Summary : जैकी ने माना... उनसे गलती हुई
जैकी ने माना है कि उन्हें यह समझने में बहुत देर हो गई कि लगातार आलोचना करने से बच्चे सुधरते नहीं, बल्कि डर जाते हैं।
Jackie Chan Son: एक्शन, मार्शल आर्ट और कॉमेडी से दुनिया भर में पहचान बनाने वाले जैकी चैन इस बार सुर्खियों में अपनी फिल्म के कारण नहीं, बल्कि उनकी बेहद निजी स्वीकारोक्ति है। 71 साल के जैकी चैन ने मंच पर खड़े होकर अपने पिता होने की भूमिका पर खुलकर बात की और वह बातें कहीं, जो किसी भी माता-पिता को सोचने पर मजबूर कर दें। एक इवेंट के दौरान जैकी चैन ने अपनी नई फिल्म का ज़िक्र किया। इस फिल्म में पिता-पुत्र के बीच सुलह का एक दृश्य है, जिसने उन्हें अंदर तक छू लिया। उन्होंने कहा कि उस सीन को देखकर उन्हें अपनी जिंदगी याद आ गई। उन्हें लगा काश उनके और उनके बेटे जेसी चैन के रिश्ते में भी वैसी ही नजदीकी होती। जेसी अब 43 साल के हैं, लेकिन पिता-पुत्र के बीच दूरी अब भी जैकी को चुभती है।
जैकी चैन ने माना कि उनके और जैसी के रिश्ते में तनाव कोई नई बात नहीं है। भले ही इस पर कोई आधिकारिक बयान न हो, लेकिन लंबे समय से यह कहा जाता रहा है कि उनकी बहुत सख़्त परवरिश ने बेटे को उनसे दूर कर दिया। अब खुद जैकी ने भी यह स्वीकार कर लिया है कि उन्होंने अपने बेटे को सही तरीके से नहीं समझा।
खूब भला-बुरा कहा बेटे को…

जैकी ने बड़ी ईमानदारी से कहा, “पहले जब भी मैं अपने बेटे को देखता था, उसे डांटता था। जब भी टीवी पर जाता था, उसकी आलोचना करता था। मैंने उससे कभी एक भी अच्छा शब्द नहीं कहा।” यह कहते हुए जैकी ने साफ माना कि वह गलत थे। उनके मुताबिक, शिक्षा और परवरिश का तरीका ऐसा नहीं होना चाहिए। बच्चों को डराकर नहीं, समझाकर आगे बढ़ाया जाना चाहिए। जैकी ने यह भी कहा कि उन्हें यह समझने में बहुत देर हो गई कि लगातार आलोचना करने से बच्चे सुधरते नहीं, बल्कि डर जाते हैं। उन्हें आज लगता है कि अगर उन्होंने अपने बेटे को थोड़ा और आज़ादी दी होती, तो शायद रिश्ता इतना दूर न जाता।
ना कोई शिकायत, ना अपेक्षा
एक और बात का जिक्र करते हुए जैकी थोड़े भावुक हो गए। उन्होंने बताया कि जैसी पहले उन्हें साल में एक बार.. केवल उनके जन्मदिन पर फोन किया करता था। लेकिन एक दिन जैकी ने उसे इस बात पर डांट दिया कि वह सिर्फ उसी दिन फोन क्यों करता है और ज़्यादा बात क्यों नहीं करता। आज जैकी को उस डांट का अफ़सोस है। इसके बाद धीरे-धीरे जैसी के फोन भी बंद हो गए। जैकी चैन ने साफ कहा कि उम्र के साथ उन्हें यह एहसास हुआ कि उन्होंने अपने बेटे की परवरिश सही तरीके से नहीं की। आज उनके दिल में कोई शिकायत नहीं है, कोई अपेक्षा नहीं है। वह बस एक ही बात चाहते हैं, “मेरा बेटा खुश रहे और सुरक्षित रहे।” शायद देर से सही, लेकिन जैकी चैन अब यह समझ चुके हैं कि रिश्तों को जोड़ने के लिए तारीफ़, अपनापन और आज़ादी… डांट से कहीं ज़्यादा ज़रूरी होती है।
