AR Rahman In Kashmir
AR Rahman In Kashmir

AR Rahman In Kashmir: इम्तियाज़ अली ने साल 2011 की फिल्म ‘रॉकस्टार’ के लिए जब एआर रहमान के साथ काम किया, तो शुरुआत में उन्हें लगा कि रहमान उनसे दूरी बना रहे हैं। कई मुलाकातों और बातचीत के बावजूद, रहमान उनके कॉल्स और मैसेज का जवाब नहीं दे रहे थे। इम्तियाज़ को लगा कि शायद रहमान इस फिल्म को मना करना चाहते हैं, लेकिन सीधे ना नहीं कह रहे और यह इनडायरेक्ट तरीका है।

इम्तियाज़ ने O2India से बातचीत में उस वक्त को याद करते हुए कहा है, “रहमान सर से कुछ बार मिलने के बाद, एक समय ऐसा आया जब वह बिल्कुल गायब हो गए। मैं उनसे संपर्क नहीं कर पा रहा था और मुझे समझ नहीं आ रहा था कि वो फिल्म कर भी रहे हैं या नहीं। मुझे लगा शायद वो नहीं करना चाहते और इसलिए सीधे मना नहीं कर रहे… दूरी बनाना उनका तरीका है मुझे इशारा देने का।”

इसी उलझन के बीच इम्तियाज़ अली दिल्ली के हज़रत निज़ामुद्दीन दरगाह गए अपनी फिल्म की लोकेशन देखने। वहां किसी ने इम्तियाज़ या उनके असिस्टेंट से कहा: “रहमान सर यहां आए थे और उन्होंने कहा था, ‘मैं हज़रत निज़ामुद्दीन के लिए एक फिल्म और गाना बना रहा हूं’… ये सुनते ही मुझे एहसास हुआ कि ये तो मेरी फिल्म की बात है। तब समझ आया कि वो अपने अंदाज़ में फिल्म कर रहे हैं… न ‘हां’ कह रहे हैं, न ‘ना’ कह रहे हैं।”

इस घटना के बाद इम्तियाज़ को रहमान की वर्किंग स्टाइल और उनके ढंग को समझ में आने लगा। इम्तियाज ने जब रहमान से इस बारे में बात की, तो रहमान ने कहा, “मैंने तो कहा था कि मैं करूंगा। इसमें कोई सवाल ही नहीं है।”

इम्तियाज कहते हैं, रहमान की एक बात है कि वो कभी झूठ नहीं बोलते। अगर उन्होंने आपको दस साल पहले कोई गाना करने का वादा किया हो, तो भी वो निभाएंगे। इसके बाद इम्तियाज़ ने रॉकस्टार की शूटिंग कश्मीर में शुरू की और उन्होंने रहमान को भी वहां बुलाया। इम्तियाज ने याद किया “हम पहलगाम की बर्फ़ीली चोटियों और दरगाहों में गए। उसी दौरान रहमान सर ने गाना फिर से उड़ चला रिकॉर्ड करने का निर्णय लिया।”

इम्तियाज़ अली ने उस मजेदार पल को याद किया जब रहमान ने होटल के रिसेप्शन में रिकॉर्डिंग कंसोल सेट किया। उन्होंने बताया, “रहमान सर ने होटल के रिसेप्शन में रिकॉर्डिंग कंसोल लगा दिया था। वो एक काली टी-शर्ट और ग्रे पैंट में थे। कुछ लड़कियां वहां कोरस गाने आईं और उन्होंने पूछा – ‘म्यूजिक डायरेक्टर कौन है?’ ये लड़कियां फिल्मों या फिल्मी लोगों से ज्यादा वाकिफ नहीं थीं, इसलिए न तो मुझे जानती थीं और न रहमान सर को।

जब उन्होंने पूछा तो मैंने उन्हें चुप रहने का इशारा किया और रिकॉर्डिंग के लिए जगह दिखा दी। रहमान सर टेबल के पीछे से बाहर आए, तो एक लड़की ने फिर से हिम्मत करके पूछा – ‘म्यूजिक डायरेक्टर कौन है?’ तब मैंने रहमान की तरफ इशारा किया और कहा ‘यही हैं, एआर रहमान’।” इम्तियाज़ ने हंसते हुए कहा, “लड़की को विश्वास ही नहीं हुआ। उसने कहा, ‘ये एआर रहमान थोड़ी हैं! मैंने उन्हें देखा है, वो कुछ और दिखते हैं।’ रहमान ने मज़े में कहा – ‘हां, हां छोड़ो, भूल जाओ।’ फिर वो कंसोल के पीछे बैठ गए और रिकॉर्डिंग शुरू कर दी। आख़िर तक इन लड़कियों को रहमान इलेक्ट्रिशियन ही लगते रहे और उन्हें पता ही नहीं चला कि वो असल में सबसे महान संगीतकार के लिए गा रही हैं”।

ढाई दशक से पत्रकारिता में हैं। दैनिक भास्कर, नई दुनिया और जागरण में कई वर्षों तक काम किया। हर हफ्ते 'पहले दिन पहले शो' का अगर कोई रिकॉर्ड होता तो शायद इनके नाम होता। 2001 से अभी तक यह क्रम जारी है और विभिन्न प्लेटफॉर्म के लिए फिल्म समीक्षा...