायदा हो सकता है, खासकर जब बात पहले प्रभाव की आती है।
डीनो के हालिया प्रोजेक्ट्स और वापसी
डीनो मोरिया ने हाल ही में ‘द एम्पायर’ (The Empire) और ‘फाइट क्लब’ (Fight Club) जैसी वेब सीरीज में अपने अभिनय से दर्शकों और समीक्षकों को प्रभावित किया है। उन्होंने यह साबित किया है कि वे सिर्फ एक सुंदर चेहरा नहीं हैं, बल्कि एक सक्षम अभिनेता भी हैं। उनकी इन भूमिकाओं ने उन्हें एक नई पहचान दी है और उनके करियर को एक नई दिशा मिली है।
डीनो मोरिया का यह बयान अभिनय जगत में लुक और परफॉरमेंस के संतुलन पर एक महत्वपूर्ण बहस छेड़ता है। क्या आप भी मानते हैं कि एक्टिंग में लुक वाकई इतना मायने रखता है?
