Three women in yellow cricket uniforms stand by a bed, while another woman sits on it talking.
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Summary: जॉय पर्सनल ने WPL के दौरान पेश किया बहनहुड अभियान, महिलाओं के सशक्तिकरण का प्रतीक

जॉय पर्सनल केयर का ‘बहनहुड’ अभियान महिलाओं के बीच सहयोग और अपनापन को उजागर करता है, दिखाते हुए कि असली ताकत व्यक्तिगत उपलब्धियों में नहीं, बल्कि सामूहिक समर्थन में है। यूपी वॉरियर्स के साथ इस साझेदारी के ज़रिए ब्रांड मैदान और जीवन के हर पल में महिलाओं के साथ खड़ा है।

Behenhood Campaign WPL 2026: जब महिलाएं एक-दूसरे का हाथ थामती हैं, तो बदल जाते हैं नियम, टूट जाते हैं सीमाएं और बनती हैं नई कहानियां। इसी जश्न को सामने लाते हुए, आरएसएच ग्लोबल समूह के अग्रणी भारतीय स्किनकेयर ब्रांड जॉय पर्सनल केयर ने महिला प्रीमियर लीग (WPL) के रंगीन मंच पर लॉन्च किया अपना नया डिजिटल अभियान ‘बहनहुड’। यह सिर्फ एक कैंपेन नहीं, बल्कि महिलाओं की एक-दूसरे को आगे बढ़ाने और साथ खड़े होने की अनकही ताकत का जश्न है।

यूपी वॉरियर्स के साथ अपनी स्किनकेयर साझेदारी के जरिए जॉय पर्सनल ने उन छोटे-छोटे पलों को कैमरे के सामने लाया है, जब टीम के अंदर सहयोग, अपनापन और सच्चा बहनापा दिखता है। हर हँसी, हर जीत की खुशी, हर चिंता और हर प्रोत्साहन…ये वो पल हैं जो बतलाते हैं कि असली ताकत केवल व्यक्तिगत उपलब्धियों में नहीं, बल्कि सामूहिक सशक्तिकरण और आपसी समर्थन में है।

इस अभियान के ज़रिए ब्रांड ने साफ़ कर दिया है कि यह सिर्फ मैदान पर ही नहीं, बल्कि जीवन के हर महत्वपूर्ण पल में महिलाओं के साथ खड़ा है, और उनके सशक्तिकरण, समावेशन और विविधता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को पूरे जज़्बात के साथ पेश करता है।

‘बहनहुड’ केवल एक अभियान नहीं, बल्कि महिलाओं के खेल में लंबे समय से मौजूद एक गहरी सांस्कृतिक सच्चाई है। यह दबाव, अनुशासन, संवेदनशीलता और महत्वाकांक्षा के दौर में एक-दूसरे का साथ देने की उस शांत लेकिन मजबूत ताकत को दर्शाता है, जो मैदान के भीतर और बाहर दिखाई देती है।

यह भावना एक-दूसरे की जीत का जश्न मनाने, असफलताओं में साथ खड़े रहने, छोटे-छोटे देखभाल भरे इशारों और व्यक्तिगत पहचान से ऊपर सामूहिक सफलता को चुनने में नजर आती है। जहां पुरुषों के खेल में ‘ब्रदरहुड’ की बात लंबे समय से होती रही है, वहीं महिलाओं की टीमों ने मैदान, ड्रेसिंग रूम और सुर्खियों से दूर हर दिन ‘बहनहुड’ को जिया है।

‘बहनहुड’ के ज़रिए जॉय पर्सनल केयर खुद को सिर्फ जर्सी पर मौजूद एक लोगो तक सीमित नहीं रखता, बल्कि जीवन के महत्वपूर्ण पलों का साथी बनकर सामने आता है। यह कैंपेन पूरे सीज़न में यूपी वॉरियर्स की खिलाड़ियों पर आधारित फिल्मों की एक सीरीज़ के ज़रिए जीवंत किया जाएगा।

पहले डिजिटल वीडियो कमर्शियल (DVC) में दीप्ति शर्मा, हरलीन देओल और फ़ीबी लिचफ़ील्ड के साथ-साथ इन्फ्लुएंसर मीथिका द्विवेदी नजर आती हैं। यह सीरीज़ खिलाड़ियों के बीच की दोस्ती, हास्य, मैच-डे की रस्मों और भावनात्मक सहयोग जैसे पलों को दर्शाती है, जो सच्चे बहनापे की पहचान हैं।

जॉय पर्सनल केयर (आरएसएच ग्लोबल) के को-फ़ाउंडर और चेयरमैन सुनील अग्रवाल ने कहा कि उन्हें यूपी वॉरियर्स के साथ एक और सीजन के लिए साझेदारी जारी रखने पर गर्व है। उनके अनुसार, महिलाओं को सशक्त बनाना हमेशा से ब्रांड के उद्देश्य का केंद्र रहा है और ‘बहनहुड’ उसी सामूहिक ताकत का उत्सव है, जो महिलाओं के एक-दूसरे का साथ देने से पैदा होती है।

उन्होंने कहा कि ब्रांड को उन खिलाड़ियों का समर्थन करने पर गर्व है, जो मजबूती, महत्वाकांक्षा और सामूहिक विकास का प्रतीक हैं, और जॉय पर्सनल केयर मैदान के अंदर और बाहर उनकी प्रेरणादायक यात्रा में उनके साथ खड़ा है।

Three women in yellow UP Warriorz cricket jerseys indoors, smiling; one holds a bat.

जॉय पर्सनल केयर की सीएमओ पौलोमी रॉय ने कहा कि ‘बहनहुड’ अभियान का विचार आज के महिला क्रिकेट में दिख रहे सकारात्मक बदलाव से प्रेरित है। उन्होंने बताया कि लंबे समय तक व्यक्तिगत उपलब्धियों पर ध्यान दिया गया, लेकिन असली शक्ति तब सामने आती है जब महिलाएं एक टीम के रूप में एकजुट होती हैं, दबाव में एक-दूसरे का साथ देती हैं और हर जीत को साझा खुशी में बदलती हैं।

उनके मुताबिक, यह अभियान सिर्फ सुर्खियों में आने वाले पलों के बारे में नहीं, बल्कि पूरे साल सामूहिक भावना, देखभाल और साझा सफलता के समर्थन का प्रतीक है।

कैप्री स्पोर्ट्स के सीओओ क्षेमल वाइंगंकर ने कहा कि यूपी वॉरियर्स में टीम की असली पहचान सिर्फ प्रतिभा से नहीं, बल्कि इस बात से बनती है कि खिलाड़ी हर दिन एक-दूसरे के लिए कैसे खड़े होते हैं। उनके अनुसार, ‘बहनहुड’ उस भावना को पूरी तरह दर्शाता है, जो महिला खेलों को आगे बढ़ाती है।

उन्होंने जॉय पर्सनल केयर के साथ साझेदारी को खास बताते हुए कहा कि यह सहयोग मैदान से बाहर तक इन मूल्यों को पहुंचाता है और यह संदेश देता है कि जब महिलाएं महिलाओं का साथ देती हैं, तो उसका असर खेल से कहीं आगे तक जाता है।

सोनल शर्मा एक अनुभवी कंटेंट राइटर और पत्रकार हैं, जिन्हें डिजिटल मीडिया, प्रिंट और पीआर में 20 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने दैनिक भास्कर, पत्रिका, नईदुनिया-जागरण, टाइम्स ऑफ इंडिया और द हितवाद जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में काम किया...