Overview: कल्कि' से दीपिका के बाहर होने पर निर्देशक का दर्द
'कल्कि 2898 AD' के निर्देशक नाग अश्विन ने कहा है कि फिल्म में दीपिका पादुकोण का किरदार इतना महत्वपूर्ण है कि "अगर आप उनके किरदार को हटा दें तो कोई कहानी नहीं है।" दीपिका फिल्म में एक गर्भवती महिला, सुमति का किरदार निभा रही हैं, जो कल्कि को जन्म देने वाली हैं। नाग अश्विन का यह बयान ऐसे समय में आया है जब यह खबरें चल रही हैं कि दीपिका फिल्म के सीक्वल से बाहर हो सकती हैं।
Kalki 2898 AD Update: ‘कल्कि 2898 AD‘ के निर्देशक नाग अश्विन ने फिल्म में दीपिका पादुकोण के किरदार के महत्व पर एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि अगर दीपिका के किरदार को हटा दिया जाए, तो फिल्म की कहानी का कोई मतलब नहीं रह जाएगा।
नाग अश्विन ने क्या कहा?
नाग अश्विन ने एक इंटरव्यू में दीपिका के किरदार, सुमति (Sumathi), के बारे में बात करते हुए कहा, “दीपिका पादुकोण का किरदार फिल्म में सबसे अहम है। अगर आप उनके किरदार को हटा दें तो कोई कहानी नहीं है।” उन्होंने आगे बताया कि फिल्म में हर किरदार का अपना महत्व है, लेकिन दीपिका का किरदार ही कहानी की रीढ़ है, जो सभी घटनाओं को जोड़ता है।
‘कल्कि 2898 AD’ में दीपिका का किरदार
फिल्म में दीपिका का किरदार एक गर्भवती महिला का है, जो ‘कल्कि’ (भविष्य में आने वाला मसीहा) को जन्म देने वाली है। उनकी गर्भावस्था ही फिल्म की पूरी कहानी को आगे बढ़ाती है। सभी मुख्य किरदार, जैसे अश्वत्थामा (अमिताभ बच्चन), भैरवा (प्रभास) और कल्कि (प्रभास), सीधे तौर पर उनके किरदार से जुड़े हुए हैं। अमिताभ बच्चन का किरदार उनके रक्षक के रूप में काम करता है, जबकि प्रभास का किरदार उन्हें पकड़ने की कोशिश करता है। यह स्पष्ट है कि फिल्म की पूरी कहानी दीपिका के किरदार के इर्द-गिर्द घूमती है, जिससे वह प्रभास के बाद फिल्म की सबसे महत्वपूर्ण अभिनेत्री बन जाती हैं।
यह बयान क्यों है इतना महत्वपूर्ण?

नाग अश्विन का यह बयान ऐसे समय में आया है जब ऐसी खबरें आ रही थीं कि दीपिका पादुकोण ‘कल्कि 2898 AD‘ के सीक्वल से बाहर हो सकती हैं। अगर यह सच है, तो इसका मतलब है कि निर्देशक को सीक्वल की पूरी कहानी को फिर से लिखना पड़ेगा या किसी और अभिनेत्री को लेना होगा। उनका यह बयान यह भी दिखाता है कि वे दीपिका के साथ काम जारी रखना चाहते हैं, क्योंकि उनका किरदार फिल्म के लिए बेहद ज़रूरी है।
मतभेदों का असली कारण
नाग अश्विन का यह बयान कि “अगर आप उनके किरदार को हटा दें तो कोई कहानी नहीं है” उनकी रचनात्मक दृष्टि (creative vision) को दर्शाता है। यह दिखाता है कि वह कहानी के लिए दीपिका के किरदार को कितना जरूरी मानते हैं। हालाँकि, निर्माताओं, वैजयंती मूवीज़, और दीपिका के बीच मतभेद रचनात्मक नहीं, बल्कि व्यावसायिक थे।
टीम और रहने का खर्चा
सूत्रों के अनुसार, दीपिका ने अपनी 25 लोगों की टीम के लिए 5-स्टार होटल में ठहरने और खाने-पीने का खर्च मांगा था। निर्माताओं को लगा कि यह खर्चा उनकी फीस के ऊपर एक अतिरिक्त बोझ है।
लंबी शूटिंग से इनकार
चूंकि ‘कल्कि’ एक VFX-हैवी फिल्म है, इसलिए लंबे समय तक शूटिंग करना जरूरी है। लेकिन दीपिका ने कथित तौर पर एक दिन में सिर्फ 7-8 घंटे काम करने की शर्त रखी थी, जिससे शूटिंग का शेड्यूल और बजट दोनों प्रभावित हो सकते थे।
प्रभास का कोई इंक्रीमेंट नहीं
सूत्रों ने यह भी बताया कि प्रभास ने फिल्म के सीक्वल के लिए अपनी फीस में कोई बढ़ोतरी नहीं मांगी थी, जबकि दीपिका ने 25% इंक्रीमेंट की मांग की थी।
प्रोडक्शन हाउस का आधिकारिक बयान
इन सब अटकलों के बीच, वैजयंती मूवीज़ ने एक आधिकारिक बयान जारी किया था, जिसमें कहा गया था: “हमने एक साझेदारी खोजने के लिए लंबी यात्रा की, लेकिन हम सफल नहीं हुए। और ‘कल्कि’ जैसी फिल्म को उस कमिटमेंट और उससे कहीं ज्यादा की जरूरत है।” यह बयान सीधे तौर पर दीपिका की व्यावसायिक मांगों पर इशारा करता है, न कि उनके अभिनय या किरदार के महत्व पर।
पुराना विवाद सामने आया
दीपिका के ‘कल्कि’ से बाहर होने के बाद, फिल्म निर्माता रमेश तौरानी का 2012 का एक पुराना इंटरव्यू फिर से वायरल हो गया। उस इंटरव्यू में तौरानी ने दीपिका को ‘पेशेवर’ नहीं बताया था जब उन्होंने उनकी फिल्म ‘रेस 2’ (Race 2) से बाहर होने का फैसला किया था। यह घटना एक बार फिर से इस बहस को हवा दे रही है कि क्या बड़े सितारे अपनी शर्तों को लेकर बहुत ज्यादा अड़ियल हो जाते हैं।
ये सभी विवरण यह दर्शाते हैं कि नाग अश्विन और प्रोडक्शन हाउस की सोच में फर्क था। जहाँ निर्देशक कहानी को बचाने की कोशिश कर रहे थे, वहीं निर्माता व्यावसायिक पहलू को प्राथमिकता दे रहे थे, जिसके कारण अंततः दीपिका को फिल्म से बाहर किया गया।
फिल्म की लागत और तकनीकी पहलू
बजट: ‘कल्कि 2898 AD’ को भारतीय सिनेमा की सबसे महंगी फिल्मों में से एक माना जाता है, जिसका अनुमानित बजट लगभग 600 करोड़ रुपये है।
VFX: फिल्म में भारी मात्रा में विजुअल इफेक्ट्स (VFX) का इस्तेमाल किया गया है, जिसकी तुलना हॉलीवुड फिल्मों से की जा रही है।
सेट डिजाइन: फिल्म में बनाए गए भव्य और futuristic सेट काफी चर्चा में हैं, जो भविष्य की दुनिया को दर्शाते हैं।
